- सीएसजेएमयू में भारतीय संस्कृति ज्ञान परीक्षा में 250 से अधिक विद्यार्थियों ने लिया हिस्सा; अंतर-परिसर शतरंज में संजय कुमार और जिज्ञासा मीना विजेता, छह खिलाड़ी अंतर-महाविद्यालय प्रतियोगिता के लिए चुने गए
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कानपुर। कक्षा और पाठ्यक्रम से इतर विद्यार्थियों की सोच और समझ को परखने के लिए छत्रपति शाहू जी महाराज विश्वविद्यालय (सीएसजेएमयू) में दो अलग-अलग आयोजन हुए। भारतीय संस्कृति ज्ञान परीक्षा में 250 से अधिक विद्यार्थियों ने हिस्सा लेकर संस्कृति, परंपरा और नैतिक मूल्यों से जुड़े सवालों का सामना किया, वहीं शतरंज की बिसात पर खिलाड़ियों ने एकाग्रता और रणनीतिक सोच की परीक्षा दी। अंतर-परिसर शतरंज प्रतियोगिता के प्रदर्शन के आधार पर छह खिलाड़ियों का चयन अब अंतर-महाविद्यालय प्रतियोगिता के लिए किया गया है।
संस्कृति ज्ञान परीक्षा में 250 से ज्यादा विद्यार्थी
विश्वविद्यालय में अखिल विश्व गायत्री परिवार, शांतिकुंज हरिद्वार की ओर से संचालित भारतीय संस्कृति ज्ञान परीक्षा हुई। इसमें विभिन्न विभागों के 250 से अधिक छात्र-छात्राओं ने भाग लिया। ओएमआर शीट आधारित परीक्षा में भारतीय संस्कृति, परंपराओं और नैतिक मूल्यों से जुड़े विषयों को शामिल किया गया। कुलपति प्रो. विनय कुमार पाठक ने कहा कि आधुनिक दौर में युवाओं के लिए अपनी सांस्कृतिक जड़ों और भारतीय परंपराओं को समझना जरूरी है। उनके मुताबिक ऐसे आयोजन विद्यार्थियों के बौद्धिक विकास के साथ उनके भावनात्मक और आध्यात्मिक पक्ष को भी बेहतर बनाने में भूमिका निभाते हैं।
1994 से आयोजित हो रही संस्कृति ज्ञान परीक्षा
भारतीय संस्कृति ज्ञान परीक्षा वर्ष 1994 से आयोजित की जा रही है। आयोजन से जुड़े लोगों के मुताबिक इसका उद्देश्य युवाओं को तनाव, अवसाद और दुर्व्यसनों से दूर रखते हुए सकारात्मक दृष्टिकोण विकसित करना है। परीक्षा संयोजक डॉ. हरिओम कुमार ने बताया कि विद्यार्थियों को परीक्षा से पहले अध्ययन सामग्री उपलब्ध कराई गई थी। सभी परीक्षा केंद्रों पर व्यवस्था के साथ परीक्षा कराई गई। जिला संयोजक सुरेश जोशी, लक्ष्मी नारायण कुशवाहा, उमेश कटियार और राजेंद्र श्रीवास्तव ने विभिन्न केंद्रों का निरीक्षण किया। आयोजन में फाइन आर्ट विभाग के डॉ. मंतोष यादव, कृषि विज्ञान विभाग के डॉ. अभिषेक, दीनदयाल शोध केंद्र के डॉ. श्रवण द्विवेदी और योग विज्ञान विभाग के डॉ. राम किशोर की भी भूमिका रही।
शतरंज में संजय कुमार और जिज्ञासा मीना विजेता
विश्वविद्यालय में हुई अंतर-परिसर शतरंज प्रतियोगिता में विभिन्न परिसरों के छात्र-छात्राओं ने हिस्सा लिया। मुकाबलों में खिलाड़ियों की एकाग्रता, चाल की समझ और रणनीतिक क्षमता की परीक्षा हुई। प्रतियोगिता का उद्घाटन शारीरिक शिक्षा विभाग के अध्यक्ष डॉ. प्रभाकर पाण्डेय ने किया। स्पोर्ट्स सेक्रेटरी शुभम हजरिया और जॉइंट सेक्रेटरी सौरभ तिवारी मौजूद रहे। पुरुष वर्ग में संजय कुमार ने पहला, शिवांशु सिंह ने दूसरा और अनुज कुमार ने तीसरा स्थान हासिल किया। महिला वर्ग में जिज्ञासा मीना प्रथम, दीप्ति गुप्ता द्वितीय और अनुष्का सोनी तृतीय रहीं।
छह खिलाड़ी अंतर-महाविद्यालय प्रतियोगिता में उतरेंगे
अंतर-परिसर प्रतियोगिता में प्रदर्शन के आधार पर पुरुष और महिला वर्ग के कुल छह खिलाड़ियों का चयन आगामी अंतर-महाविद्यालय शतरंज प्रतियोगिता के लिए किया गया है। विश्वविद्यालय स्तर पर प्रदर्शन के बाद अब इन खिलाड़ियों को अगले स्तर की प्रतियोगिता में अपनी क्षमता दिखाने का मौका मिलेगा। एक ही समय में हुए इन दोनों आयोजनों ने विद्यार्थियों की अलग-अलग क्षमताओं को सामने रखा। संस्कृति ज्ञान परीक्षा ने जहां भारतीय परंपरा और नैतिक मूल्यों से जुड़े उनके ज्ञान को परखने का अवसर दिया, वहीं शतरंज प्रतियोगिता में तार्किक सोच और रणनीति का प्रदर्शन देखने को मिला।


