- गैंगस्टर एक्ट केस में निजी वकील न मिलने की अली की दलील; कोर्ट के निर्देश पर लीगल एड के चीफ डिफेंस काउंसिल विकास गुप्ता को मिली पैरवी की जिम्मेदारी
भारत 19
प्रयागराज। माफिया अतीक अहमद के बेटे अली अहमद से जुड़े गैंगस्टर एक्ट के मुकदमे में अब उसकी पैरवी सरकारी खर्चे पर नियुक्त अधिवक्ता करेंगे। अली ने अदालत में कहा था कि पिता अतीक अहमद और चाचा अशरफ की मौत के बाद कोई वकील उसकी ओर से मुकदमा लड़ने के लिए तैयार नहीं है। इसके बाद अदालत के निर्देश पर उसे विधिक सहायता उपलब्ध कराने की प्रक्रिया पूरी की गई।
कोर्ट के निर्देश पर लीगल एड वकील नियुक्त
15 सितंबर 2026 को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए हुई सुनवाई के दौरान अली अहमद समेत मामले के आरोपियों के बयान दर्ज किए गए। इसी दौरान अली की ओर से सरकारी खर्च पर अधिवक्ता उपलब्ध कराने की मांग रखी गई। मामले की सुनवाई कर रहीं अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश अनुराधा पुंडीर ने जिला विधिक सेवा प्राधिकरण को आरोपियों को विधिक सहायता उपलब्ध कराने के लिए आवश्यक कार्रवाई करने का निर्देश दिया। इसके बाद जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव ने लीगल एड के चीफ डिफेंस काउंसिल विकास गुप्ता को अली अहमद की ओर से पैरवी के लिए नियुक्त किया।
अली समेत सात आरोपियों को मिलेगी कानूनी मदद
गैंगस्टर एक्ट के इस मुकदमे में अली अहमद के अलावा मोहम्मद अरशद कटरा, कैश अहमद, राकेश उर्फ नाकेश, शारूक उर्फ शाहरुख, सदाकत खान और नियाज अहमद को भी विधिक सहायता उपलब्ध कराने की प्रक्रिया की गई है। जिन आरोपियों के पास निजी अधिवक्ता नहीं हैं, उनकी ओर से जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के माध्यम से नियुक्त वकील अदालत में पैरवी करेंगे।
उमेश पाल हत्याकांड के बाद दर्ज हुआ था केस
अली अहमद और अन्य आरोपियों के खिलाफ उमेश पाल हत्याकांड के बाद गैंगस्टर एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया गया था। इस मामले में न्यायिक कार्यवाही अभी जारी है। सरकारी खर्च पर अधिवक्ता की नियुक्ति का मतलब आरोपों पर अदालत की कोई राय नहीं है। यह उन आरोपियों को कानूनी प्रतिनिधित्व उपलब्ध कराने की प्रक्रिया है, जिनके पास अपनी ओर से निजी वकील की व्यवस्था नहीं है।
अली कई मामलों में जेल में बंद
अली अहमद वर्तमान में जेल में बंद है और विभिन्न मामलों में अदालतों के समक्ष पेश होता रहा है। 21 सितंबर 2026 को उसे रंगदारी से जुड़े एक मामले में प्रयागराज जिला अदालत में पेश किया गया था। गैंगस्टर एक्ट मामले में 15 सितंबर की सुनवाई के दौरान सरकारी खर्च पर वकील उपलब्ध कराने की मांग सामने आई थी। अब लीगल एड के तहत नियुक्त विकास गुप्ता अली की ओर से इस मुकदमे में पैरवी करेंगे।
