Hot Topics

योगी बोले, यूपी में 8 से 18% बढ़ी कृषि विकास दर

  • 80 लाख किसानों से खरीदा 519 लाख मीट्रिक टन धान, 1.03 लाख करोड़ रुपये से अधिक का भुगतान; देश के खाद्यान्न उत्पादन में यूपी की 21 फीसदी हिस्सेदारी का भी दावा

भारत 19/ लखनऊ। उत्तर प्रदेश में कृषि विकास दर आठ प्रतिशत से बढ़कर 18 प्रतिशत हो गई है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने यह दावा करते हुए प्रदेश में कृषि उत्पादन और किसानों को किए गए भुगतान के आंकड़े साझा किए। मुख्यमंत्री के मुताबिक, वर्ष 2017 से मार्च 2026 के बीच प्रदेश में 80 लाख से अधिक किसानों से 519 लाख मीट्रिक टन से ज्यादा धान की खरीद की गई और इसके एवज में एक लाख तीन हजार 833 करोड़ रुपये से अधिक का भुगतान सीधे किसानों को किया गया।
मुख्यमंत्री ने यह भी दावा किया कि देश के कुल खाद्यान्न उत्पादन में उत्तर प्रदेश की हिस्सेदारी 21 प्रतिशत है। उनके मुताबिक, प्रदेश दूध, गन्ना और गेहूं उत्पादन में भी देश में पहले स्थान पर है। हालांकि, कृषि विकास दर में वृद्धि और खाद्यान्न उत्पादन में हिस्सेदारी के इन दावों का स्वतंत्र आकलन करने के लिए संबंधित अवधि के आधिकारिक आंकड़ों और गणना-पद्धति को देखना जरूरी है।

धान खरीद के आंकड़े गिनाए

योगी आदित्यनाथ के अनुसार, वर्ष 2017 से मार्च 2026 तक 80 लाख से अधिक किसानों से 519 लाख मीट्रिक टन से ज्यादा धान खरीदा गया। इस खरीद के बदले किसानों को 1,03,833 करोड़ रुपये से अधिक का भुगतान किया गया। मुख्यमंत्री ने कहा कि किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य दिलाने के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) पर खरीद की व्यवस्था को मजबूत किया गया है। इस वर्ष धान के एमएसपी में 71 रुपये प्रति क्विंटल की बढ़ोतरी का भी उल्लेख किया गया।

सिंचाई और सरकारी योजनाओं पर जोर

मुख्यमंत्री ने कृषि क्षेत्र में बदलाव का श्रेय सिंचाई परियोजनाओं को पूरा करने, किसानों को बेहतर बीज उपलब्ध कराने और प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (डीबीटी) के जरिये सहायता पहुंचाने जैसी व्यवस्थाओं को दिया। उन्होंने प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि सहित किसान-केंद्रित योजनाओं का भी उल्लेख किया। सरकार का कहना है कि सिंचाई सुविधाओं और कृषि निवेश में सुधार से किसानों को लाभ मिला है।

दावों की पुष्टि के लिए जरूरी हैं तुलनात्मक आंकड़े

कृषि विकास दर आठ से बढ़कर 18 प्रतिशत होने का दावा प्रदेश की कृषि अर्थव्यवस्था में बड़े बदलाव की ओर संकेत करता है। हालांकि, यह स्पष्ट होना जरूरी है कि इन दोनों दरों की तुलना किन वर्षों और किस आधार पर की गई है। इसी तरह, खाद्यान्न उत्पादन में 21 प्रतिशत हिस्सेदारी तथा दूध, गन्ना और गेहूं उत्पादन में पहले स्थान के दावों का आकलन संबंधित सरकारी आंकड़ों से किया जा सकता है। मुख्यमंत्री के बयान में इन दावों के समर्थन में वर्षवार आंकड़े और गणना-पद्धति का विस्तृत विवरण उपलब्ध नहीं है।

Tags :

Bharat 19 News

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Recent News