Hot Topics

तीन साल जेल में रहा पांच लाख का इनामी, पुलिस को अब पता चला

  • उमेश पाल हत्याकांड में वांछित अरमान 27 फरवरी 2023 से गया जेल में बंद था, सितंबर में इनपुट मिलने पर प्रयागराज पुलिस ने रिकॉर्ड से पहचान की

भारत 19/ प्रयागराज। उमेश पाल हत्याकांड में करीब साढ़े तीन साल से फरार चल रहे पांच लाख रुपये के इनामी आरोपी मोहम्मद अरमान उर्फ अरमान बिहारी को लेकर पुलिस की तलाश का हैरान करने वाला अंत हुआ है। जिसे प्रयागराज पुलिस लंबे समय से फरार मानकर खोज रही थी, वह बिहार की गया सेंट्रल जेल में बंद मिला। खास बात यह है कि अरमान 27 फरवरी 2023 से ही एक अलग फायरिंग मामले में न्यायिक हिरासत में था। यानी उमेश पाल हत्याकांड के बाद से वह जेल में रहा, लेकिन प्रयागराज पुलिस को उसके वहां होने की जानकारी सितंबर 2026 में मिली।

तीन साल तक जेल में रहा, पुलिस तलाशती रही

24 फरवरी 2023 को प्रयागराज में उमेश पाल और उनके दो सरकारी गनरों की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। जांच में मोहम्मद अरमान का नाम सामने आया। पुलिस ने उसे अतीक अहमद गिरोह से जुड़ा आरोपी बताते हुए पांच लाख रुपये का इनाम घोषित किया था। हत्याकांड के बाद पुलिस और एसटीएफ उसकी तलाश में जुटी रही। अलग-अलग स्थानों पर दबिश और संभावित ठिकानों की पड़ताल के बावजूद उसका पता नहीं चल सका। इसी दौरान अरमान बिहार पहुंचा और एक दूसरे आपराधिक मामले में जेल चला गया।

अरमान गया जेल कैसे पहुंचा

उपलब्ध पुलिस और मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, गया के कठोकर तालाब इलाके में अंडे की दुकान पर फायरिंग के मामले में अरमान का नाम सामने आया था। उसने इस मामले में अदालत में सरेंडर किया और उसे गया सेंट्रल जेल भेज दिया गया। 27 फरवरी 2023 से वह गया जेल में न्यायिक हिरासत में बंद था। यानी उमेश पाल हत्याकांड के दो दिन बाद वह जेल पहुंच गया था और वहीं रहा। यही इस मामले का सबसे अहम सवाल बनता है कि पांच लाख रुपये के इनामी और वांछित आरोपी के जेल में बंद होने की जानकारी प्रयागराज पुलिस को इतने लंबे समय तक क्यों नहीं मिल सकी।

पुलिस को सुराग कैसे मिला

प्रयागराज पुलिस को सितंबर के आखिर में इनपुट मिला कि उमेश पाल हत्याकांड में वांछित अरमान बिहार की गया सेंट्रल जेल में बंद है। इसके बाद धूमनगंज थाने की टीम 30 सितंबर को गया पहुंची। पुलिस ने जेल रिकॉर्ड खंगालने के साथ अरमान की पहचान की पुष्टि की। उसकी ताजा तस्वीर और अंगूठे के निशान लिए गए। रिकॉर्ड मिलान के बाद यह स्पष्ट हुआ कि जेल में बंद व्यक्ति वही अरमान है, जिसकी उमेश पाल हत्याकांड में तलाश थी।

2023 में बिहार से जुड़ा था सुराग

अरमान के बिहार से संबंध का सुराग पूरी तरह नया भी नहीं था। 2023 में उसके बिहार में सरेंडर करने की चर्चा सामने आई थी, लेकिन उस समय प्रयागराज पुलिस की ओर से इसकी पुष्टि नहीं हुई थी। बाद की जांच में गया के एक अलग फायरिंग मामले का रिकॉर्ड सामने आया और अब उसी मामले के कारण वह गया जेल में बंद मिला। यह तथ्य जांच एजेंसियों के बीच वांछित आरोपियों की जानकारी साझा किए जाने की व्यवस्था को लेकर भी महत्वपूर्ण सवाल खड़ा करता है। हालांकि, इसे पुलिस की चूक बताने से पहले संबंधित अधिकारियों का पक्ष सामने आना जरूरी है।

उमेश पाल हत्याकांड में अब होगी पूछताछ

गया जेल में अरमान की पहचान की पुष्टि के बाद प्रयागराज पुलिस ने उसे उमेश पाल हत्याकांड में लाने की कानूनी प्रक्रिया शुरू की। गया की अदालत से ट्रांजिट रिमांड मिलने के बाद उसे प्रयागराज लाया जा रहा है। पुलिस अब उससे हत्याकांड में उसकी कथित भूमिका, वारदात से पहले और बाद की गतिविधियों तथा दूसरे आरोपियों से उसके संपर्क के बारे में पूछताछ करेगी। पुलिस उसे हत्याकांड में शूटर और अतीक अहमद गिरोह से जुड़ा आरोपी बताती रही है। इन आरोपों का अंतिम निर्धारण अदालत में उपलब्ध साक्ष्यों और सुनवाई के आधार पर होगा।

Tags :

Bharat 19 News

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Recent News