- ‘शुद्ध ही शुभ है’ अभियान में खाद्य सुरक्षा टीम की कार्रवाई; किचन में गंदगी, फर्श पर खाद्य सामग्री और मक्खियों की मौजूदगी मिलने के बाद सुधार तक कारोबार रोका गया
भारत 19
कानपुर। शहर के प्रमुख रेव मोती मॉल के फूड कोर्ट की 10 इकाइयों को खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन (FSDA) ने बंद करा दिया। उत्तर प्रदेश में चल रहे ‘शुद्ध ही शुभ है’ अभियान के तहत हुई जांच में फूड कोर्ट की रसोई और खाद्य सामग्री रखने की व्यवस्था में गंभीर स्वच्छता संबंधी कमियां सामने आईं। विभाग ने सुधार होने तक सभी 10 इकाइयों का संचालन रोकने की कार्रवाई की है। जांच टीम को किचन की दीवारों पर गंदगी और कई जगह खराब सतह मिली। खाद्य सामग्री फर्श पर रखी हुई थी और उस पर मक्खियां मंडरा रही थीं। खाद्य सुरक्षा मानकों के लिहाज से इन स्थितियों को गंभीर मानते हुए पूरे फूड कोर्ट में संचालित सभी इकाइयों को कार्रवाई के दायरे में लिया गया।
38 टीमों ने 52 फूड यूनिट की जांच की
कानपुर में अभियान के दौरान 38 टीमों ने 52 फूड यूनिट और रेस्टोरेंट का निरीक्षण किया। जांच केवल खाद्य पदार्थों के नमूने लेने तक सीमित नहीं रही, बल्कि किचन की स्वच्छता, सैनिटेशन, पेस्ट कंट्रोल, ड्रेनेज, खाद्य सामग्री के भंडारण और कच्चे-पके भोजन की व्यवस्था भी देखी गई। रेव मोती मॉल के फूड कोर्ट में सामने आई कमियों के कारण किसी एक आउटलेट के बजाय वहां संचालित सभी 10 इकाइयों का संचालन सुधार होने तक रोक दिया गया।
मॉल के फूड कोर्ट में किचन की स्थिति बनी वजह
फूड कोर्ट में ग्राहकों के लिए उपलब्ध बैठने की जगह की स्थिति से अलग किचन की स्वच्छता भी खाद्य सुरक्षा का महत्वपूर्ण हिस्सा है। निरीक्षण के दौरान इसी हिस्से में टीम को दीवारों पर गंदगी, क्षतिग्रस्त सतह और खाद्य सामग्री रखने की अस्वच्छ व्यवस्था मिली। खाद्य सामग्री को सीधे फर्श पर रखा पाया जाना और उसके आसपास मक्खियों की मौजूदगी भी निरीक्षण में दर्ज की गई। इन कमियों के आधार पर विभाग ने पूरे फूड कोर्ट का संचालन सुधार होने तक रोक दिया।
जेड स्क्वायर के आउटलेट पर भी कार्रवाई
कानपुर में अभियान की कार्रवाई रेव मोती मॉल तक सीमित नहीं रही। जेड स्क्वायर मॉल के ला पीनोज पिज्जा में भी खाद्य सुरक्षा से जुड़ी कमियां सामने आईं। निरीक्षण में खाद्य पदार्थों में कीड़े, एक्सपायर्ड सॉस और ड्रेसिंग्स तथा खराब गुणवत्ता के पनीर से संबंधित आपत्तियां सामने आईं। वेज और नॉनवेज खाद्य पदार्थों के लिए एक ही बर्तनों के इस्तेमाल की बात भी जांच में सामने आई। विभाग की ओर से प्रतिष्ठान का लाइसेंस निलंबित करने की संस्तुति की गई।
जांच में खाद्य सुरक्षा के कई मानक शामिल
अभियान के तहत अधिकारियों ने भोजन की गुणवत्ता के साथ उसे तैयार करने और रखने की प्रक्रिया को भी जांच के दायरे में रखा। किचन हाइजीन, सैनिटेशन, पेस्ट कंट्रोल, ड्रेनेज, खाद्य पदार्थों का सुरक्षित भंडारण और कच्चे-पके भोजन के बीच उचित अंतर जैसे पहलुओं पर ध्यान दिया गया। इसका मतलब यह है कि किसी प्रतिष्ठान की जांच केवल तैयार भोजन के नमूने तक सीमित नहीं रही, बल्कि उस वातावरण और प्रक्रिया को भी देखा गया जिसमें भोजन तैयार किया जा रहा था।
10 इकाइयों का संचालन सुधार तक बंद
रेव मोती मॉल फूड कोर्ट की सभी 10 इकाइयों को स्थायी रूप से बंद किए जाने की बात नहीं है। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक कार्रवाई सुधार होने तक संचालन रोकने की है। अब संबंधित प्रतिष्ठानों को सामने आई स्वच्छता और खाद्य सुरक्षा संबंधी कमियों को दूर करना होगा। इसके बाद विभागीय प्रक्रिया के तहत आगे की कार्रवाई तय होगी। इस मामले में सबसे अहम बात यह है कि एक ही फूड कोर्ट की सभी 10 इकाइयां एक साथ खाद्य सुरक्षा कार्रवाई के दायरे में आई हैं।
‘शुद्ध ही शुभ है’ अभियान का संदेश
FSDA का ‘शुद्ध ही शुभ है’ अभियान खाद्य कारोबार में स्वच्छता और सुरक्षित खाद्य व्यवस्था पर जोर दे रहा है। कानपुर में हुई कार्रवाई में मॉल के फूड कोर्ट और अन्य बड़े खाद्य प्रतिष्ठानों को भी निरीक्षण के दायरे में रखा गया। रेव मोती मॉल की कार्रवाई ने इस अभियान को लेकर एक बड़ा सवाल भी सामने रखा है—ग्राहकों के लिए साफ-सुथरा दिखने वाला फूड कोर्ट क्या भोजन तैयार करने वाले किचन में भी उसी स्तर की स्वच्छता बनाए रखता है। फिलहाल विभाग की कार्रवाई के बाद 10 इकाइयों के संचालन पर रोक इसी सवाल का प्रत्यक्ष जवाब सामने रखती है।


