- एलएलबी और बीए-एलएलबी के छात्रों को अगले सेमेस्टर में प्रवेश का इंतजार, नियमों की पड़ताल के लिए छह सदस्यीय समिति गठित, दूसरे विश्वविद्यालयों के अध्यादेशों का अध्ययन कर समाधान सुझाएगी टीम
भारत 19/ कानपुर। छत्रपति शाहू जी महाराज विश्वविद्यालय (सीएसजेएमयू) से संबद्ध विधि महाविद्यालयों के एलएलबी और बीए-एलएलबी छात्रों की अगले सेमेस्टर में प्रोन्नति का मामला उलझ गया है। परीक्षा परिणाम में बैक पेपर रिजल्ट डिटेन (बीपीआरडी) दर्ज होने के कारण छात्रों को अगली कक्षा में प्रवेश मिलने में परेशानी हो रही है। छात्रों की शिकायतों के बाद विश्वविद्यालय प्रशासन ने समस्या की पड़ताल और नियमों के अनुरूप समाधान तलाशने के लिए छह सदस्यीय समिति गठित की है। अब समिति दूसरे विश्वविद्यालयों के नियमों का अध्ययन कर अपनी रिपोर्ट देगी, जिसके आधार पर प्रभावित छात्रों की प्रोन्नति पर निर्णय लेने का रास्ता साफ हो सकता है।
बीपीआरडी के कारण प्रोन्नति में आ रही बाधा की होगी जांच
12 अक्टूबर को विश्वविद्यालय में इस मुद्दे पर हुई बैठक में छात्रों की शिकायतों पर चर्चा की गई। इसके बाद मामले की जांच कर नियमों के अनुरूप समाधान सुझाने की जिम्मेदारी समिति को सौंपी गई। समिति यह स्पष्ट करेगी कि बीपीआरडी के कारण प्रोन्नति में बाधा क्यों आ रही है और मौजूदा व्यवस्था में किस स्तर पर बदलाव या स्पष्टीकरण की जरूरत है।
छह सदस्यीय समिति में विधि संकाय के विशेषज्ञ शामिल
समिति में विधि संकाय के अधिष्ठाता प्रो. पीएन त्रिवेदी, वीएसएसडी कॉलेज कानपुर के विधि विभागाध्यक्ष प्रो. अवनीश कुमार उपाध्याय, अटल बिहारी बाजपेयी स्कूल ऑफ लीगल स्टडीज के प्रो. शशिकान्त त्रिपाठी, बीएनडी कॉलेज कानपुर के डॉ. ओमेन्द्र सिंह और अटल बिहारी बाजपेयी स्कूल ऑफ लीगल स्टडीज के डॉ. राहुल तिवारी को शामिल किया गया है। परीक्षा विभाग की उप-कुलसचिव अंजलि मौर्या समिति की समन्वयक होंगी। समिति संबंधित नियमों और प्रावधानों की समीक्षा कर अपनी रिपोर्ट तैयार करेगी।
दूसरे विश्वविद्यालयों के नियमों से तलाशेगी समाधान
समिति दूसरे विश्वविद्यालयों में बीपीआरडी से जुड़े नियमों और अध्यादेशों का तुलनात्मक अध्ययन करेगी। वहां बैक पेपर वाले छात्रों की प्रोन्नति के लिए क्या व्यवस्था लागू है, इसकी पड़ताल के बाद सीएसजेएमयू के मौजूदा नियमों की समीक्षा की जाएगी। रिपोर्ट में ऐसे विकल्प सुझाए जा सकते हैं, जिनसे छात्रों की शैक्षणिक प्रगति बाधित न हो और विश्वविद्यालय के परीक्षा संबंधी नियमों का पालन भी सुनिश्चित किया जा सके।
समिति की रिपोर्ट से तय होगी छात्रों की अगली राह
समिति के गठन से प्रभावित छात्रों को समाधान की उम्मीद जगी है, लेकिन फिलहाल प्रोन्नति को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं है। विश्वविद्यालय प्रशासन का अगला फैसला समिति की जांच और सिफारिशों पर निर्भर करेगा। बीपीआरडी से जुड़ा यह मामला छात्रों की अगले सेमेस्टर की पढ़ाई और शैक्षणिक समय-सारिणी को भी प्रभावित कर सकता है। ऐसे में समिति की रिपोर्ट और उस पर विश्वविद्यालय की कार्रवाई महत्वपूर्ण होगी। छात्रों की निगाहें अब इस बात पर हैं कि समस्या का समाधान कब निकलता है और अगले सेमेस्टर में प्रवेश का रास्ता कितनी जल्दी साफ होता है।

