Hot Topics

UPI MDR विरोध में व्यापारियों ने पढ़ी हनुमान चालीसा

  • कानपुर में किदवईनगर के संकटमोचन हनुमान मंदिर में 11 बार पाठ, 15 अक्टूबर से ₹2,000 से अधिक के पात्र UPI मर्चेंट भुगतान पर 0.4% MDR लागू होने के विरोध में प्रदेश के 50 से अधिक जिलों में व्यापारियों ने जताया विरोध

भारत 19/ कानपुर। यूपीआई भुगतान पर 15 अक्टूबर से दो हजार रुपये से अधिक के पात्र पर्सन-टू-मर्चेंट (P2M) UPI भुगतान पर 0.4 प्रतिशत मर्चेंट डिस्काउंट रेट (MDR) लागू होना है। 75 हजार से अधिक के लेनदेन पर यह शुल्क अधिकतम 300 रुपये सीमित रहेगा। दो हजार रुपये तक के मर्चेंट भुगतान और पर्सन-टू-पर्सन भुगतान MDR से बाहर रहेंगे। MDR लागू किए जाने के विरोध में कानपुर के व्यापारियों ने मंगलवार को अनोखे तरीके से विरोध दर्ज कराया। किदवईनगर स्थित संकटमोचन हनुमान मंदिर में व्यापारियों ने 11 बार हनुमान चालीसा का पाठ किया। भारतीय उद्योग व्यापार प्रतिनिधिमंडल के प्रदेश व्यापी अभियान के तहत प्रदेश के 50 से अधिक जिलों में भी व्यापारियों ने अलग-अलग तरीके से विरोध जताया।

‘यूपीआई पर MDR शुल्क मंजूर नहीं’ के नारे

किदवईनगर में आयोजित कार्यक्रम के दौरान व्यापारियों ने पोस्टर लेकर ‘यूपीआई पर MDR शुल्क मंजूर नहीं’ के नारे लगाए। व्यापारियों का कहना है कि डिजिटल भुगतान अब कारोबार का प्रमुख माध्यम बन चुका है। ऐसे में मर्चेंट भुगतान पर शुल्क लागू होने से व्यापारियों की लागत बढ़ सकती है। प्रदेश अध्यक्ष ज्ञानेश मिश्र ने कहा कि डिजिटल भुगतान की बढ़ती निर्भरता के बीच यूपीआई पर MDR से कारोबार पर अतिरिक्त आर्थिक दबाव पड़ेगा। उन्होंने छोटे और ऐसे कारोबारियों की चिंता भी जताई जो जीएसटी के तहत इनपुट टैक्स क्रेडिट का लाभ नहीं ले पाते।

दो हजार से ऊपर के भुगतान पर लगेगा MDR

नई व्यवस्था के तहत पात्र मर्चेंट UPI लेनदेन पर ₹2,000 से अधिक की राशि पर 0.4 प्रतिशत MDR लगेगा। इस शुल्क पर 18 प्रतिशत GST भी लागू होगा। हालांकि पात्र पंजीकृत कारोबारी इस GST का इनपुट टैक्स क्रेडिट ले सकते हैं। केंद्र सरकार ने स्पष्ट किया है कि MDR सरकार द्वारा लगाया गया टैक्स नहीं है, बल्कि भुगतान व्यवस्था से जुड़े बैंकों और अन्य प्रतिभागियों के बीच वितरित होने वाला शुल्क है। साथ ही ग्राहक पर इसे सीधे डालने की अनुमति नहीं है।

व्यापारियों ने कीमतों पर असर की जताई आशंका

जिलाध्यक्ष विजय गुप्ता गोरे ने कहा कि अतिरिक्त लागत का असर व्यापारी वस्तुओं की कीमतों में शामिल कर सकते हैं, जिसका बोझ अंततः ग्राहकों पर पड़ने की आशंका है। प्रदेश संगठन महामंत्री बनवारी लाल गुप्ता ने कहा कि यदि शुल्क व्यवस्था वापस नहीं हुई तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। किदवईनगर उद्योग व्यापार मंडल के अध्यक्ष अशोक शुक्ला ने कहा कि कम मार्जिन वाले थोक कारोबार में अतिरिक्त शुल्क सीधे लाभ को प्रभावित कर सकता है। दक्षिण व्यापार मंडल के अध्यक्ष कमल उत्तम ने भी छोटे दुकानदारों पर इसके असर की आशंका जताई।

50 से अधिक जिलों में व्यापारियों का विरोध

व्यापारियों का यह अभियान केवल कानपुर तक सीमित नहीं रहा। भारतीय उद्योग व्यापार प्रतिनिधिमंडल के प्रदेशव्यापी आह्वान पर 50 से अधिक जिलों में व्यापारियों ने MDR के खिलाफ विरोध दर्ज कराया। कार्यक्रम में राजकुमार गुप्ता, विनायक पोद्दार, बालकृष्ण गुप्ता, सुबोध पांडे, प्रखर श्रीवास्तव आदि मौजूद रहे।

Tags :

Bharat 19 News

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Recent News