Hot Topics

किसानों के लिए बड़ी योजना: 6 लाख तक का लोन

उत्तर प्रदेश सरकार ने लघु और सीमांत किसानों को दीर्घकालिक ऋण उपलब्ध कराने के लिए मुख्यमंत्री कृषक समृद्धि योजना को मंजूरी दी है। 15 सितंबर 2026 को हुई कैबिनेट बैठक में योजना के प्रस्ताव को स्वीकृति दी गई। इसके तहत किसानों को उत्तर प्रदेश सहकारी ग्राम विकास बैंक के माध्यम से 6 लाख रुपये तक का ऋण 6 प्रतिशत वार्षिक ब्याज दर पर उपलब्ध कराया जाएगा। समय से किस्तों का भुगतान करने वाले पात्र किसानों को ब्याज पर 5 प्रतिशत अनुदान देने का प्रावधान है। योजना का उद्देश्य किसानों को कम ब्याज पर कृषि और दीर्घकालिक पूंजी निवेश के लिए ऋण उपलब्ध कराना है।

BHARAT 19 | LUCKNOW |,मुख्यमंत्री कृषक समृद्धि योजना की घोषणा मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने दिसंबर 2025 में की थी। योजना के तहत लघु एवं सीमांत किसानों को उत्तर प्रदेश सहकारी ग्राम विकास बैंक के जरिए रियायती ब्याज दर पर दीर्घकालिक ऋण उपलब्ध कराने की व्यवस्था की गई है।

सरकार के अनुसार, कम ब्याज पर ऋण मिलने से किसान कृषि में दीर्घकालिक निवेश कर सकेंगे और अपनी आर्थिक गतिविधियों को मजबूत कर सकेंगे।

6 लाख रुपये तक मिलेगा ऋण

योजना के तहत पात्र लघु एवं सीमांत किसानों को अधिकतम 6 लाख रुपये तक का दीर्घकालिक ऋण 6 प्रतिशत वार्षिक ब्याज दर पर दिया जाएगा।

कैबिनेट के फैसले के अनुसार राज्य सरकार ब्याज पर 5 प्रतिशत अनुदान देगी। यह लाभ निर्धारित समय के भीतर ऋण की किस्तों का भुगतान करने वाले किसानों को मिलेगा।

इस व्यवस्था का मकसद किसानों को अपेक्षाकृत कम ब्याज दर पर कृषि संबंधी निवेश के लिए वित्तीय सहायता उपलब्ध कराना है।

पहले कितनी थी ब्याज दर?

सरकार की योजना की घोषणा के समय सहकारी ग्राम विकास बैंक के ऋण की ब्याज दर करीब 11 से 11.50 प्रतिशत बताई गई थी। अब मुख्यमंत्री कृषक समृद्धि योजना के तहत इसे 6 प्रतिशत की रियायती दर पर उपलब्ध कराने की व्यवस्था की गई है।

इससे पात्र किसानों के लिए ऋण की लागत कम हो सकती है। हालांकि वास्तविक भुगतान की राशि ऋण की अवधि, स्वीकृत राशि और लागू नियमों के अनुसार तय होगी।

पांच साल या उससे अधिक अवधि का ऋण

मुख्यमंत्री कृषक समृद्धि योजना के तहत किसानों को दीर्घकालिक ऋण उपलब्ध कराया जाएगा। उपलब्ध जानकारी के अनुसार ऋण की अवधि 5 साल या उससे अधिक रखी जा सकती है।

इसका उद्देश्य किसानों को ऐसे निवेश के लिए वित्तीय सुविधा देना है, जिनका लाभ तुरंत नहीं बल्कि लंबे समय में मिलता है।

कौन किसान ले सकेंगे लाभ?

योजना मुख्य रूप से लघु एवं सीमांत किसानों के लिए है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार लाभ लेने के लिए किसान का उत्तर प्रदेश का निवासी होना और उसके पास कृषि योग्य भूमि होना आवश्यक होगा।

भूमि से संबंधित दस्तावेज और सरकारी रिकॉर्ड में जमीन का विवरण भी जरूरी होगा। हालांकि आवेदन की विस्तृत प्रक्रिया, दस्तावेजों की अंतिम सूची और अन्य तकनीकी शर्तें संबंधित बैंक/विभाग के लागू दिशा-निर्देशों के अनुसार तय होंगी।

समय पर किस्त चुकाने पर ब्याज अनुदान

योजना का एक अहम प्रावधान समय पर ऋण भुगतान से जुड़ा है। सरकार की ओर से 5 प्रतिशत ब्याज अनुदान उन्हीं किसानों को मिलने की बात कही गई है, जो निर्धारित अवधि के भीतर अपनी किस्तों का भुगतान करते हैं।

यानी योजना में कम ब्याज दर के साथ समय पर भुगतान को भी प्रोत्साहित किया गया है।

15 सितंबर को कैबिनेट ने दी मंजूरी

उत्तर प्रदेश सरकार की आधिकारिक वेबसाइट पर 15 सितंबर 2026 की कैबिनेट बैठक के फैसलों को दर्ज किया गया है। इसी बैठक में लघु एवं सीमांत किसानों के लिए दीर्घकालिक ऋण की विशेष सुविधा वाली मुख्यमंत्री कृषक समृद्धि योजना के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई।

मीडिया रिपोर्टों के अनुसार योजना के लिए सरकार पर करीब 38 करोड़ रुपये का वित्तीय भार आने का अनुमान है।

किसानों के लिए क्या बदलेगा?

मुख्यमंत्री कृषक समृद्धि योजना के जरिए सरकार कम ब्याज पर दीर्घकालिक ऋण उपलब्ध कराने की व्यवस्था कर रही है। इसका इस्तेमाल कृषि से जुड़े पूंजी निवेश और उत्पादक गतिविधियों के लिए किया जा सकता है।

हालांकि किसान को ऋण लेने से पहले ब्याज, अनुदान की शर्तें, पुनर्भुगतान अवधि और बैंक की अन्य शर्तों को समझना जरूरी होगा।

मुख्यमंत्री कृषक समृद्धि योजना उत्तर प्रदेश के लघु एवं सीमांत किसानों के लिए दीर्घकालिक ऋण की एक नई व्यवस्था है। योजना में 6 लाख रुपये तक का ऋण 6 प्रतिशत वार्षिक ब्याज दर पर देने और समय पर भुगतान करने वाले किसानों को 5 प्रतिशत ब्याज अनुदान देने का प्रावधान है। 15 सितंबर 2026 को कैबिनेट से मंजूरी मिलने के बाद अब योजना के क्रियान्वयन से जुड़ी प्रक्रिया महत्वपूर्ण होगी।

Tags :

Bharat 19 News

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Recent News