- लखनऊ की बैठक में बड़ा संगठनात्मक फैसला, आकाश आनंद को पार्टी से बाहर करने के बाद छोटे भतीजे को मिली अहम जिम्मेदारी, 2027 यूपी चुनाव से पहले बसपा में लगातार बदलाव
भारत 19
लखनऊ। बहुजन समाज पार्टी (बसपा) में पिछले कुछ सप्ताह से चल रहे संगठनात्मक बदलाव के बीच मायावती ने अपने छोटे भतीजे ईशान आनंद को पार्टी का राष्ट्रीय संयोजक नियुक्त किया है। बुधवार को लखनऊ में हुई पार्टी की अहम बैठक में मायावती ने यह घोषणा की। ईशान को पहले राष्ट्रीय स्तर पर संगठनात्मक जिम्मेदारियां दी गई थीं, लेकिन बाद में उन्हें भी पद से हटा दिया गया था। अब उन्हें फिर बड़ी जिम्मेदारी सौंपी गई है।
आकाश आनंद के बाद ईशान को मिली जिम्मेदारी
बसपा के राष्ट्रीय संयोजक का पद इससे पहले मायावती के बड़े भतीजे आकाश आनंद के पास था। सितंबर में मायावती ने आकाश को इस पद से हटाने के बाद उन्हें पार्टी से भी अलग कर दिया था। अब उसी पद पर ईशान आनंद की नियुक्ति की गई है। लखनऊ में हुई बैठक में उत्तर प्रदेश के साथ उत्तराखंड और पंजाब समेत आगामी चुनावों की तैयारियों पर भी चर्चा हुई। बैठक में पार्टी के वरिष्ठ पदाधिकारी और विभिन्न राज्यों के नेता मौजूद रहे।
सितंबर में कई बार बदली ईशान की भूमिका
ईशान आनंद के लिए यह नियुक्ति अचानक नहीं हुई है। सितंबर की शुरुआत में मायावती ने उन्हें मुख्य सेक्टर कोऑर्डिनेटर की जिम्मेदारी दी थी। उस समय उन्हें करीब 15 राज्यों के संगठन की जिम्मेदारी सौंपे जाने की जानकारी सामने आई थी। इसके कुछ दिन बाद मायावती ने ईशान से भी वह जिम्मेदारी वापस ले ली थी। 13 सितंबर की रिपोर्टों में सामने आया कि पार्टी प्रमुख ने संगठन में किसी भी व्यक्ति के कारण पार्टी के मिशन को प्रभावित नहीं होने देने की बात कही थी।
आकाश आनंद को पहले पद, फिर पार्टी से हटाया
ईशान की नई भूमिका को समझने के लिए आकाश आनंद से जुड़े हालिया घटनाक्रम को देखना जरूरी है। सितंबर की शुरुआत में मायावती ने आकाश को राष्ट्रीय संयोजक पद से हटा दिया था। इसके बाद 10 सितंबर को उन्हें बसपा से अलग करने का फैसला सामने आया। आकाश को हटाए जाने के बाद ईशान को संगठन में आगे लाने की प्रक्रिया शुरू हुई। बाद के दिनों में मायावती ने परिवार के सदस्यों की पार्टी में भूमिका को लेकर कई बयान दिए और ईशान को लेकर भी अपना रुख बदला।
ईशान आनंद कौन हैं
ईशान आनंद, मायावती के छोटे भाई और बसपा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष आनंद कुमार के छोटे बेटे हैं। वह आकाश आनंद के छोटे भाई हैं और पिछले कुछ समय से बसपा की राजनीतिक गतिविधियों में सक्रिय हुए हैं। रिपोर्टों के मुताबिक उन्होंने लंदन से पढ़ाई की है और पिछले साल से राजनीति में सक्रिय हैं। राष्ट्रीय संयोजक बनाए जाने के साथ पार्टी संगठन में ईशान की औपचारिक भूमिका अब पहले की तुलना में काफी महत्वपूर्ण हो गई है।
परिवार और संगठन को लेकर मायावती का बदला रुख
सितंबर में मायावती ने कई मौकों पर परिवार के सदस्यों को पार्टी की जिम्मेदारियों से दूर रखने की बात कही थी। इसी क्रम में ईशान से संगठनात्मक पद वापस लेने का फैसला भी हुआ था। बाद में उन्होंने ईशान को संगठन में आगे बढ़ाने की बात कही और अब उन्हें राष्ट्रीय संयोजक नियुक्त कर दिया गया है। इस पूरे घटनाक्रम में आकाश और ईशान की भूमिकाओं में आया बदलाव बसपा के मौजूदा संगठनात्मक पुनर्गठन का महत्वपूर्ण हिस्सा है।
2027 के चुनाव से पहले बसपा का फोकस संगठन
ईशान आनंद की नियुक्ति ऐसे समय हुई है जब उत्तर प्रदेश में 2027 विधानसभा चुनाव की तैयारियां तेज हो रही हैं। बसपा की लखनऊ बैठक में संगठन को मजबूत करने, आगामी चुनावों की तैयारी और पार्टी की आगे की दिशा पर चर्चा हुई। ईशान को राष्ट्रीय संयोजक बनाए जाने के बाद अब उनकी भूमिका केवल किसी एक राज्य तक सीमित नहीं रहेगी। राष्ट्रीय स्तर पर संगठन के साथ उनका जुड़ाव किस तरह आगे बढ़ता है, यह आने वाले समय में स्पष्ट होगा।
सितंबर में बसपा के प्रमुख बदलाव
3 सितंबर: आकाश आनंद को राष्ट्रीय संयोजक पद से हटाया गया।
7 सितंबर: ईशान आनंद को मुख्य सेक्टर कोऑर्डिनेटर की जिम्मेदारी दी गई।
10 सितंबर: आकाश आनंद को बसपा से अलग किए जाने की घोषणा हुई।
13 सितंबर: ईशान से भी संगठनात्मक जिम्मेदारी वापस ली गई।
20 सितंबर: मायावती की ओर से ईशान को आगे बढ़ाने का संकेत सामने आया।
23 सितंबर: ईशान आनंद को बसपा का राष्ट्रीय संयोजक नियुक्त किया गया।

