– SEMICON India 2026 के पांचवें संस्करण का आगाज, पीएम ने सेमीकंडक्टर यात्रा के दूसरे चरण और पूरी वैल्यू चेन मजबूत करने पर दिया जोर
भारत 19
नई दिल्ली। भारत सेमीकंडक्टर के क्षेत्र में अब सिर्फ चिप बनाने की क्षमता विकसित करने तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि डिजाइन, निर्माण, पैकेजिंग से लेकर इलेक्ट्रॉनिक सिस्टम तक पूरा इकोसिस्टम तैयार करेगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को नई दिल्ली के यशोभूमि में SEMICON India 2026 के पांचवें संस्करण का उद्घाटन करते हुए कहा कि भारत की सेमीकंडक्टर यात्रा अब दूसरे चरण में पहुंच चुकी है। उन्होंने कहा कि देश परियोजनाओं की घोषणा और निर्माण के चरण से आगे बढ़कर व्यावसायिक उत्पादन की दिशा में आगे बढ़ रहा है।
चिप से आगे पूरी वैल्यू चेन बनाने पर जोर
प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत का लक्ष्य केवल सेमीकंडक्टर फैब्रिकेशन इकाइयां स्थापित करना नहीं है। देश में चिप डिजाइन, फैब्रिकेशन, एडवांस पैकेजिंग, उपकरण, सामग्री, रिसर्च और कुशल मानव संसाधन को एक साथ विकसित करने पर जोर दिया जा रहा है। SEMICON India 2026 की थीम ‘Silicon to Systems: Building the Ecosystem’ इसी व्यापक लक्ष्य को दर्शाती है। यानी भारत चिप निर्माण के साथ उससे जुड़ी पूरी वैल्यू चेन को देश में विकसित करने की दिशा में बढ़ रहा है।
तीन परियोजनाएं व्यावसायिक उत्पादन तक पहुंचीं
प्रधानमंत्री ने भारत में सेमीकंडक्टर क्षेत्र में हुए बदलाव का उल्लेख करते हुए कहा कि देश अब उत्पादन के चरण में पहुंच रहा है। सरकार के अनुसार Semicon India Programme के तहत मंजूर 12 परियोजनाओं में से तीन 2026 में व्यावसायिक उत्पादन शुरू कर चुकी हैं। इसके साथ सेमीकंडक्टर मिशन के अगले चरण Semicon 2.0 के जरिये उत्पादन क्षमता और पूरे इकोसिस्टम को विस्तार देने की दिशा में काम किया जा रहा है। SEMICON India 2026 में ‘Sand to Silicon to Systems’ वैल्यू चेन को प्रमुखता से प्रदर्शित किया जा रहा है। इसमें सेमीकंडक्टर सामग्री और उपकरण से लेकर चिप डिजाइन, निर्माण, एडवांस पैकेजिंग और इलेक्ट्रॉनिक सिस्टम तक की पूरी प्रक्रिया को दिखाया गया है।
52 देशों की 600 से ज्यादा कंपनियां शामिल
SEMICON India 2026 में 52 देशों की 600 से अधिक कंपनियां भाग ले रही हैं। आयोजन में 400 से अधिक कार्यकारी अधिकारी और 150 से ज्यादा वक्ता शामिल हैं। जापान, दक्षिण कोरिया, मलेशिया, नीदरलैंड, सिंगापुर और स्वीडन के कंट्री पवेलियन भी लगाए गए हैं। आयोजन 17 से 19 सितंबर तक चलेगा। प्रधानमंत्री ने वैश्विक सेमीकंडक्टर कंपनियों के प्रमुखों के साथ राउंडटेबल बैठक की, इसमें माइक्रोन, इंटेल, एएमडी, एएसएमएल, एप्लाइड मैटेरियल्स और टोक्यो इलेक्ट्रॉन जैसी कंपनियों के प्रतिनिधि शामिल हुए। प्रधानमंत्री ने उद्योग जगत से भारत के सेमीकंडक्टर इकोसिस्टम में निवेश, रिसर्च और नवाचार बढ़ाने का आह्वान किया।
आत्मनिर्भर भारत की तकनीकी क्षमता से जुड़ा मिशन
सेमीकंडक्टर को भारत की तकनीकी और औद्योगिक क्षमता के लिए रणनीतिक क्षेत्र माना जा रहा है। मोबाइल, इलेक्ट्रॉनिक्स, ऑटोमोबाइल, दूरसंचार और एआई जैसी तकनीकों में चिप की अहम भूमिका है। ऐसे में घरेलू उत्पादन क्षमता बढ़ाने से भारत की इलेक्ट्रॉनिक्स सप्लाई चेन को मजबूत करने में मदद मिल सकती है। प्रधानमंत्री के संबोधन का मुख्य संदेश यही रहा कि भारत अब केवल चिप निर्माण की क्षमता नहीं, बल्कि डिजाइन से लेकर अंतिम इलेक्ट्रॉनिक सिस्टम तक अपना सेमीकंडक्टर इकोसिस्टम तैयार करने के अगले चरण में प्रवेश कर चुका है।


