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राम मंदिर चढ़ावा चोरी: चार्जशीट पर वकीलों का विरोध

  • आठ आरोपियों के खिलाफ कोर्ट में दाखिल हुई चार्जशीट; अधिवक्ताओं ने कार्य बहिष्कार कर ट्रस्ट पदाधिकारियों के खिलाफ एफआईआर की मांग दोहराई, जिला जज की मध्यस्थता के बाद वकीलों ने पढ़ी चार्जशीट

भारत 19
अयोध्या।
अयोध्या के राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में पुलिस ने जांच पूरी कर आठ आरोपियों के खिलाफ अदालत में चार्जशीट दाखिल कर दी। चार्जशीट दाखिल होने की जानकारी मिलते ही अधिवक्ताओं ने कार्य बहिष्कार शुरू कर विरोध जताया। वकीलों की आपत्ति थी कि उनकी ओर से पहले दी गई शिकायत और आपत्तियों पर सुनवाई किए बिना चार्जशीट दाखिल की गई। बाद में जिला जज की मध्यस्थता के बाद अधिवक्ताओं के प्रतिनिधि विशेष अदालत पहुंचे और चार्जशीट पढ़ी।

आठ आरोपियों के खिलाफ दाखिल हुई चार्जशीट

राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले की विवेचना पूरी होने के बाद पुलिस ने जेल में निरुद्ध आठ आरोपियों के खिलाफ आरोपपत्र दाखिल किया है। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक चार्जशीट में टिन्नू यादव, करुणेश, मनीष, सुभाष चंद्र श्रीवास्तव, रमाशंकर, अनुकल्प मिश्र और लवकुश मिश्र समेत आठ लोगों के खिलाफ आरोप दर्ज किए गए हैं। चार्जशीट दाखिल होने के साथ मामले की जांच का यह चरण पूरा हो गया है और अब अदालत में आगे की न्यायिक प्रक्रिया चलेगी।

चार्जशीट दाखिल होते ही अधिवक्ताओं ने किया विरोध

चार्जशीट दाखिल होने की जानकारी मिलते ही अधिवक्ता विशेष न्यायाधीश, भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की अदालत के बाहर पहुंच गए। वकीलों ने कार्य बहिष्कार करते हुए विरोध जताया। उनका कहना था कि चार्जशीट दाखिल करने से पहले उनकी ओर से उठाई गई आपत्ति पर सुनवाई होनी चाहिए थी। अधिवक्ताओं ने यह भी सवाल उठाया कि चार्जशीट में राम मंदिर ट्रस्ट से जुड़े पदाधिकारियों और बैंककर्मियों की भूमिका को लेकर क्या तथ्य सामने आए हैं।

ट्रस्ट पदाधिकारियों पर एफआईआर की मांग

अधिवक्ता संघ की ओर से राम मंदिर ट्रस्ट के पूर्व महासचिव चंपत राय, डॉ. अनिल मिश्र और गोपाल राव समेत कुछ अन्य लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने की मांग पहले ही उठाई जा चुकी है। इस संबंध में पुलिस को तहरीर दिए जाने के साथ अदालत का रुख भी किया गया है। वकीलों की आपत्ति का एक प्रमुख बिंदु यही है कि उनकी ओर से उठाई गई मांग पर कार्रवाई की स्थिति स्पष्ट किए बिना आठ आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल कर दी गई।

जिला जज की मध्यस्थता से खत्म हुआ गतिरोध

विरोध के बाद जिला जज की मध्यस्थता से अधिवक्ताओं और अदालत के बीच गतिरोध दूर करने की कोशिश हुई। इसके बाद कुछ अधिवक्ता विशेष न्यायाधीश की अदालत में पहुंचे। उपलब्ध रिपोर्ट के मुताबिक पांच अधिवक्ताओं ने कोर्ट के भीतर जाकर चार्जशीट पढ़ी, जबकि अन्य वकील बाहर रहे। चार्जशीट देखने के बाद अधिवक्ता वापस लौट आए।

जांच में सामने आए हैं कई तरह के साक्ष्य

राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले की जांच में सीसीटीवी फुटेज, गवाहों के बयान, तलाशी और बरामदगी, बैंक एवं वित्तीय रिकॉर्ड और डिजिटल साक्ष्यों समेत कई पहलुओं की जांच की गई है। इससे पहले सुप्रीम कोर्ट में भी जांच की प्रगति और चार्जशीट दाखिल किए जाने की समयसीमा को लेकर जानकारी दी गई थी। सुप्रीम कोर्ट को दी गई जानकारी के अनुसार मंदिर परिसर के सीसीटीवी फुटेज में चढ़ावे से जुड़ी संदिग्ध गतिविधियों की कई घटनाएं सामने आई थीं। हालांकि अंतिम निष्कर्ष अब अदालत में पेश किए गए आरोप पत्र और आगे की न्यायिक प्रक्रिया से तय होंगे।

अब चार्जशीट के तथ्यों पर सबकी नजर

आठ आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल होने के बाद अब मामले की अगली कानूनी प्रक्रिया अदालत में आगे बढ़ेगी। वहीं अधिवक्ताओं की ओर से उठाई गई ट्रस्ट पदाधिकारियों के खिलाफ एफआईआर की मांग भी इस मामले में महत्वपूर्ण बनी हुई है। फिलहाल पुलिस की ओर से दाखिल चार्जशीट और उसमें दर्ज साक्ष्यों के आधार पर अदालत आगे की कार्रवाई तय करेगी। ट्रस्ट से जुड़े जिन लोगों के खिलाफ अधिवक्ता कार्रवाई की मांग कर रहे हैं, उनकी भूमिका को लेकर अंतिम स्थिति न्यायिक प्रक्रिया और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर ही स्पष्ट होगी।

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