- बलूचिस्तान के गुलिस्तान सेक्टर में अफगान तालिबान लड़ाकों की पाकिस्तानी क्षेत्र में घुसने की कोशिश का दावा; जवाबी कार्रवाई में कई तालिबान लड़ाकों के मारे जाने की बात, आधी रात के बाद भी रुक-रुककर गोलीबारी
भारत 19 डेस्क
पाकिस्तान-अफगानिस्तान सीमा पर एक बार फिर तनाव बढ़ गया है। पाकिस्तानी सुरक्षा सूत्रों के मुताबिक, बलूचिस्तान के गुलिस्तान सेक्टर में अफगान तालिबान लड़ाकों ने पाकिस्तानी क्षेत्र में प्रवेश कर हमला करने की कोशिश की, जिसके बाद पाकिस्तानी सुरक्षा बलों ने जवाबी कार्रवाई की। पाकिस्तान की सरकारी समाचार एजेंसी एपीपी ने सुरक्षा सूत्रों के हवाले से कई अफगान तालिबान लड़ाकों के मारे जाने का दावा किया है।
गुलिस्तान सेक्टर में कैसे शुरू हुई गोलीबारी
पाकिस्तानी पक्ष के अनुसार, अफगान तालिबान लड़ाकों ने गुलिस्तान सेक्टर में सीमा पार कर पाकिस्तानी क्षेत्र में प्रवेश करने की कोशिश की। सुरक्षा बलों ने इस कोशिश को रोकते हुए जवाबी कार्रवाई की। पाकिस्तान के दावे के मुताबिक, इस कार्रवाई में कई तालिबान लड़ाके मारे गए। हालांकि, मारे गए लड़ाकों की संख्या की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। घटना को लेकर उपलब्ध जानकारी मुख्य रूप से पाकिस्तानी सुरक्षा सूत्रों और सरकारी मीडिया के बयानों पर आधारित है।
आधी रात के बाद भी रुक-रुककर फायरिंग
डॉन और एपीपी की रिपोर्ट के मुताबिक, जवाबी कार्रवाई के बाद भी सीमा क्षेत्र में पाकिस्तानी सुरक्षा बलों और अफगान तालिबान के बीच रुक-रुककर गोलीबारी होती रही। पाकिस्तानी सुरक्षा बलों को इलाके में सतर्क रखा गया है। पाकिस्तान रेडियो के अनुसार, सुरक्षा बलों ने कहा है कि अफगान क्षेत्र से पाकिस्तानी सीमा में घुसने की किसी भी कोशिश का जवाब देने के लिए वे तैयार हैं।
ड्रोन हमलों के बाद और बढ़ा सीमा तनाव
गुलिस्तान में ताजा झड़प ऐसे समय हुई है जब दोनों देशों के बीच तनाव लगातार बढ़ रहा है। पाकिस्तान का कहना है कि 23 सितंबर को अफगानिस्तान से उसके हवाई क्षेत्र में आठ ड्रोन दाखिल हुए, जिन्हें मार गिराया गया। पाकिस्तानी अधिकारियों के अनुसार, इनमें चार तोर्खम सीमा के आसपास और चार कोहाट के निकट पहाड़ी क्षेत्र में गिराए गए। इसके बाद पाकिस्तान ने 24 सितंबर को अफगानिस्तान के भीतर 10 स्थानों पर हवाई और ड्रोन हमले किए। पाकिस्तान ने इन्हें ड्रोन हमलों के जवाब में की गई कार्रवाई बताया। अफगान पक्ष ने पाकिस्तानी कार्रवाई पर आपत्ति जताई है।
कुर्म सेक्टर में भी तनाव की रिपोर्ट
गुलिस्तान की घटना से पहले पाकिस्तान-अफगानिस्तान सीमा के कुर्म सेक्टर में भी तनाव की खबरें सामने आई थीं। पाकिस्तानी सुरक्षा अधिकारियों ने अफगान क्षेत्र से लड़ाकों की घुसपैठ की कोशिश नाकाम करने का दावा किया था। इसके बाद सीमा पार से गोलीबारी की बात भी सामने आई। पाकिस्तान का आरोप है कि अफगानिस्तान की जमीन का इस्तेमाल उसके खिलाफ सक्रिय सशस्त्र समूहों, खासकर तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (टीटीपी) के लिए हो रहा है। काबुल इस तरह के आरोपों को खारिज करता रहा है।
21 सितंबर के हमलों के बाद बढ़ी तल्खी
मौजूदा घटनाक्रम की पृष्ठभूमि में 21 सितंबर को पाकिस्तान की ओर से अफगानिस्तान के सीमावर्ती इलाकों में किए गए हवाई हमले भी हैं। पाकिस्तान ने इन हमलों में 28 आतंकियों के मारे जाने का दावा किया था, जबकि अफगान अधिकारियों ने नागरिकों के मारे जाने की जानकारी दी। संयुक्त राष्ट्र के अफगानिस्तान मिशन ने भी नागरिक हताहतों की पुष्टि की थी। इसके बाद ड्रोन घटनाओं, हवाई हमलों और सीमा पर गोलीबारी ने दोनों देशों के बीच तनाव और बढ़ा दिया है।
पाकिस्तान-काबुल के बीच विवाद की मुख्य वजह
इस तनाव के केंद्र में पाकिस्तान का आरोप है कि अफगानिस्तान में मौजूद टीटीपी और दूसरे सशस्त्र समूह पाकिस्तान में हमले करते हैं। इस्लामाबाद काबुल से इन समूहों के खिलाफ कार्रवाई की मांग करता रहा है। दूसरी ओर, अफगान तालिबान पाकिस्तान के आरोपों को स्वीकार नहीं करता और पाकिस्तानी सैन्य कार्रवाई की आलोचना करता है। फिलहाल गुलिस्तान सेक्टर की झड़प को लेकर अफगान तालिबान की ओर से स्वतंत्र विस्तृत प्रतिक्रिया या हताहतों का पुष्ट आंकड़ा उपलब्ध नहीं है। इसलिए इस घटना से जुड़े नुकसान के आंकड़ों को पाकिस्तानी सुरक्षा सूत्रों के दावे के रूप में ही देखा जाना चाहिए।


