- 42 जिलों के 7,220 गांवों में 3.94 लाख महिलाएं दुग्ध उत्पादन से जुड़ीं, 72,669 बनीं लखपति दीदी; अब 75 जिलों तक विस्तार की तैयारी
भारत 19
लखनऊ। उत्तर प्रदेश के गांवों में दूध महिलाओं की कमाई का नया आधार बन रहा है। प्रदेश के 42 जिलों के 7,220 गांवों में 3.94 लाख महिला सदस्य दुग्ध उत्पादन से जुड़ी हैं और इनमें 72,669 महिलाएं लखपति दीदी बन चुकी हैं। इस नेटवर्क से रोज करीब 10.77 लाख लीटर दूध का उत्पादन हो रहा है। अब सरकार इस मॉडल को प्रदेश के सभी 75 जिलों के गांव-गांव तक पहुंचाने की तैयारी में है।

5,839 करोड़ के कारोबार से मजबूत हुआ मॉडल
खाद्य प्रसंस्करण विभाग और उत्तर प्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन की संयुक्त बैठक में उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने दुग्ध योजना के विस्तार के निर्देश दिए। मौजूदा दुग्ध नेटवर्क से 5,839 करोड़ रुपये का कारोबार हुआ है, जिसमें 133 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ दर्ज किया गया है। सरकार अब महिलाओं के साथ किसानों और युवाओं को भी दुग्ध उत्पादन और इससे जुड़े कारोबार से जोड़ने पर जोर दे रही है। इसका मकसद गांवों में आय के स्थायी स्रोत और रोजगार के नए अवसर बढ़ाना है।
पांच कंपनियों के जरिए गांवों तक पहुंचा नेटवर्क
प्रदेश में पांच मिल्क प्रोड्यूसर कंपनियों के जरिए ग्रामीण महिलाओं को दुग्ध उत्पादन से जोड़ा गया है। बलिनी मिल्क प्रोड्यूसर कंपनी से सात जिलों के 1,440 गांवों में 95,100 सदस्य जुड़े हैं। यहां रोज 2.50 लाख लीटर दूध का उत्पादन हो रहा है। काशी मिल्क प्रोड्यूसर कंपनी से 10 जिलों के 1,770 गांवों में 55,000 सदस्य जुड़े हैं और रोज 1.60 लाख लीटर दूध का उत्पादन हो रहा है। वहीं सामार्थ्या मिल्क प्रोड्यूसर कंपनी से 10 जिलों के 1,550 गांवों में एक लाख सदस्य जुड़े हैं। बाबा गोरखनाथ कृपा मिल्क प्रोड्यूसर कंपनी से सात जिलों के 1,160 गांवों में 73,283 सदस्य और सृजनी मिल्क प्रोड्यूसर कंपनी से आठ जिलों के 1,900 गांवों में 71,320 सदस्य जुड़े हुए हैं।
42 से 75 जिलों तक होगा दुग्ध मॉडल का विस्तार
सरकार का अगला लक्ष्य मौजूदा 42 जिलों से आगे बढ़कर सभी 75 जिलों में दुग्ध उत्पादन का नेटवर्क खड़ा करना है। इसके लिए ग्राम स्तर पर विशेष जागरूकता अभियान चलाने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि पात्र महिलाओं और ग्रामीण परिवारों को योजना की जानकारी मिल सके। पंजीकरण और आवेदन प्रक्रिया को आसान बनाने के साथ जरूरी दस्तावेज जुटाने में भी विभागीय स्तर पर सहयोग देने को कहा गया है। इससे ज्यादा ग्रामीण परिवारों को योजना से जोड़ने का रास्ता आसान होगा।
लखपति दीदी अभियान से जोड़ा दुग्ध कारोबार
दुग्ध उत्पादन को सरकार ग्रामीण महिलाओं की नियमित आय बढ़ाने वाले कारोबार के रूप में आगे बढ़ा रही है। इसका असर केवल महिला की आय तक सीमित नहीं है, बल्कि इससे परिवार की कमाई, पशुपालन और गांव के स्थानीय रोजगार को भी सहारा मिल रहा है। उपमुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के महिला सशक्तिकरण और लखपति दीदी के संकल्प को उत्तर प्रदेश में ग्रामीण अर्थव्यवस्था से जोड़ा जा रहा है। सरकार इस मॉडल को ज्यादा गांवों तक ले जाकर अधिक महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने पर जोर दे रही है।


