- कानपुर के 38 स्कूलों के विद्यार्थियों ने विज्ञान और तकनीक से जोड़े सामाजिक सरोकार
- ऊर्जा, खाद्य और भूमि संकट पर मॉडल, एआई से साइबर सिक्योरिटी तक परखी समझ
भारत 19
कानपुर। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, साइबर सिक्योरिटी और रोबोटिक्स के दौर में स्कूली छात्र तकनीक को न सिर्फ समझ रहे हैं, बल्कि उसके जरिए समाज की वास्तविक चुनौतियों के समाधान भी तलाश रहे हैं। उनकी बौद्धिक क्षमता का कमाल ऊर्जा, ईंधन, खाद्य और भूमि संकट पर तैयार कार्यशील मॉडलों में देखने को मिला, तो स्मार्ट सिटी, सौर ऊर्जा और स्वचालित रेलवे क्रॉसिंग जैसे विषयों पर भी नई सोच सामने आई।
कानपुर नगर के करीब 38 विद्यालयों के लगभग 450 विद्यार्थियों ने पंडित दीनदयाल उपाध्याय सनातन धर्म विद्यालय, नवाबगंज में आयोजित टेक-ओ-इनोवा विज्ञान प्रदर्शनी में 60 से अधिक मॉडल और शोध पत्र प्रस्तुत किए। प्रदर्शनी में विज्ञान के पारंपरिक मॉडलों के साथ एआई, पाइथन प्रोग्रामिंग, डाटा विजुअलाइजेशन, साइबर सिक्योरिटी और रोबोटिक्स जैसी नई तकनीकों पर भी छात्रों की समझ परखी गई।
संकटों के समाधान में विज्ञान की नई सोच
आयोजन की प्रमुख प्रतियोगिता फ्यूचर इनोवेटर्स में विद्यार्थियों ने विज्ञान और समाज से जुड़ी समस्याओं के समाधान पर आधारित कार्यशील मॉडल प्रस्तुत किए। स्मार्ट सिटी, सौर ऊर्जा और स्वचालित रेलवे क्रॉसिंग जैसे विषयों के जरिए छात्रों ने तकनीक के व्यावहारिक उपयोग की संभावनाएं सामने रखीं। लेट्स इनोवेट में ऊर्जा संकट, ईंधन संकट, खाद्य संकट और भूमि संकट जैसे विषयों पर कार्यशील मॉडल तैयार किए गए। आयोजन का फोकस केवल वैज्ञानिक सिद्धांतों को प्रदर्शित करने के बजाय उन्हें रोजमर्रा और सामाजिक चुनौतियों के समाधान से जोड़ने पर रहा।
एआई और साइबर सिक्योरिटी की भी परीक्षा
विज्ञान प्रदर्शनी का दायरा पारंपरिक मॉडल तक सीमित नहीं रहा। कोड कॉन्कर में पाइथन के मूल सिद्धांत, फंक्शंस, फाइल हैंडलिंग, डाटा विजुअलाइजेशन और डाटा स्ट्रक्चर से जुड़े प्रश्नों के जरिए विद्यार्थियों की कंप्यूटर आधारित समझ परखी गई। वहीं टेक क्विजा में पाइथन प्रोग्रामिंग, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, सूचना प्रौद्योगिकी और साइबर सिक्योरिटी जैसे विषय शामिल रहे। तीन चरणों में आयोजित इस गतिविधि में तकनीक की बदलती दुनिया से जुड़े विषयों पर छात्रों की पकड़ देखी गई।
रोबोटिक्स ने दिया तकनीकी कौशल का मंच
नेक्सस ऑफ रोबो में दो-दो प्रतिभागियों की टीमों ने अपने रोबोट के जरिए तकनीकी कौशल का प्रदर्शन किया। आयोजन के तीन चरण—हर्डल रेस, व्हील्स ऑन फील्ड और फाइनल क्लैश—रोबोट को संचालित करने और उसके प्रदर्शन पर केंद्रित रहे। प्रदर्शनी में प्रत्येक विद्यालय से एक प्रतिनिधि छात्र ने शोध पत्र भी प्रस्तुत किया। आयोजकों के अनुसार इन शोध पत्रों को साइंस जर्नल में प्रकाशित किया जाएगा। इस तरह आयोजन ने मॉडल प्रदर्शनी के साथ छात्रों को शोध और वैज्ञानिक लेखन से जोड़ने की भी कोशिश की।
एआई के दौर में भी शिक्षक की भूमिका अहम
समापन सत्र में मुख्य अतिथि प्रख्यात वैज्ञानिक पद्मश्री डॉ. एनसी वर्मा ने छात्रों के साथ संवाद करते हुए तकनीक और शिक्षा के बदलते रिश्ते पर बात की। उन्होंने कहा कि इंटरनेट और एआई के माध्यम से जानकारी तक पहुंच आसान हुई है, लेकिन इससे शिक्षक की आवश्यकता समाप्त नहीं हो जाती। उनके अनुसार शिक्षक और विद्यार्थी के बीच का भावनात्मक संबंध, जिज्ञासा और प्रश्न पूछने की प्रवृत्ति विकसित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। उन्होंने विद्यार्थियों से हर चीज को जानने-समझने और अपनी जिज्ञासा बनाए रखने की अपील की।
अंतर-विद्यालय विज्ञान प्रदर्शनी में डीपीएस आजाद नगर ने पहला स्थान हासिल किया। नेक्सस ऑफ रोबो में भी डीपीएस आजाद नगर प्रथम रहा, जबकि लेट्स इनोवेट में बीएनएसडी शिक्षा निकेतन को दूसरा स्थान मिला। समापन सत्र में विजेता और प्रतिभागी छात्रों को सम्मानित किया गया।


