- स्थानीय समस्याओं के समाधान के लिए Innovation Challenge की तैयारी, मोदी@25 से पहली बार वोटरों तक पहुंचेगी पार्टी
भारत 19
राजीव सक्सेना, नई दिल्ली। उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 से पहले भारतीय जनता पार्टी ने Gen-Z और पहली बार वोट डालने जा रहे युवा मतदाताओं पर फोकस बढ़ा दिया है। युवाओं के बीच अपनी पकड़ मजबूत करने के लिए पार्टी अब सिर्फ सरकार की उपलब्धियां गिनाने और राजनीतिक संवाद तक सीमित नहीं रहना चाहती। इसके लिए स्थानीय समस्याओं के समाधान में युवाओं की भागीदारी बढ़ाने के लिए Innovation Challenge कराने की तैयारी है। प्रतियोगिताएं ब्लॉक, जिला और राज्य स्तर पर कराने की योजना है। इसके साथ ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सार्वजनिक जीवन के 25 वर्ष पूरे होने को ‘मोदी@25’ अभियान के जरिए युवा संपर्क से जोड़ने की रणनीति बनाई जा रही है।
Gen-Z के लिए बदलेगा भाजपा का संपर्क अभियान
दिल्ली समेत देश के कई हिस्सों में युवाओं के बीच उभरे असंतोष और बदलते राजनीतिक माहौल ने भाजपा की रणनीति में Gen-Z को केंद्र में ला दिया है। पार्टी अब इस वर्ग तक पहुंचने के लिए पारंपरिक सभाओं और राजनीतिक कार्यक्रमों के साथ डिजिटल प्लेटफॉर्म, सोशल मीडिया और सीधे युवा संवाद का सहारा लेगी। खास तौर पर उत्तर प्रदेश में 2027 के चुनाव में पहली बार मतदान करने वाले युवाओं का बड़ा वर्ग महत्वपूर्ण होगा। भाजपा की कोशिश है कि इन मतदाताओं को चुनाव के ठीक पहले राजनीतिक अपील से जोड़ने के बजाय अभी से लगातार संपर्क में रखा जाए।
Innovation Challenge से युवाओं को मिलेगा सीधा रोल
भाजपा की प्रस्तावित रणनीति में Innovation Challenge सबसे अलग प्रयोग होगा। इसके तहत युवाओं से उनके क्षेत्र की स्थानीय समस्याओं की पहचान करने और उनके व्यावहारिक समाधान सुझाने के लिए कहा जाएगा। पार्टी की योजना विकास खंड, जिला और राज्य स्तर पर प्रतियोगिताएं कराने की है। इससे युवाओं को सिर्फ सरकार या राजनीति पर अपनी राय रखने के बजाय सड़क, पानी, शिक्षा, रोजगार, तकनीक और दूसरी स्थानीय समस्याओं के समाधान के लिए अपने आइडिया देने का मंच मिलेगा। भाजपा का फोकस यह संदेश देने पर होगा कि युवा केवल वोट देने वाला वर्ग नहीं, बल्कि स्थानीय बदलाव में भागीदार भी हो सकता है।
मोदी@25 से युवाओं तक पहुंचेगा राजनीतिक सफर
युवा संपर्क अभियान का दूसरा बड़ा हिस्सा ‘मोदी@25’ होगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सात अक्टूबर 2001 को गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में पहली बार शपथ ली थी। इस लिहाज से अक्टूबर 2026 में उनके सार्वजनिक जीवन के 25 वर्ष पूरे होंगे। पार्टी इस अवसर को युवाओं के बीच संवाद के बड़े अभियान में बदलने की तैयारी कर रही है। मोदी@25 की थीम पर डिजिटल और फोटो प्रदर्शनियां लगाने के साथ ही युवा संवाद और सोशल मीडिया अभियान चलाए जाएंगे। इनके जरिए प्रधानमंत्री के 25 वर्ष के राजनीतिक सफर, शासन और विकास से जुड़े पहलुओं को युवा पीढ़ी तक पहुंचाने की कोशिश होगी।
सोशल मीडिया पर भी सीधे Gen-Z से संवाद
भाजपा की नई रणनीति का बड़ा हिस्सा डिजिटल होगा। पार्टी सोशल मीडिया के जरिए युवाओं तक पहुंचेगी और मोदी@25 से जुड़े कंटेंट को अलग-अलग डिजिटल प्लेटफॉर्म पर प्रचारित करेगी। इसमें वीडियो, फोटो, डिजिटल स्टोरी और युवा संवाद को प्रमुखता दी जाएगी। मकसद साफ है, जिस युवा की राजनीतिक जानकारी का बड़ा हिस्सा सोशल मीडिया से आता है, उससे संवाद का माध्यम भी वही बनाया जाए।
सेवा संकल्प अभियान से जुड़ेगा युवा संपर्क
भाजपा मोदी@25 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन 17 सितंबर से शुरू होने वाले सेवा संकल्प अभियान के साथ जोड़कर बड़े जनसंपर्क कार्यक्रम का रूप देने की तैयारी कर रही है। यानी पार्टी की रणनीति में मोदी@25, युवा संवाद, सोशल मीडिया कैंपेन, Innovation Challenge और सेवा अभियान अलग-अलग गतिविधियां नहीं, बल्कि 2027 के चुनाव से पहले व्यापक जनसंपर्क अभियान के हिस्से होंगे।
छह महीने में बदलना होगा युवा वोटरों का मूड
उत्तर प्रदेश विधानसभा का मौजूदा कार्यकाल 22 मई 2027 तक है। ऐसे में चुनाव की तैयारियों के लिए भाजपा के पास अब ज्यादा समय नहीं बचा है। फरवरी-मार्च 2027 में चुनाव होने की संभावना को देखते हुए अगले कुछ महीने पार्टी के लिए बेहद अहम होंगे। यही वजह है कि भाजपा की रणनीति में Gen-Z को साधना अब केवल चुनावी अभियान का हिस्सा नहीं, बल्कि उससे पहले शुरू होने वाली राजनीतिक तैयारी बनता दिख रहा है। पार्टी के सामने चुनौती इसलिए भी बड़ी है क्योंकि युवा मतदाता रोजगार, शिक्षा, प्रतियोगी परीक्षाओं, अवसर और स्थानीय सुविधाओं जैसे मुद्दों को लेकर ज्यादा मुखर हैं। ऐसे में केवल उपलब्धियों का प्रचार करने से काम चलेगा या नहीं, यह भाजपा के सामने बड़ा सवाल है।
Innovation Challenge कितना बदल पाएगा युवा नैरेटिव
भाजपा का नया प्रयोग युवाओं को सीधे स्थानीय समस्याओं से जोड़ने की कोशिश है। लेकिन इसकी सफलता इस बात पर निर्भर करेगी कि युवाओं के सुझाए समाधान केवल प्रतियोगिता तक सीमित रहते हैं या वास्तव में उन्हें जमीन पर उतारने की कोई व्यवस्था भी बनती है। यही इस पूरी रणनीति की सबसे बड़ी परीक्षा होगी। 2027 के विधानसभा चुनाव में भाजपा के सामने सत्ता बनाए रखने की चुनौती है। विपक्ष पहले से ज्यादा आक्रामक है और युवा मतदाता भी पहले की तुलना में अपनी समस्याओं और अपेक्षाओं को लेकर ज्यादा मुखर हैं। ऐसे में Gen-Z को साधने के लिए Innovation Challenge और मोदी@25 का दांव भाजपा के लिए कितना कारगर साबित होता है, इसकी असली परीक्षा चुनाव से पहले होने वाले युवा संवाद में होगी।


