- OBC कॉलम और जाति गणना की प्रक्रिया पर राहुल के सवालों का जवाब; डिप्टी सीएम बोले—कांग्रेस सत्ता में रही, तब क्यों नहीं कराई जनगणना
भारत 19
लखनऊ। जाति जनगणना और OBC की अलग पहचान को लेकर राहुल गांधी के ताजा सवालों पर उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने तीखा पलटवार किया है। मौर्य ने कांग्रेस के लंबे शासनकाल का हवाला देते हुए कहा कि जब कांग्रेस सत्ता में थी, तब उसने जाति जनगणना क्यों नहीं कराई। अब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार जाति गणना कराने जा रही है तो कांग्रेस और उसके सहयोगी दल सवाल खड़े कर रहे हैं।
केशव प्रसाद मौर्य ने मीडिया से बातचीत में राहुल गांधी पर तंज कसते हुए कहा, “सूप बोले तो बोले, छलनी भी बोल रही है जिसमें बहत्तर छेद।” उनका यह बयान ऐसे समय आया है, जब राहुल गांधी जाति जनगणना की मौजूदा प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए OBC समुदाय की अलग और स्पष्ट गणना की मांग को लेकर सरकार पर दबाव बना रहे हैं।
OBC कॉलम को लेकर राहुल गांधी का सवाल
राहुल गांधी ने हाल के दिनों में जाति जनगणना की प्रक्रिया को लेकर सरकार पर सवाल तेज किए हैं। उनका मुख्य तर्क है कि जातियों की गणना के दौरान OBC समुदाय की पहचान और उसके आंकड़ों को स्पष्ट रूप से दर्ज करने की व्यवस्था होनी चाहिए। उत्तर प्रदेश कांग्रेस ने भी हाल में जाति जनगणना के फॉर्म में OBC के लिए अलग कॉलम की मांग को लेकर राज्यव्यापी अभियान चलाने की घोषणा की है। कांग्रेस का कहना है कि केंद्रीय और राज्य OBC सूचियों के आधार पर समुदायों की स्पष्ट गणना जरूरी है।
प्रधानमंत्री को पत्र लिखकर बदली प्रक्रिया की मांग
जाति जनगणना का मुद्दा अब केवल राजनीतिक बयानबाजी तक सीमित नहीं है। राहुल गांधी और कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर मौजूदा प्रश्नावली और जाति संबंधी आंकड़े जुटाने की प्रक्रिया पर सवाल उठाए हैं। कांग्रेस नेताओं ने मौजूदा व्यवस्था को वापस लेने और ऐसी प्रक्रिया बनाने की मांग की है, जिससे जातिगत आंकड़ों की व्यापक और सटीक गणना हो सके। इस पत्र के बाद जाति जनगणना को लेकर कांग्रेस का राजनीतिक अभियान और तेज हो गया है।
केशव मौर्य ने कांग्रेस के पुराने रिकॉर्ड पर घेरा
इसी पृष्ठभूमि में केशव प्रसाद मौर्य ने राहुल गांधी और कांग्रेस पर जवाबी हमला बोला। उन्होंने कहा कि कांग्रेस लंबे समय तक केंद्र की सत्ता में रही, लेकिन उस दौरान जाति जनगणना नहीं कराई गई। मौर्य ने कहा कि मोदी सरकार पहली बार जाति गणना कराने जा रही है और सरकार की नीति ‘सबका साथ, सबका विकास, सबको न्याय और सबको स्थान’ की है। उनके मुताबिक कांग्रेस और उसके सहयोगी दलों की बेचैनी इसी कारण बढ़ी है।
जाति जनगणना पर अब प्रक्रिया को लेकर सियासत
केंद्र सरकार की ओर से जनगणना 2027 के दूसरे चरण, यानी जनसंख्या गणना में जाति की गणना किए जाने का निर्णय किया जा चुका है। सरकार ने यह भी कहा है कि दूसरे चरण में पूछे जाने वाले प्रश्नों, जिनमें जाति से जुड़े प्रश्न भी शामिल हैं, को निर्धारित प्रक्रिया के तहत अंतिम रूप देकर अधिसूचित किया जाएगा। यहीं से कांग्रेस और भाजपा के बीच नया राजनीतिक टकराव शुरू हो गया। कांग्रेस अब जाति गणना के प्रारूप और OBC की अलग पहचान का सवाल उठा रही है, जबकि भाजपा कांग्रेस के लंबे शासनकाल में जाति जनगणना नहीं कराए जाने को जवाबी राजनीतिक हथियार बना रही है।
राहुल के सवाल, भाजपा का कांग्रेस पर जवाबी हमला
राहुल गांधी जाति जनगणना को सामाजिक न्याय और OBC की भागीदारी के सवाल से जोड़ रहे हैं। वहीं भाजपा का तर्क है कि जिस कांग्रेस ने दशकों तक सत्ता में रहते हुए जाति गणना नहीं कराई, वह अब इसकी प्रक्रिया पर सवाल उठाकर राजनीति कर रही है। केशव प्रसाद मौर्य का ताजा बयान इसी राजनीतिक लड़ाई का हिस्सा है। एक तरफ कांग्रेस जाति जनगणना के प्रारूप और OBC प्रतिनिधित्व को मुद्दा बना रही है, तो दूसरी तरफ भाजपा कांग्रेस के पुराने रिकॉर्ड और मोदी सरकार के जाति गणना के फैसले को सामने रखकर जवाब दे रही है। उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव से पहले OBC राजनीति के केंद्र में आए जाति जनगणना के इस मुद्दे पर आने वाले दिनों में कांग्रेस और भाजपा के बीच टकराव और तेज होने के संकेत हैं।

