- फजलगंज पुलिस ने 85 एटीएम-क्रेडिट कार्ड, 37 सिम और 11 मोबाइल बरामद किए; 100 करोड़ से अधिक की ठगी में नेटवर्क के शामिल होने की आशंका
भारत 19 कानपुर। कानपुर में साइबर ठगी के एक बड़े नेटवर्क का खुलासा हुआ है। फजलगंज पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जिनके तार दुबई में बैठे कथित सरगना से जुड़े बताए जा रहे हैं। पुलिस के मुताबिक गिरोह का मुख्य संचालक सुल्तान मिर्जा दुबई में रहकर नेटवर्क चला रहा था। पुलिस को इस सिंडिकेट के देश-विदेश में 100 करोड़ रुपये से अधिक की साइबर ठगी से जुड़े होने की आशंका है। पुलिस ने दादानगर ढाल के पास एक स्विफ्ट कार से कपिल वर्मा उर्फ कपिल देव उर्फ शर्टी, अभय प्रताप और रोहित सिंह उर्फ रुद्र प्रताप सिंह को गिरफ्तार किया। उनके पास से बड़ी संख्या में बैंकिंग दस्तावेज, एटीएम-क्रेडिट कार्ड, सिम कार्ड और इलेक्ट्रॉनिक उपकरण बरामद हुए हैं।
पुलिस के मुताबिक आरोपियों के कब्जे से तीन लैपटॉप, 11 मोबाइल फोन, चार पीओएस मशीन, 85 एटीएम-क्रेडिट कार्ड, 37 सिम कार्ड, 15 चेकबुक, 18 पासबुक और चार रजिस्टर बरामद किए गए। आधार कार्ड की छाया प्रतियां, इंक पैड, पेन, यूपीआई क्यूआर कोड, निजी फर्मों के 26 आवेदन पत्र, मारुति स्विफ्ट कार और 1300 रुपये नकद भी मिले। बरामद सामान के आधार पर पुलिस बैंक खातों, सिम कार्ड और डिजिटल लेनदेन की कड़ियां जोड़ने में जुटी है।
पुलिस की पूछताछ में आरोपियों के साइबर ठगी के तरीके की जानकारी सामने आई। पुलिस के अनुसार आरोपी आर्थिक रूप से कमजोर और सीधे-सादे लोगों को बहला-फुसलाकर उनके आधार कार्ड, पैन कार्ड और फोटो हासिल करते थे। इसके बाद उनके नाम पर बैंक खाते खुलवाकर खाते के साथ जुड़े एटीएम कार्ड, ऑनलाइन बैंकिंग आईडी-पासवर्ड और सिम कार्ड अपने कब्जे में ले लेते थे। पुलिस के मुताबिक इन बैंक खातों का इस्तेमाल साइबर ठगी से हासिल रकम के लेनदेन के लिए किया जाता था। इसके बदले आरोपियों को प्रत्येक खाते में होने वाले लेनदेन पर कमीशन मिलता था।
कानपुर से लखनऊ और आगरा तक जुड़े तार
पुलिस के मुताबिक इस साइबर ठगी नेटवर्क के तार कानपुर के अलावा लखनऊ और आगरा समेत कई शहरों से जुड़े मिले हैं। जांच में सुल्तान मिर्जा, जगदीश उर्फ जगदीश, केपी और अन्य सात-आठ लोगों की भूमिका सामने आई है। पुलिस टीमें इनकी तलाश में जुटी हैं। पुलिस अब यह पता लगा रही है कि नेटवर्क से कितने बैंक खाते जुड़े थे और इन खातों के जरिए कितनी रकम का लेनदेन किया गया।
दुबई में बैठकर नेटवर्क चलाने का आरोप
पुलिस के मुताबिक गिरोह का मुख्य संचालक सुल्तान मिर्जा वर्तमान में दुबई में रह रहा है। आरोप है कि वह वहीं से नेटवर्क से जुड़े लोगों को संचालित कर रहा था। गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ के आधार पर पुलिस उसके संपर्कों, बैंक खातों और गिरोह के दूसरे सदस्यों की जानकारी जुटा रही है। पुलिस संभावित अंतरराष्ट्रीय कनेक्शन की भी जांच कर रही है।
100 करोड़ से अधिक ठगी की आशंका
पुलिस ने गिरोह के देश-विदेश में 100 करोड़ रुपये से अधिक की धोखाधड़ी में शामिल होने की आशंका जताई है। हालांकि यह रकम अभी पुलिस की जांच का हिस्सा है। बैंक खातों और डिजिटल लेनदेन की जांच पूरी होने के बाद ही वास्तविक रकम स्पष्ट होगी। फजलगंज थाने में संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर विधिक कार्रवाई की जा रही है। पुलिस गिरफ्तार आरोपियों के आपराधिक इतिहास की भी जांच कर रही है।


