- एक दिन पहले आकाश और ईशान को राजनीतिक जिम्मेदारी से दूर करने के बाद मायावती का नया खुलासा; बोलीं- आकाश ने रात 10 बजे आलोक कुमार को फोन कर पूछा था, ‘बहनजी बीमार हैं?’
भारत 19
लखनऊ। बसपा सुप्रीमो मायावती और उनके भतीजे आकाश आनंद के बीच चल रही तल्खी अब उनकी सेहत को लेकर सामने आए एक नए विवाद तक पहुंच गई है। मायावती ने रविवार को कहा कि उनकी बीमारी को लेकर पार्टी में भ्रम फैलाया जा रहा था। उन्होंने इस सिलसिले में आकाश आनंद के एक फोन कॉल का जिक्र करते हुए कहा कि आकाश ने रात करीब 10 बजे पार्टी प्रभारी आलोक कुमार से उनकी तबीयत के बारे में पूछा था। मायावती के मुताबिक, आलोक कुमार ने आकाश को बताया कि वह पूरी तरह ठीक हैं और अपने काम में व्यस्त हैं। इसके बाद आकाश ने यह बात उन्हें न बताने को कहा। मायावती ने इस घटनाक्रम को गंभीर बताते हुए आकाश के राजनीतिक रुख पर भी सवाल उठाए।
बीमारी की खबर से मायावती ने जोड़ा आकाश का नाम
मायावती ने कहा कि पिछले एक-दो दिनों से पार्टी कार्यकर्ताओं के बीच यह भ्रम फैलाया जा रहा था कि वह बीमार चल रही हैं और इसी वजह से सार्वजनिक रूप से सामने नहीं आ रही हैं। उन्होंने कहा कि वह लगातार पार्टी से जुड़े महत्वपूर्ण मामलों पर अपनी बात रख रही हैं और पूरी तरह सक्रिय हैं। इसी संदर्भ में उन्होंने आकाश के फोन का जिक्र किया। उनके अनुसार, आकाश ने आलोक कुमार से पूछा कि “बहनजी” की तबीयत कैसी है। जवाब मिलने के बाद उन्होंने इस बातचीत की जानकारी मायावती को न देने की बात कही। यह पूरा घटनाक्रम मायावती के बयान के आधार पर सामने आया है।
आकाश पर फिर निशाना, अशोक सिद्धार्थ का भी जिक्र
मायावती ने इस मौके पर आकाश आनंद पर एक बार फिर सीधा हमला बोला। उन्होंने कहा कि आकाश अभी अपने राजनीतिक फैसले खुद लेने की स्थिति में नहीं हैं और उनके मुताबिक वह अब भी अपने ससुर अशोक सिद्धार्थ के प्रभाव में काम कर रहे हैं। यह टिप्पणी ऐसे समय आई है जब अशोक सिद्धार्थ पहले ही राजनीति से संन्यास का ऐलान कर चुके हैं। इसके बावजूद मायावती ने 10 सितंबर को आकाश आनंद को बसपा की प्राथमिक सदस्यता और पार्टी की जिम्मेदारियों से मुक्त कर दिया था। इससे पहले 3 सितंबर को उन्हें राष्ट्रीय संयोजक की जिम्मेदारी से हटाया गया था।
एक दिन पहले ही भतीजों पर लगा चुकी हैं ब्रेक
मायावती ने शनिवार को आकाश आनंद और उनके भाई ईशान आनंद को लेकर अपना “अंतिम फैसला” बताते हुए कहा था कि दोनों को बसपा में कोई राजनीतिक पद नहीं दिया जाएगा। यानी मौजूदा विवाद अब केवल आकाश की भूमिका तक सीमित नहीं है, बल्कि मायावती ने अपने भाई आनंद कुमार के दोनों बेटों को पार्टी की राजनीतिक जिम्मेदारियों से अलग करने का फैसला सार्वजनिक कर दिया है। मायावती ने साथ ही कहा था कि जरूरत पड़ने पर आनंद कुमार अपनी बेटी दीपिका आनंद की मदद ले सकते हैं। दीपिका अभी कानून की पढ़ाई कर रही हैं और मायावती ने उनकी जिम्मेदारी उनकी ईमानदारी, निष्ठा और कार्यक्षमता के आधार पर तय किए जाने की बात कही है।
आकाश के बाद ईशान का भी रास्ता बंद
मायावती के इस फैसले ने बसपा में नेतृत्व और उत्तराधिकार को लेकर चल रही अटकलों को भी नया मोड़ दिया है। आकाश आनंद को पहले मायावती के राजनीतिक उत्तराधिकारी के तौर पर आगे बढ़ाया गया था। उन्हें संगठन में कई अहम जिम्मेदारियां मिलीं, लेकिन पिछले कुछ वर्षों में उन्हें कई बार पद से हटाया और फिर जिम्मेदारी दी गई। सितंबर की शुरुआत से घटनाक्रम तेजी से बदला। पहले आकाश को बड़ी जिम्मेदारियों से दूर किया गया, फिर उन्हें पार्टी से बाहर किया गया और अब मायावती ने साफ कर दिया है कि उनके छोटे भाई ईशान को भी कोई राजनीतिक पद नहीं मिलेगा।
परिवारवाद से दूरी का संदेश, दीपिका के लिए गुंजाइश
मायावती अपने हालिया फैसलों को कांशीराम की उस राजनीतिक सोच से जोड़ रही हैं, जिसमें परिवार के सदस्यों को पार्टी संगठन में काम करने की अनुमति तो थी, लेकिन राजनीतिक पद और चुनावी लाभ से दूर रखा जाता था। आकाश और ईशान को बाहर रखने के फैसले के साथ मायावती ने दीपिका के लिए संभावित संगठनात्मक भूमिका की गुंजाइश छोड़ी है। हालांकि उन्होंने यह भी साफ किया कि यह फैसला उनकी योग्यता, निष्ठा और क्षमता को देखकर ही होगा।
बीमारी से लेकर उत्तराधिकार तक, बढ़ी BSP की हलचल
मायावती का ताजा बयान ऐसे दौर में आया है जब बसपा में परिवार, संगठन और नेतृत्व को लेकर लगातार बड़े फैसले सामने आ रहे हैं। एक तरफ आकाश आनंद को पार्टी से पूरी तरह अलग किया जा चुका है, दूसरी तरफ ईशान को भी राजनीतिक जिम्मेदारी से बाहर कर दिया गया है। अब मायावती के बीमारी संबंधी दावे ने इस अंदरूनी टकराव को एक और नया मुद्दा दे दिया है।


