- लखनऊ, गोरखपुर, वाराणसी और प्रयागराज से शुरुआत; जीरो कमीशन मॉडल पर चलेगी सेवा, चालकों को ₹5 लाख तक की सामाजिक सुरक्षा
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लखनऊ। उत्तर प्रदेश में भारत टैक्सी सेवा की शुरुआत हो गई है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बुधवार, 23 सितंबर को लखनऊ में आयोजित कार्यक्रम में सेवा को हरी झंडी दिखाई। पहले चरण में लखनऊ, गोरखपुर, वाराणसी और प्रयागराज में भारत टैक्सी का संचालन शुरू किया गया है। भारत टैक्सी सहकारी मॉडल पर आधारित राइड-हेलिंग प्लेटफॉर्म है। यूपी में इसका उद्देश्य यात्रियों को परिवहन सुविधा देने के साथ टैक्सी, टू-व्हीलर और थ्री-व्हीलर चालकों को प्लेटफॉर्म से जोड़ना और उनकी आय व सामाजिक सुरक्षा को मजबूत करना है।
जीरो कमीशन मॉडल पर चलेगी भारत टैक्सी
भारत टैक्सी की प्रमुख विशेषता जीरो कमीशन मॉडल है। मुख्यमंत्री के अनुसार, प्लेटफॉर्म से जुड़ने वाले चालक रजिस्ट्रेशन के बाद बिना कमीशन दिए सेवा प्रदान कर सकेंगे। इससे टैक्सी चालकों के लिए कमाई का बड़ा हिस्सा उनके पास रहने की व्यवस्था की गई है। इस मॉडल में केवल कार टैक्सी ही नहीं, बल्कि टू-व्हीलर और थ्री-व्हीलर चालक भी शामिल हो सकते हैं। भारत टैक्सी से जुड़े चालकों के लिए ₹5 लाख तक की सामाजिक सुरक्षा कवरेज की व्यवस्था बताई गई है। मुख्यमंत्री योगी ने लॉन्च कार्यक्रम में इसे चालकों को आर्थिक सुरक्षा और सम्मान देने से जोड़कर पेश किया। भारत टैक्सी का संचालन सहकार टैक्सी कोऑपरेटिव लिमिटेड के जरिए किया जाता है और इसका मॉडल चालक-केंद्रित सहकारी व्यवस्था पर आधारित है।
चार शहरों से शुरुआत, आगे विस्तार की तैयारी
यूपी में फिलहाल भारत टैक्सी का संचालन लखनऊ, गोरखपुर, वाराणसी और प्रयागराज में शुरू किया गया है। लॉन्च के दौरान मुख्यमंत्री ने इसे प्रदेश में रोजगार के अवसर बढ़ाने वाली पहल के रूप में रेखांकित किया। लखनऊ में भारत टैक्सी को एयरपोर्ट, मेट्रो और अन्य सार्वजनिक परिवहन सेवाओं से जोड़ने की दिशा में भी समझौते किए गए हैं। इससे यात्रियों को अलग-अलग परिवहन माध्यमों के बीच कनेक्टिविटी उपलब्ध कराने की योजना है। टैक्सी सेवा का विस्तार केवल शुरुआती शहरों तक सीमित रखने की योजना नहीं है। राष्ट्रीय स्तर पर इसे चरणबद्ध तरीके से दूसरे शहरों और कस्बों तक पहुंचाने की तैयारी है। यूपी में भी शुरुआती चार शहरों के बाद इसके विस्तार की संभावनाएं बनी हुई हैं।
युवाओं के लिए रोजगार का नया प्लेटफॉर्म
मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि भारत टैक्सी मॉडल को विस्तार मिलने पर लाखों युवाओं के लिए रोजगार के अवसर पैदा हो सकते हैं। खासकर टैक्सी, ऑटो और दोपहिया वाहन चलाने वाले युवाओं को सहकारी व्यवस्था के तहत प्लेटफॉर्म से जोड़ने पर जोर है। भारत टैक्सी को निजी राइड-हेलिंग प्लेटफॉर्म से अलग सहकारी मॉडल के रूप में विकसित किया जा रहा है, जिसमें चालक केवल सेवा देने वाला व्यक्ति नहीं बल्कि सहकारी व्यवस्था का हिस्सा बनने की भूमिका में है।
