- नितिन नवीन, योगी आदित्यनाथ और पंकज चौधरी मेरठ-सहारनपुर में साधेंगे संगठन; 4,800 शक्ति केंद्र संयोजकों-मंडल अध्यक्षों से फीडबैक, 2,000 युवाओं से संवाद और 71 विधानसभा सीटों की तैयारियों पर मंथन
भारत 19 उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 से पहले भाजपा ने पश्चिमी यूपी में संगठन को चुनावी मोड में लाने की कवायद तेज कर दी है। पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन दो दिवसीय दौरे पर मेरठ और सहारनपुर पहुंचे हैं। उनके साथ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी भी हैं। तीनों नेताओं की मौजूदगी में संगठन, युवा और जमीनी चुनावी तैयारियों को लेकर मंथन हो रहा है। फोकस पश्चिमी यूपी की 71 विधानसभा सीटों पर संगठन की स्थिति और बूथ स्तर की तैयारियों का फीडबैक लेने पर है।
2,000 युवाओं से संवाद से शुरू हुआ मिशन
मेरठ में नितिन नवीन ने सुभारती विश्वविद्यालय में करीब 2,000 युवाओं के साथ संवाद किया। कार्यक्रम में रोजगार, स्टार्टअप, शिक्षा, एआई और राजनीति में युवाओं की भागीदारी जैसे मुद्दों पर बातचीत का कार्यक्रम रखा गया। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी भी इस कार्यक्रम में मौजूद रहे। युवा संवाद को पार्टी की चुनावी तैयारियों में नई पीढ़ी से सीधे जुड़ने की कवायद के तौर पर देखा जा रहा है। खास तौर पर पहली बार मतदान करने वाले युवाओं तक पहुंच बनाना 2027 की तैयारियों का एक प्रमुख हिस्सा है।
4,800 पदाधिकारियों से बूथ स्तर का फीडबैक
युवा संवाद के बाद नितिन नवीन ने पश्चिम क्षेत्र के करीब 4,800 शक्ति केंद्र संयोजकों और मंडल अध्यक्षों के साथ संगठनात्मक बैठक की। इसमें पश्चिमी यूपी के 19 संगठनात्मक जिलों और 71 विधानसभा क्षेत्रों से जुड़े पदाधिकारी शामिल हैं। बैठक में बूथ स्तर की सक्रियता, संगठन के विस्तार, कार्यकर्ताओं की भूमिका और चुनावी तैयारियों से जुड़े जमीनी फीडबैक पर चर्चा की जा रही है। इसके बाद पार्टी के क्षेत्रीय पदाधिकारियों और जनप्रतिनिधियों के साथ भी अलग बैठकें होनी हैं।
71 सीटों पर संगठन की ताकत परखी जा रही
पश्चिमी यूपी की 71 विधानसभा सीटें भाजपा की मौजूदा चुनावी तैयारियों का बड़ा फोकस हैं। मेरठ, सहारनपुर, मुजफ्फरनगर, बागपत, शामली, बुलंदशहर और गाजियाबाद समेत क्षेत्र के विभिन्न जिलों में पार्टी का संगठन बूथ स्तर तक फैला हुआ है। नितिन नवीन के दौरे में इन सीटों पर संगठन की जमीनी स्थिति, कार्यकर्ताओं की सक्रियता और स्थानीय स्तर की चुनौतियों का फीडबैक लिया जा रहा है। चुनाव में अभी समय है, इसलिए पार्टी का मौजूदा जोर संगठनात्मक तैयारियों को व्यवस्थित करने पर है।
किसान, युवा और स्थानीय मुद्दों पर भी नजर
पश्चिमी यूपी की राजनीति में किसान, गन्ना, रोजगार और क्षेत्रीय विकास जैसे मुद्दे लगातार चर्चा में रहते हैं। संगठनात्मक बैठकों में स्थानीय पदाधिकारियों और जनप्रतिनिधियों से इन मुद्दों पर भी फीडबैक लिया जा रहा है। नितिन नवीन के दौरे का एक उद्देश्य यह भी है कि क्षेत्र में संगठन और जनप्रतिनिधियों के बीच समन्वय को मजबूत किया जाए और स्थानीय स्तर से सामने आने वाली समस्याओं की जानकारी शीर्ष नेतृत्व तक पहुंचे।
मेरठ के बाद सहारनपुर में होगी अगली कड़ी
दो दिवसीय दौरे के दूसरे दिन नितिन नवीन 22 सितंबर को सहारनपुर जाएंगे। वहां भी पार्टी पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं के साथ संगठनात्मक बैठकें होंगी। पश्चिमी यूपी में संगठन की स्थिति और 2027 की चुनावी तैयारियों को लेकर वहां भी फीडबैक लिया जाएगा। मेरठ और सहारनपुर के कार्यक्रमों को एक साथ देखें तो भाजपा का फोकस केवल बड़े नेताओं की सभाओं पर नहीं, बल्कि संगठन के निचले स्तर तक चुनावी तैयारियों को सक्रिय करने पर दिखाई देता है।
विपक्ष की सक्रियता के बीच BJP का संगठन फोकस
पश्चिमी यूपी में हाल के दिनों में विभिन्न राजनीतिक दलों की गतिविधियां बढ़ी हैं। इसी बीच भाजपा का शीर्ष नेतृत्व भी क्षेत्र में सीधे पहुंचकर संगठन की स्थिति समझ रहा है। नितिन नवीन, योगी आदित्यनाथ और पंकज चौधरी की संयुक्त मौजूदगी वाले कार्यक्रमों में संगठन और सरकार से जुड़े मुद्दों को एक साथ रखा जा रहा है। इससे 2027 चुनाव की तैयारियों में पश्चिमी यूपी को दिए जा रहे महत्व का संकेत मिलता है।
2027 से पहले बूथ तक संगठन कसने की तैयारी
नितिन नवीन का मेरठ-सहारनपुर दौरा भाजपा की मिशन-2027 तैयारियों का संगठनात्मक हिस्सा है। युवा संवाद से लेकर 4,800 पदाधिकारियों की बैठक और 71 विधानसभा सीटों के फीडबैक तक, पार्टी ने इस दौरे में संगठन की कई परतों को एक साथ जोड़ा है। अब इन बैठकों से मिलने वाले फीडबैक के आधार पर पश्चिमी यूपी में आगे की संगठनात्मक गतिविधियों और चुनावी तैयारियों का रोडमैप तैयार किया जाएगा।
