Hot Topics

लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे पर फिर से हुआ गड्ढा

  • तौरा गांव के पास किमी 48 पर करीब 30 मीटर सड़क की साइड पटरी धंसी; निर्माण एजेंसी ने कराई मरम्मत, आईआईटी खड़गपुर की जांच रिपोर्ट का इंतजार

भारत 19

लखनऊ। करीब 4,200 करोड़ रुपये की लागत से बने लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे पर एक बार फिर निर्माण गुणवत्ता को लेकर सवाल उठे हैं। गुरुवार को लखनऊ से कानपुर जाने वाली लेन पर किमी 48 के पास तौरा गांव में करीब 30 मीटर सड़क की साइड पटरी/फुटपाथ धंस गया। निर्माण एजेंसी ने मौके पर इसकी मरम्मत करा दी। यह घटना ऐसे समय सामने आई है जब एक्सप्रेसवे के ग्रीनफील्ड हिस्से में पहले सड़क धंसने की बड़ी घटना के बाद आईआईटी खड़गपुर की तकनीकी जांच रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है। रिपोर्ट में सड़क की खामियों के कारण और सुधार के उपाय सामने आने की उम्मीद है।

तौरा गांव के पास तीस मीटर पटरी धंसने से हड़कंप

गुरुवार को हुई बारिश के बाद किमी 48 पर तौरा गांव के पास सड़क के किनारे लगभग 30 मीटर हिस्से में धंसाव सामने आया। निर्माण एजेंसी ने तत्काल मरम्मत का काम कराया। उपलब्ध रिपोर्ट के अनुसार मुख्य यातायात सामान्य रूप से चल रहा है। एनएचएआई के परियोजना निदेशक नवरतन के मुताबिक एक्सप्रेसवे पर रोजाना करीब 15 हजार वाहन गुजर रहे हैं। उन्होंने कहा कि सामने आई खामियों में सुधार का काम कराया जा रहा है।

जलभराव रोकने के लिए डिवाइडर में किए छेद
एक्सप्रेसवे पर सामने आई समस्या केवल सड़क धंसने तक सीमित नहीं है। बारिश के बाद कई जगह जलभराव की स्थिति को देखते हुए कार्यदायी संस्था पीएनसी डिवाइडर में लगे कंक्रीट के बोल्डरों में छेद कर रही है, ताकि पानी की निकासी बेहतर हो सके। इससे एक्सप्रेसवे के ड्रेनेज सिस्टम को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। हालांकि जलनिकासी की समस्या और 30 मीटर धंसाव के बीच सीधा तकनीकी संबंध अभी जांच से स्थापित होना बाकी है।

पहले दो सौ मीटर धंस चुकी थी सड़क

लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे पर इससे पहले 26 जुलाई को उन्नाव के बेहटा गांव के पास करीब 200 मीटर सड़क धंसने की घटना सामने आई थी। एनएचएआई ने इसके बाद विस्तृत तकनीकी जांच कराने का फैसला लिया था। केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय के अनुसार 26 जुलाई को किमी 64 के पास करीब 300 मीटर लंबाई में स्लिपेज दर्ज किया गया था और इसके बाद प्रभावित हिस्से का तकनीकी आकलन कराया गया। इसी जांच के लिए आईआईटी खड़गपुर के प्रोफेसर केएस रेड्डी के नेतृत्व में विशेषज्ञ टीम ने एक्सप्रेसवे का निरीक्षण किया था।

आईआईटी खड़गपुर ने लिए थे करीब अस्सी नमूने

हिंदुस्तान टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक आईआईटी खड़गपुर की टीम ने अगस्त में एक्सप्रेसवे के ग्रीनफील्ड हिस्से का निरीक्षण किया और सड़क तथा उसकी नीचे की परतों से करीब 80 नमूने लिए थे। इन नमूनों के प्रयोगशाला परीक्षण के आधार पर तकनीकी निष्कर्ष तैयार किए जाने हैं। 25 सितंबर की उपलब्ध रिपोर्ट के अनुसार आईआईटी की रिपोर्ट एनएचएआई मुख्यालय को सौंपी जा सकती है। इसके बाद रिपोर्ट में दिए गए सुझावों के आधार पर सुधार कार्य कराने की बात कही गई है।

एलिवेटेड हिस्से में भी सामने आईं नई खामियां

एक्सप्रेसवे के एलिवेटेड हिस्से में भी हाल के दिनों में कई समस्याएं सामने आई हैं। बंथरा के पास एलिवेटेड हिस्से में क्षति के बाद एक लेन पर यातायात प्रभावित हुआ और मरम्मत कराई गई। इसके अलावा एक हिस्से में स्लैब से पानी रिसने की समस्या भी सामने आई। 25 सितंबर की रिपोर्ट के मुताबिक एलिवेटेड हिस्से में दो जगह कमी मिली है। एनएचएआई के अनुसार सुधार कार्य कराया जा रहा है। वहीं किमी 14 के आसपास डिवाइडर में मामूली दरार की भी जानकारी सामने आई है, जिसे निर्माण एजेंसी द्वारा ठीक किया जा रहा है।

एक्सप्रेसवे पर भारी वाहनों की आवाजाही भी प्रतिबंधित

एक्सप्रेसवे पर बार-बार सामने आई क्षतियों के बाद भारी वाहनों की आवाजाही पर प्रतिबंध जारी रखा गया है। हिन्दुस्तान की 19 सितंबर की रिपोर्ट के अनुसार आईआईटी खड़गपुर की रिपोर्ट आने के बाद ही भारी वाहनों के प्रवेश और टोल वसूली को लेकर फैसला किया जाएगा। इससे पहले टोल वसूली भी स्थगित किए जाने की जानकारी सामने आई थी।

निर्माण एजेंसी पर एनएचएआई ने की कार्रवाई

एक्सप्रेसवे की खामियों को लेकर एनएचएआई ने निर्माण से जुड़े पक्षों पर कार्रवाई भी की है। सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय की आधिकारिक जानकारी के मुताबिक एनएचएआई ने कन्सेशनायर, स्वतंत्र इंजीनियर और संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई शुरू की तथा प्रभावित हिस्से की मरम्मत और गुणवत्ता नियंत्रण मजबूत करने के निर्देश दिए। सितंबर में पीएनसी इंफ्राटेक और उसकी संबंधित कंपनी अवध एक्सप्रेसवे प्राइवेट लिमिटेड पर तीन साल की रोक की रिपोर्ट भी सामने आई थी।

63 किलोमीटर एक्सप्रेसवे पर लगातार उठ रहे सवाल

लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे करीब 63 किलोमीटर लंबा कॉरिडोर है। इसका उद्घाटन 13 जुलाई 2026 को हुआ था। इसके बाद शुरुआती दौर में ही सड़क धंसने, एलिवेटेड हिस्से में क्षति, पानी रिसने और अन्य मरम्मत की खबरें सामने आईं। एनएचएआई ने अलग-अलग स्थानों पर तत्काल सुधार कार्य कराए हैं। अब एक्सप्रेसवे की समग्र तकनीकी स्थिति को लेकर आईआईटी खड़गपुर की रिपोर्ट महत्वपूर्ण मानी जा रही है।

अब आईआईटी रिपोर्ट से खुलेगा खामियों का राज

फिलहाल तौरा गांव के पास 30 मीटर हिस्से का धंसाव एक नई खामी के रूप में सामने आया है और उसकी मरम्मत कर दी गई है। लेकिन एक्सप्रेसवे के दूसरे हिस्सों में पहले सामने आई समस्याओं के कारण इसकी तकनीकी वजहों पर सवाल बने हुए हैं। एनएचएआई के अनुसार आईआईटी खड़गपुर की रिपोर्ट मिलने के बाद उसमें सुझाए गए सुधारों के आधार पर काम कराया जाएगा। परियोजना निदेशक नवरतन ने अक्टूबर में जरूरी सुधार कार्य कराने की बात कही है।

Tags :

Bharat 19 News

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Recent News