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लखनऊ। उत्तर प्रदेश में 60 वर्ष या उससे अधिक उम्र की महिलाओं के लिए मुफ्त बस यात्रा की व्यवस्था अब जमीन पर लागू हो गई है। परिवहन निगम ने इस संबंध में संचालन संबंधी निर्देश जारी कर दिए हैं। इसके तहत पात्र बुजुर्ग महिलाएं रोडवेज की निर्धारित बस सेवाओं में बिना किराया दिए यात्रा कर सकेंगी। यात्रा के दौरान उन्हें अपना आधार कार्ड या मतदाता पहचान पत्र दिखाना होगा। पहचान और उम्र का सत्यापन होने के बाद परिचालक इलेक्ट्रॉनिक टिकटिंग मशीन से शून्य मूल्य का टिकट जारी करेगा। यानी यात्रा मुफ्त होगी, लेकिन यात्रियों के लिए टिकट लेना अनिवार्य रहेगा।
स्मार्ट कार्ड के लिए इंतजार जरूरी नहीं
मुफ्त यात्रा का लाभ लेने के लिए फिलहाल बुजुर्ग महिलाओं को स्मार्ट कार्ड बनवाने की जरूरत नहीं है। परिवहन निगम की ओर से स्मार्ट कार्ड तैयार किए जाने की प्रक्रिया अलग से चलेगी। तब तक आधार अथवा वोटर आईडी के जरिए पात्रता साबित कर महिलाएं यात्रा कर सकती हैं। पहचान पत्र में दर्ज जन्मतिथि के आधार पर 60 वर्ष की उम्र पूरी होने की पुष्टि की जाएगी।
जीरो टिकट से दर्ज होगी मुफ्त यात्रा
योजना में मुफ्त सफर के बावजूद टिकटिंग व्यवस्था को खत्म नहीं किया गया है। परिचालक यात्रा का विवरण इलेक्ट्रॉनिक टिकटिंग मशीन में दर्ज करने के बाद जीरो फेयर टिकट देगा। इससे परिवहन निगम के पास यह रिकॉर्ड रहेगा कि किस मार्ग पर कितनी पात्र महिलाओं ने योजना का लाभ लिया। इसी आधार पर मुफ्त यात्राओं के बदले सरकार से परिवहन निगम को प्रतिपूर्ति की प्रक्रिया भी आगे बढ़ेगी।
साधारण रोडवेज बसों में मिलेगी सुविधा
मुफ्त यात्रा की सुविधा उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम की निर्धारित साधारण बस सेवाओं में उपलब्ध होगी। योजना का लाभ लेने वाली महिला को यात्रा के समय पहचान पत्र अपने पास रखना होगा। निजी बसों अथवा परिवहन निगम की योजना के दायरे से बाहर की सेवाओं में यह सुविधा लागू नहीं होगी।
60 साल की उम्र पूरी होना मुख्य शर्त
योजना का लाभ पाने के लिए सबसे अहम पात्रता 60 वर्ष या उससे अधिक उम्र है। सरकार ने इसे बुजुर्ग महिलाओं के लिए दीर्घकालिक सुविधा के रूप में लागू किया है। पात्र महिला को हर यात्रा के लिए अलग से योजना में आवेदन करने की जरूरत नहीं होगी। बस में पहचान पत्र दिखाकर उम्र सत्यापित कराने के बाद जीरो टिकट लिया जा सकेगा।
एक करोड़ से ज्यादा महिलाओं को लाभ
सरकार का अनुमान है कि इस योजना से प्रदेश की एक करोड़ से अधिक महिलाएं लाभान्वित हो सकती हैं। योजना का उद्देश्य उम्रदराज महिलाओं के लिए सार्वजनिक परिवहन को अधिक सुलभ बनाना और यात्रा पर होने वाले आर्थिक खर्च को कम करना है। सरकार ने इसके लिए परिवहन निगम को होने वाले राजस्व नुकसान की भरपाई करने की व्यवस्था भी की है।
28 अगस्त से शुरू हो चुका है मुफ्त सफर
‘लोकमाता अहिल्याबाई मातृशक्ति यात्रा योजना’ को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 26 अगस्त को शुरू किया था। इसके बाद 28 अगस्त से पात्र महिलाओं को मुफ्त बस यात्रा का लाभ मिलना शुरू हुआ। अब परिवहन निगम का संचालन आदेश जारी होने के बाद पहचान पत्र, टिकट और यात्रा रिकॉर्ड को लेकर व्यवस्था स्पष्ट कर दी गई है।

