- योगी कैबिनेट ने स्टार्टअप क्रय योजना-2026 को दी मंजूरी, सरकारी विभाग खरीद सकेंगे पात्र उद्यमों के उत्पाद और सेवाएं, 39 फैसलों में AI मिशन, रोजगार प्रशिक्षण, इलेक्ट्रिक बसों और कारोबारियों को राहत देने वाले प्रस्ताव भी शामिल
भारत 19/ लखनऊ। उत्तर प्रदेश में नए कारोबार शुरू करने वाले उद्यमियों को अपने उत्पाद बेचने के लिए अब सरकारी विभागों तक पहुंच बनाने का नया माध्यम मिलने जा रहा है। योगी सरकार स्टार्टअप के उत्पादों और सेवाओं की खरीद के लिए एक ई-मार्केटप्लेस विकसित करेगी। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में उत्तर प्रदेश स्टार्टअप क्रय योजना-2026 को मंजूरी दी गई। इस मंच पर पात्र स्टार्टअप अपने उत्पाद और तकनीकी समाधान सूचीबद्ध कर सकेंगे, जिन्हें सरकारी विभाग अपनी जरूरत के मुताबिक खरीद सकेंगे। बैठक में इस सहित कुल 39 प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। अन्य फैसलों में युवाओं को रोजगारपरक प्रशिक्षण, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस को बढ़ावा देने, इलेक्ट्रिक बसों के संचालन और पुराने कर बकायों पर राहत देने जैसे विषय शामिल रहे।
सरकारी खरीद तक पहुंचेगा स्टार्टअप का उत्पाद
स्टार्टअप क्रय योजना के तहत तैयार होने वाले ई-मार्केटप्लेस पर पात्र उद्यम अपने उत्पाद, सेवाएं और तकनीकी समाधान प्रदर्शित कर सकेंगे। इससे सरकारी विभागों को अपनी जरूरत के मुताबिक नए उत्पादों और तकनीकी विकल्पों की जानकारी एक ही मंच पर मिल सकेगी। विभागों की खरीद उनके स्वीकृत बजट से की जाएगी। ई-मार्केटप्लेस की स्थापना और संचालन की जिम्मेदारी उत्तर प्रदेश स्टार्टअप मिशन को सौंपी जाएगी। योजना का उद्देश्य नए उद्यमों को सरकारी खरीद प्रक्रिया से जोड़ना और उनके लिए बाजार के नए अवसर तैयार करना है। हालांकि, पंजीकरण, उत्पादों के चयन और खरीद की शर्तों का पूरा ब्योरा योजना के विस्तृत दिशा-निर्देश जारी होने के बाद स्पष्ट होगा।
AI मिशन से तकनीक और नवाचार को बढ़ावा
कैबिनेट ने उत्तर प्रदेश आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस मिशन (UP-AIM) को भी मंजूरी दी है। इसके जरिए प्रदेश में AI आधारित तकनीक, अनुसंधान, नवाचार और कौशल विकास को प्रोत्साहित करने की योजना है। मिशन के तहत 100 से अधिक क्षेत्रों में AI के उपयोग की संभावनाओं पर काम करने और कम से कम 100 AI स्टार्टअप को सहयोग देने का लक्ष्य बताया गया है। सरकार को उम्मीद है कि इस पहल से तकनीक आधारित उद्यमों को प्रोत्साहन मिलेगा और विभिन्न क्षेत्रों में नए समाधान विकसित करने का अवसर मिलेगा।
नौ रोजगार जोन से 75 जिलों को जोड़ने की योजना
युवाओं को उद्योगों की जरूरत के मुताबिक प्रशिक्षित करने के लिए सरदार वल्लभभाई पटेल कौशल प्रशिक्षण एवं रोजगार जोन विकास योजना को मंजूरी दी गई है। इसके तहत नौ जोन विकसित कर प्रदेश के सभी 75 जिलों को जोड़ने की योजना है। इसका उद्देश्य युवाओं को देश और विदेश में उपलब्ध रोजगार के अवसरों के अनुरूप प्रशिक्षण देना है। योजना का असर इस बात से तय होगा कि प्रशिक्षण के बाद कितने युवाओं को रोजगार मिलता है और उद्योगों की जरूरतों के अनुसार कौशल कार्यक्रम कितने प्रभावी साबित होते हैं।
पुराने कर बकायों पर ब्याज और अर्थदंड से राहत
कारोबारियों और अन्य पात्र करदाताओं को राहत देने के लिए उत्तर प्रदेश ब्याज माफी योजना-2026 को मंजूरी दी गई है। इसके तहत 31 दिसंबर 2025 तक निर्धारित कर कानूनों के अंतर्गत बने बकायों पर ब्याज और अर्थदंड में छूट देने का प्रावधान है। योजना तीन महीने तक प्रभावी रहेगी। इसमें बिक्री कर, केंद्रीय बिक्री कर, व्यापार कर और वैट सहित कई पुराने कर कानूनों के तहत बकाया शामिल होंगे। पात्र करदाताओं को योजना की शर्तों और निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार राहत मिल सकेगी।
नगरीय निकायों को नक्शे मंजूर करने का अधिकार
कैबिनेट ने नगर पालिका अधिनियम में संशोधन को भी मंजूरी दी है। इसके तहत विकास प्राधिकरण के दायरे से बाहर आने वाले नगरीय निकायों को मास्टर प्लान तैयार करने और भवन नक्शे स्वीकृत करने के अधिकार देने का प्रावधान है। इससे स्थानीय स्तर पर भवन निर्माण संबंधी अनुमतियों की प्रक्रिया आसान होने की उम्मीद है। औद्योगिक विकास प्राधिकरणों के क्षेत्रों में मॉडल भवन विनियम-2026 लागू करने को भी मंजूरी दी गई। इसका उद्देश्य भवन नक्शे और भूखंडों से जुड़ी प्रक्रियाओं को सरल बनाना और औद्योगिक क्षेत्रों में जमीन के बेहतर उपयोग को बढ़ावा देना है।
हरित विमानन ईंधन बनाने वाली इकाइयों को मिलेगा प्रोत्साहन
उत्तर प्रदेश सस्टेनेबल एविएशन फ्यूल मैन्युफैक्चरिंग प्रमोशन पॉलिसी-2026 को मंजूरी देकर सरकार ने वैकल्पिक विमानन ईंधन के उत्पादन को बढ़ावा देने की दिशा में कदम उठाया है। इस नीति के तहत कृषि अवशेषों, नगर निकायों के कचरे और अन्य उपयुक्त स्रोतों से टिकाऊ विमानन ईंधन बनाने वाली इकाइयों में निवेश को प्रोत्साहित करने की योजना है। हरित ऊर्जा के क्षेत्र में नई औद्योगिक परियोजनाओं और रोजगार के अवसर विकसित करने की उम्मीद है। हालांकि, इसका वास्तविक प्रभाव निवेश और परियोजनाओं के क्रियान्वयन पर निर्भर करेगा।
धान खरीद नीति और आंगनबाड़ी कर्मियों के लिए भी फैसले
कैबिनेट ने खरीफ विपणन वर्ष 2026-27 के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) योजना के तहत धान खरीद नीति को मंजूरी दी है। इससे आगामी सीजन में सरकारी खरीद की व्यवस्था निर्धारित होगी। किसानों के लिए खरीद केंद्रों, पंजीकरण और भुगतान की प्रक्रिया महत्वपूर्ण रहेगी। आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं को एक अतिरिक्त साड़ी देने के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई है।


