- गंगा बैराज पर जलस्तर 114.300 मीटर, 31 अगस्त से पूर्वी यूपी में फिर बारिश के आसार
भारत 19
कानपुर। कानपुर में गंगा का जलस्तर चेतावनी निशान के ऊपर पहुंच गया है, जबकि प्रदेश में अगले दो दिन भारी बारिश से राहत मिलने के आसार हैं। कानपुर बैराज पर शुक्रवार सुबह गंगा का जलस्तर 114.300 मीटर दर्ज किया गया, जो चेतावनी स्तर से 30 सेंमी ऊपर है। हालांकि नदी अभी खतरे के निशान से 70 सेंमी नीचे है। मौसम विभाग ने 29 और 30 अगस्त को उत्तर प्रदेश में भारी बारिश की चेतावनी नहीं दी है। राहत का यह दौर ज्यादा लंबा नहीं रहने वाला है। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक 31 अगस्त से पूर्वी उत्तर प्रदेश में फिर भारी बारिश हो सकती है।
कानपुर बैराज पर चेतावनी निशान से ऊपर गंगा
29 अगस्त सुबह कानपुर बैराज पर गंगा का अपस्ट्रीम जलस्तर 114.300 मीटर और डाउनस्ट्रीम जलस्तर 114.070 मीटर रहा। बैराज से 3,70,392 क्यूसेक पानी का डिस्चार्ज दर्ज किया गया। यहां चेतावनी स्तर 114 मीटर और खतरे का निशान 115 मीटर है। यानी गंगा चेतावनी स्तर पार कर चुकी है, लेकिन अभी खतरे के निशान से 70 सेंमी नीचे है। खतरे के स्तर पर बैराज से निर्धारित डिस्चार्ज 5,44,373 क्यूसेक है। मौजूदा डिस्चार्ज इससे काफी कम है। फिलहाल सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि नदी का जलस्तर चेतावनी सीमा के ऊपर बना हुआ है।
हरिद्वार और नरौरा से पानी का डिस्चार्ज जारी
ऊपरी बैराजों से पानी का डिस्चार्ज भी जारी है। शुक्रवार सुबह आठ बजे हरिद्वार बैराज से 67,871 क्यूसेक और नरौरा बैराज से 77,819 क्यूसेक पानी छोड़े जाने की रिपोर्ट है। गंगा का जलस्तर सिर्फ कानपुर में हुई बारिश पर निर्भर नहीं करता। ऊपरी जलग्रहण क्षेत्रों में बारिश और बैराजों से छोड़े गए पानी का असर भी नदी के स्तर पर पड़ता है। इसलिए स्थानीय बारिश में कमी आने के बावजूद गंगा के जलस्तर में तत्काल गिरावट जरूरी नहीं है।
31 अगस्त से पूर्वी यूपी में फिर तेज बारिश
दो दिन की राहत के बाद मौसम फिर करवट ले सकता है। आईएमडी के पूर्वानुमान के मुताबिक 31 अगस्त से पूर्वी उत्तर प्रदेश में भारी बारिश के आसार हैं। इसका मतलब मानसून गतिविधियां खत्म नहीं हुई हैं। बारिश का क्षेत्र और तीव्रता बदल रही है। ऐसे में कानपुर और मध्य उत्तर प्रदेश में भी अगले कुछ दिनों के मौसम के साथ गंगा के जलस्तर पर नजर रखना जरूरी होगा।
बारिश कम होने से नदी का खतरा खत्म नहीं
कानपुर की मौजूदा स्थिति मौसम और नदी के बीच अंतर को साफ दिखाती है। स्थानीय बारिश में अगले दो दिन कमी आ सकती है, लेकिन गंगा पहले ही चेतावनी स्तर पार कर चुकी है। इसलिए बारिश थमने को गंगा के जलस्तर में तत्काल राहत का संकेत नहीं माना जा सकता। ऊपरी क्षेत्रों से आने वाला पानी और बैराजों का डिस्चार्ज नदी के स्तर को प्रभावित करता रहेगा।


