- रसुवा की विनाशकारी आपदा के बाद उत्तर प्रदेश में मिले शवों ने बढ़ाई हलचल, अब नेपाल में लापता लोगों से संबंध जोड़ने की कवायद
भारत 19 डेस्क
नेपाल के रसुवा में आई विनाशकारी बाढ़ का असर अब भारत तक पहुंचने की आशंका ने नई चिंता खड़ी कर दी है। उत्तर प्रदेश में मिले शवों के बाद जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि क्या इनका संबंध नेपाल की आपदा में लापता लोगों से है। आपदा के बाद बड़ी संख्या में लोग अब भी लापता हैं। ऐसे में उत्तर प्रदेश के महराजगंज और कुशीनगर में शव मिलने के बाद जांच का नया सिरा खुल गया है। अब सबसे अहम सवाल यही है कि क्या नेपाल की बाढ़ में बिछड़े लोगों का कोई सुराग भारत की जमीन तक पहुंचा है।
अब पहचान से जुड़ेगा नेपाल बाढ़ का सिरा
बरामद शवों की पहचान को लेकर स्थानीय स्तर पर जरूरी कार्रवाई शुरू कर दी गई है। जांच एजेंसियां उपलब्ध सूचनाओं के आधार पर यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि इन शवों का संबंध नेपाल के रसुवा क्षेत्र में आई विनाशकारी बाढ़ से है या नहीं। यदि पहचान या अन्य उपलब्ध साक्ष्यों से कोई संबंध स्थापित होता है तो नेपाल आपदा का यह एक नया और महत्वपूर्ण पहलू होगा। तब भारत में मिली बरामदगी नेपाल में लापता लोगों की तलाश से सीधे जुड़ जाएगी।

नेपाल में तलाश, भारत में खुला जांच का नया मोर्चा
नेपाल में आपदा के बाद से लापता लोगों की तलाश जारी है। दूसरी ओर उत्तर प्रदेश में मिली बरामदगी ने जांच एजेंसियों के सामने नई जिम्मेदारी खड़ी कर दी है। अब दोनों तरफ मौजूद सूचनाओं को जोड़कर तस्वीर साफ करने की कोशिश होगी। नेपाल में जिन लोगों के बारे में अब तक कोई जानकारी नहीं मिल सकी है, उनकी सूची और भारत में मिले शवों से जुड़े उपलब्ध विवरण जांच की दिशा तय कर सकते हैं। यही इस घटनाक्रम की सबसे बड़ी मानवीय चुनौती भी है।
उम्मीद और आशंका के बीच परिवार
नेपाल में कई परिवार अब भी अपने लोगों के लौटने की उम्मीद लगाए हुए हैं। संपर्क टूटने और कोई ठोस जानकारी न मिलने के कारण हर नई सूचना उनके लिए महत्वपूर्ण है। उत्तर प्रदेश में मिली बरामदगी भी ऐसे ही सवाल खड़े करती है। यदि शवों की पहचान होती है और उनका संबंध नेपाल आपदा से स्थापित होता है तो कुछ परिवारों को अपने लापता परिजनों के बारे में जवाब मिल सकता है। लेकिन वह जवाब राहत से ज्यादा एक भयावह सच भी साबित हो सकता है।
पहचान के बाद ही खुलेगा असली राज
फिलहाल इस पूरे घटनाक्रम का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा अभी बाकी है कि बरामद शवों की पहचान और नेपाल की बाढ़ से उनके संबंध की पुष्टि। यही जांच तय करेगी कि नेपाल की रसुवा आपदा का एक मानवीय सिरा वास्तव में भारत तक पहुंचा है या नहीं। जब तक पहचान की प्रक्रिया पूरी नहीं होती, तब तक महराजगंज और कुशीनगर में मिली यह बरामदगी एक बड़े सवाल के साथ खड़ी है कि नेपाल में लापता हुए लोग आखिर कहां तक बहकर पहुंचे?


