- पूर्वी यूपी में बहुत भारी बारिश की चेतावनी, कानपुर बैराज पर जलस्तर चेतावनी बिंदु के पार; गंगा का डिस्चार्ज 3.48 लाख क्यूसेक पहुंचा
भारत 19
कानपुर। उत्तर प्रदेश में मानसून का सक्रिय दौर अब मध्य उत्तर प्रदेश के लिए भी सतर्क रहने का संकेत दे रहा है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने पूर्वी उत्तर प्रदेश में कहीं-कहीं भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। इस बीच कानपुर में गंगा का बढ़ता जलस्तर भी चिंता बढ़ा रहा है। सोमवार को गंगा का जलस्तर चेतावनी बिंदु को पार कर गया। बैराज से गंगा में 3,48,012 क्यूसेक पानी का डिस्चार्ज किया जा रहा है। हालांकि पानी खतरे के निशान से 90 सेंटीमीटर नीचे है। पानी खतरे के स्तर पर पहुंचने पर डिस्चार्ज 5,44,373 क्यूसेक तक पहुंचने का अनुमान है।
कानपुर बैराज के अपस्ट्रीम में जलस्तर 114.100 मीटर और डाउनस्ट्रीम में 113.950 मीटर दर्ज किया गया। बैराज पर चेतावनी स्तर 114 मीटर और खतरे का निशान 115 मीटर है। अपस्ट्रीम पर जलस्तर चेतावनी बिंदु को पार कर चुका है। गंगा में पानी का बहाव 3.48 लाख क्यूसेक से अधिक होने के कारण निचले इलाकों और नदी किनारे बसे क्षेत्रों में निगरानी की जरूरत बढ़ गई है। शुक्लागंज में फिलहाल जलस्तर चेतावनी बिंदु से 38 सेंटीमीटर नीचे है, लेकिन कानपुर बैराज पर बढ़े दबाव को देखते हुए नदी के रुख पर लगातार नजर रखी जा रही है। गंगा में हरिद्वार बैराज से 71,689 क्यूसेक पानी का डिस्चार्ज हो रहा जबकि नरोरा बैराज से 1,22,848 क्यूसेक पानी छोड़ा गया। ऊपरी बैराजों से आने वाले पानी और स्थानीय बारिश की स्थिति आने वाले घंटों में कानपुर और आसपास गंगा के जलस्तर को प्रभावित कर सकती है।
कानपुर से गुजर रही मानसून द्रोणिका
मौसम विभाग के ताजा मौसम विश्लेषण के अनुसार मानसून द्रोणिका का मार्ग उत्तर प्रदेश के शाहजहांपुर और कानपुर क्षेत्र से होकर आगे बढ़ रहा है। झारखंड और आसपास बने निम्न दबाव क्षेत्र के साथ यह मौसमी सिस्टम प्रदेश में नमी और बारिश की गतिविधियों को सक्रिय बनाए हुए है। मध्य उत्तर प्रदेश में कानपुर, कानपुर देहात, लखनऊ, उन्नाव, हरदोई, रायबरेली, फतेहपुर, कन्नौज और आसपास के जिलों में मौसम तेजी से बदल सकता है। कहीं रुक-रुक कर बारिश तो कुछ स्थानों पर तेज वर्षा का दौर बन सकता है।
यमुना में भी पानी बढ़ा, हालांकि खतरे से बहुत नीचे
औरैया में यमुना का जलस्तर भी बढ़ने की प्रवृत्ति में है। 25 अगस्त सुबह आठ बजे नदी का जलस्तर 103.020 मीटर दर्ज किया गया और ट्रेंड राइजिंग रहा। हालांकि यहां चेतावनी स्तर 112 मीटर और खतरे का निशान 113 मीटर है। इस लिहाज से यमुना फिलहाल चेतावनी स्तर से करीब 8.98 मीटर नीचे है। जिले में पिछले 24 घंटे के दौरान 24.2 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई है। वर्ष 2021 में यहां यमुना का उच्चतम बाढ़ स्तर 118.51 मीटर दर्ज किया गया था।
अगले 48 घंटे क्यों महत्वपूर्ण
IMD के पूर्वानुमान के अनुसार 25 और 26 अगस्त को पूर्वी उत्तर प्रदेश में अनेक स्थानों पर बारिश और गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ सकती हैं। कुछ स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना है। पश्चिमी उत्तर प्रदेश में भी कई इलाकों में बारिश और कहीं-कहीं भारी वर्षा की स्थिति बन सकती है। मध्य उत्तर प्रदेश इन दोनों क्षेत्रों के मौसमीय प्रभाव के बीच है। ऐसे में बारिश का वितरण एक समान रहने की संभावना नहीं है। किसी क्षेत्र में हल्की या मध्यम बारिश हो सकती है, जबकि कुछ दूरी पर स्थित इलाके में कुछ घंटों के भीतर तेज वर्षा दर्ज हो सकती है।
शहरों के साथ गंगा किनारे के इलाकों पर भी नजर
कानपुर जैसे बड़े शहरों में तेज बारिश का असर जलभराव और यातायात पर पड़ सकता है। वहीं गंगा का जलस्तर चेतावनी बिंदु पार करने के बाद नदी किनारे और निचले क्षेत्रों में रहने वाले लोगों के लिए सतर्कता बढ़ गई है। बाढ़ नियंत्रण विभाग के लिए आने वाले घंटे महत्वपूर्ण हैं, क्योंकि स्थानीय बारिश, ऊपरी बैराजों से डिस्चार्ज और गंगा में पहले से मौजूद पानी—तीनों कारक जलस्तर की दिशा तय करेंगे। फिलहाल कानपुर बैराज पर पानी चेतावनी स्तर के ऊपर है, लेकिन खतरे के निशान से नीचे है।

