- कानपुर बैराज पर गंगा चेतावनी स्तर से ऊपर, प्रदेश में भारी बारिश का पूर्वानुमान, शुक्लागंज में राहत, औरैया में यमुना का रुख बढ़ने का; बैराजों के डिस्चार्ज पर नजर
कानपुर। कानपुर में गंगा का जलस्तर चेतावनी निशान पार कर चुका है और अब भारी बारिश का अलर्ट चिंता बढ़ा सकता है। कानपुर बैराज पर नदी खतरे के निशान से अभी नीचे है, लेकिन अगले एक-दो दिन में बारिश और ऊपरी क्षेत्रों से आने वाला पानी इसकी दिशा तय करेगा। मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने उत्तर प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना जताई है। कानपुर और आसपास के जिलों में अगले 24 से 48 घंटे के दौरान बारिश के साथ गंगा और यमुना के जलस्तर पर भी नजर रहेगी।

कानपुर बैराज पर बढ़े जलस्तर से बढ़ी निगरानी
कानपुर में गंगा चेतावनी निशान पार कर चुकी है। फिलहाल नदी खतरे के स्तर से नीचे है, लेकिन बारिश का नया दौर शुरू होने की संभावना के बीच प्रशासन और सिंचाई विभाग की निगाह जलस्तर के अगले रुझान पर रहेगी। बैराज पर पानी का प्रवाह भी बना हुआ है। अब यह देखना अहम होगा कि ऊपरी जलग्रहण क्षेत्रों में बारिश और बैराजों से होने वाले डिस्चार्ज के बाद गंगा का जलस्तर स्थिर रहता है, घटता है या आगे बढ़ता है। शुक्लागंज में गंगा फिलहाल चेतावनी निशान से नीचे है। हालांकि कानपुर बैराज पर बढ़ा जलस्तर और प्रदेश में भारी बारिश के पूर्वानुमान को देखते हुए यहां भी नदी की स्थिति पर लगातार नजर रखनी होगी। गंगा के जलस्तर में बदलाव केवल स्थानीय बारिश से तय नहीं होगा। ऊपरी क्षेत्रों में वर्षा और वहां से आने वाले पानी का असर भी आगे दिखाई दे सकता है।
हरिद्वार और नरोरा के डिस्चार्ज भी अहम संकेतक
कानपुर में गंगा के अगले रुख के लिए हरिद्वार और नरोरा समेत ऊपरी बैराजों से छोड़े जा रहे पानी पर भी नजर रहेगी। इन बैराजों से निकलने वाला पानी तत्काल कानपुर नहीं पहुंचता। नदी की दूरी, प्रवाह और बीच के जलग्रहण क्षेत्रों की स्थिति भी जलस्तर को प्रभावित करती है। हालांकि ऊपरी क्षेत्रों में लगातार बारिश या डिस्चार्ज में बड़ी बढ़ोतरी कानपुर के लिए महत्वपूर्ण संकेत हो सकती है। औरैया में यमुना का जलस्तर बढ़ने का रुझान दर्ज किया गया है। फिलहाल नदी चेतावनी और खतरे के निशान से काफी नीचे है, लेकिन जिले में हुई बारिश और आगे के मौसम को देखते हुए जलस्तर पर निगरानी जरूरी हो गई है। यदि स्थानीय जलग्रहण क्षेत्रों में बारिश जारी रहती है तो इसका असर यमुना के प्रवाह पर पड़ सकता है।
प्रदेश में भारी बारिश से नदियों पर बढ़ सकता दबाव
IMD के पूर्वानुमान के अनुसार उत्तर प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना बनी हुई है। पश्चिमी और पूर्वी उत्तर प्रदेश के कई इलाकों में बारिश की गतिविधियां तेज हो सकती हैं। कानपुर और आसपास के जिलों के लिए इसका असर केवल शहरी जलभराव तक सीमित नहीं है। गंगा और यमुना के जलग्रहण क्षेत्रों में व्यापक बारिश होने पर नदियों में आने वाले पानी की मात्रा बढ़ सकती है।
बारिश और ऊपरी पानी तय करेगा अगला रुख
अगले 24 से 48 घंटे में कानपुर और आसपास के जिलों में तेज बारिश से निचले इलाकों और जलभराव वाले क्षेत्रों में परेशानी बढ़ सकती है। वहीं ऊपरी क्षेत्रों से गंगा के जलग्रहण क्षेत्रों और बैराजों से आने वाले पानी में बढ़ोतरी नदी पर दबाव बढ़ा सकती है। कानपुर बैराज पर गंगा चेतावनी निशान पार कर चुकी है। अब नदी का अगला रुख ही तय करेगा कि स्थिति राहत की ओर बढ़ती है या दबाव और बढ़ता है।
कानपुर समेत आसपास के जिलों में बढ़ी सतर्कता
फिलहाल कानपुर में गंगा चेतावनी निशान के ऊपर है, शुक्लागंज में स्थिति नियंत्रण में है और औरैया में यमुना का रुझान बढ़ने का है। प्रदेश में भारी बारिश के अलर्ट के बीच अब बारिश की तीव्रता और ऊपरी क्षेत्रों से आने वाला पानी कानपुर और आसपास के जिलों में गंगा-यमुना की अगली स्थिति तय करेगा।
