- फैजुल्लागंज समेत कई निचले इलाकों में करीब 40 हजार लोग प्रभावित, ऊपरी कैचमेंट की बारिश का पानी पहुंचने से बढ़ा जलस्तर, भारत-वेस्टइंडीज टी-20 के दिन इकाना के आसपास जलभराव
भारत 19/ लखनऊ। राजधानी में हालिया दिनों में भारी बारिश नहीं होने के बावजूद गोमती का जलस्तर बढ़ने से निचले इलाकों में बाढ़ की स्थिति गंभीर बनी हुई है। फैजुल्लागंज समेत कई इलाकों में करीब 40 हजार लोग प्रभावित बताए जा रहे हैं। नदी का बढ़ा पानी रिहायशी इलाकों और सड़कों तक पहुंचने से जनजीवन प्रभावित हुआ है। राहत और बचाव के लिए प्रशासन की टीमें सक्रिय हैं।
ऊपरी कैचमेंट की बारिश से बढ़ा दबाव
लखनऊ में बाढ़ की वजह स्थानीय बारिश नहीं, बल्कि गोमती के ऊपरी जलग्रहण क्षेत्र में हुई बारिश है। पीलीभीत, शाहजहांपुर, लखीमपुर खीरी और सीतापुर समेत ऊपरी कैचमेंट में हुई बारिश का पानी नदी और उसकी सहायक धाराओं के जरिए धीरे-धीरे नीचे आया। कई दिन बाद यह पानी लखनऊ पहुंचा, जिससे नदी का प्रवाह बढ़ गया। यही वजह है कि राजधानी में बारिश थमने के बावजूद नदी का असर निचले इलाकों में बढ़ता गया। प्रशासन की ओर से प्रभावित क्षेत्रों में निगरानी के साथ लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने और राहत सामग्री उपलब्ध कराने का काम किया जा रहा है।
फैजुल्लागंज समेत कई इलाके प्रभावित
जलस्तर बढ़ने का असर फैजुल्लागंज, दाउद नगर, घैला और आसपास के निचले इलाकों में दिखाई दे रहा है। कई जगह सड़कों और रिहायशी हिस्सों में पानी भरने से आवागमन प्रभावित हुआ है। प्रभावित परिवारों की जरूरत के मुताबिक राहत और बचाव अभियान चलाया जा रहा है।
भारत-वेस्टइंडीज मैच के दिन इकाना के आसपास जलभराव
बाढ़ की स्थिति का असर इकाना स्टेडियम के आसपास भी दिखाई दिया। भारत-वेस्टइंडीज टी-20 मुकाबले के दिन स्टेडियम के पास के रास्तों और अंडरपास में पानी भरने से यातायात प्रभावित हुआ। स्टेडियम के आसपास जलनिकासी के लिए पंप लगाए गए और निगरानी बढ़ाई गई। हालांकि स्टेडियम प्रबंधन ने मैच पर बाढ़ के असर से इनकार किया और मुकाबला निर्धारित कार्यक्रम के मुताबिक कराने की बात कही।
20 ट्रांसफार्मरों से बिजली आपूर्ति बंद
जलभराव के कारण बिजली व्यवस्था पर भी असर पड़ा। फैजुल्लागंज, दाउद नगर, कुड़ियाघाट, गऊघाट, गुलालाघाट और मिश्रीबाग में करीब 20 ट्रांसफार्मरों से बिजली आपूर्ति बंद करनी पड़ी। जलभराव वाले ट्रांसफार्मरों से करंट फैलने और शॉर्ट सर्किट के खतरे को देखते हुए बिजली विभाग ने एहतियातन यह कदम उठाया।
खतरे के निशान से नीचे, निचले इलाकों में संकट
गोमती का जलस्तर बढ़ने के बावजूद नदी का पानी खतरे के निशान से नीचे बताया जा रहा है। इसके बावजूद निचले इलाकों में पानी पहुंचने से स्थानीय स्तर पर बाढ़ की स्थिति गंभीर है। प्रशासन नदी के जलस्तर और प्रभावित क्षेत्रों पर लगातार नजर रख रहा है। गोमती की मौजूदा स्थिति ने यह भी दिखाया है कि लखनऊ में बाढ़ का खतरा केवल स्थानीय बारिश पर निर्भर नहीं है। ऊपरी कैचमेंट में हुई बारिश का पानी कई दिन बाद राजधानी तक पहुंचकर नदी का दबाव बढ़ा सकता है।


