- चार दिवसीय यात्रा में उज्बेकिस्तान और किर्गिस्तान जाएंगे प्रधानमंत्री, 31 अगस्त को SCO Summit के इतर पुतिन से द्विपक्षीय बैठक, शी जिनपिंग समेत कई नेताओं से मुलाकात पर भी नजर
भारत 19 डेस्क
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शनिवार को चार दिवसीय मध्य एशिया दौरे पर रवाना हो गए। यात्रा के पहले चरण में वे उज्बेकिस्तान पहुंचेंगे, जहां राष्ट्रपति शौकत मिर्जियोयेव के साथ द्विपक्षीय वार्ता करेंगे। इसके बाद 31 अगस्त को वे किर्गिस्तान की राजधानी बिश्केक में होने वाले शंघाई सहयोग संगठन (SCO) शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेंगे। दौरे का सबसे अहम कूटनीतिक पड़ाव 31 अगस्त को होने वाली मोदी-पुतिन वार्ता होगी। विदेश मंत्रालय ने दोनों नेताओं की द्विपक्षीय बैठक की पुष्टि की है। SCO Summit के इतर होने वाली इस बैठक में भारत-रूस संबंधों के साथ व्यापार, ऊर्जा, उर्वरक आपूर्ति और क्षेत्रीय एवं वैश्विक मुद्दों पर चर्चा होने की उम्मीद है।
यह मुलाकात ऐसे समय हो रही है, जब पश्चिम एशिया का संकट और रूस पर अमेरिकी प्रतिबंध वैश्विक ऊर्जा एवं व्यापार व्यवस्था को प्रभावित कर रहे हैं। ऐसे में भारत-रूस के बीच ऊर्जा और उर्वरक आपूर्ति के साथ आर्थिक सहयोग भी बातचीत के अहम मुद्दे हो सकते हैं। SCO Summit में चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग समेत कई देशों के नेता शामिल होंगे। प्रधानमंत्री मोदी की अन्य नेताओं के साथ द्विपक्षीय मुलाकातों पर भी नजर रहेगी। आतंकवाद, क्षेत्रीय सुरक्षा और स्थिरता के अलावा मध्य एशिया के साथ भारत की रणनीतिक साझेदारी, व्यापार, ऊर्जा और कनेक्टिविटी भी प्रमुख मुद्दे होंगे। प्रधानमंत्री का यह दौरा मध्य एशिया में भारत की रणनीतिक और आर्थिक मौजूदगी मजबूत करने के लिहाज से महत्वपूर्ण है। खासकर मोदी-पुतिन वार्ता को भारत-रूस संबंधों और बदलती वैश्विक भू-राजनीति के संदर्भ में अहम माना जा रहा है।


