-16,021 महिलाओं ने जमा कराए 1.55 करोड़ से अधिक बिल, कमीशन के रूप में अब तक 46 करोड़ रुपये की कमाई
भारत 19
लखनऊ।उत्तर प्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन और उत्तर प्रदेश पावर कॉरपोरेशन के बीच बने इस मॉडल की रफ्तार पिछले कुछ वर्षों में तेजी से बढ़ी है। आंकड़े बताते हैं कि 2022-23 में पूरे साल जितना बिल संग्रह हुआ था, उससे ज्यादा दिसंबर 2025 में अकेले एक महीने में हो गया। इससे ग्रामीण क्षेत्रों में विद्युत सखियों के जरिए बिजली बिल संग्रह के बढ़ते नेटवर्क का अंदाजा लगाया जा सकता है।
एक महीने का संग्रह पूरे साल के आंकड़े से ज्यादा
वित्तीय वर्ष 2022-23 में विद्युत सखियों ने पूरे साल में 263 करोड़ रुपये के बिजली बिलों का संग्रह किया था। इसके विपरीत दिसंबर 2025 में अकेले एक महीने में 350 करोड़ रुपये का संग्रह दर्ज किया गया। वार्षिक आंकड़ों में भी लगातार बढ़ोतरी दिखाई देती है। 2023-24 में संग्रह बढ़कर 466 करोड़ रुपये, 2024-25 में 1,044 करोड़ रुपये और 2025-26 में 1,451 करोड़ रुपये पहुंच गया। मौजूदा वित्तीय वर्ष 2026-27 में अब तक विद्युत सखियों के जरिए 250 करोड़ रुपये से अधिक का बिजली बिल संग्रह हो चुका है। इसके बदले उन्हें 3.15 करोड़ रुपये से अधिक का कमीशन मिला है।
गांवों की महिलाओं के हाथ में बढ़ा बिल कलेक्शन नेटवर्क
कार्यक्रम के तहत स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाओं को स्थानीय स्तर पर बिजली बिल संग्रह की जिम्मेदारी दी गई है। इससे ग्रामीण उपभोक्ताओं को गांव या आसपास ही बिल जमा करने की सुविधा मिली है, जबकि महिलाओं के लिए कमीशन आधारित आय का नया माध्यम तैयार हुआ है। कार्यक्रम की शुरुआत से अब तक 1.55 करोड़ से अधिक बिजली बिलों का संग्रह किया जा चुका है। कुल संग्रह 3,562 करोड़ रुपये के पार पहुंचने के साथ ही यह मॉडल ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली राजस्व संग्रह के बड़े माध्यमों में उभर रहा है।
शीर्ष 10 विद्युत सखियों ने 20 करोड़ से ज्यादा जुटाए
व्यक्तिगत स्तर पर भी विद्युत सखियों का प्रदर्शन तेजी से बढ़ा है। मौजूदा वित्तीय वर्ष में प्रदेश की शीर्ष 10 विद्युत सखियों ने नए ई-वॉलेट के माध्यम से 20 करोड़ रुपये से अधिक के बिजली बिलों का संग्रह किया है। मेरठ की संगीता ने 8,718 बिलों के जरिए करीब तीन करोड़ रुपये, बाराबंकी की लक्ष्मी देवी ने 8,386 बिलों से करीब दो करोड़ रुपये, जबकि अमेठी की सोनी द्विवेदी ने 6,556 बिलों के जरिए 2.27 करोड़ रुपये का बिजली बिल संग्रह किया है।
263 करोड़ से 1,451 करोड़ तक पहुंची सालाना वसूली
विद्युत सखी मॉडल के विस्तार का सबसे बड़ा संकेत इसके सालाना संग्रह में आई तेजी है। 2022-23 के 263 करोड़ रुपये से बढ़कर 2025-26 में सालाना बिजली बिल संग्रह 1,451 करोड़ रुपये तक पहुंच गया।
