Hot Topics

KVK ने कानपुर देहात के 50 किसानों को जैविक खाद बनाना सिखाया

  • दलीप नगर कृषि विज्ञान केंद्र में प्रशिक्षण, वैज्ञानिकों ने मिट्टी की सेहत सुधारने, संतुलित पोषण प्रबंधन और सब्जियों की बेहतर पैदावार के तरीके बताए

भारत 19/ कानपुर देहात। खेती की लागत घटाने और मिट्टी की उर्वरता बनाए रखने के लिए किसानों को जैविक खाद तैयार करने और उसके सही इस्तेमाल की जानकारी दी गई। कानपुर देहात के 50 किसानों ने कृषि विज्ञान केंद्र (KVK), दलीप नगर में आयोजित एक दिवसीय प्रशिक्षण में हिस्सा लिया। भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान (ICAR-IARI), नई दिल्ली की सीएसआर-मारुति परियोजना के तहत हुए इस कार्यक्रम में वैज्ञानिकों ने टिकाऊ खेती के तरीके समझाए।

प्रशिक्षण में किसानों को बताया गया कि फसल की जरूरत और मिट्टी की स्थिति के अनुसार पोषण देना जरूरी है। खाद का जरूरत से ज्यादा इस्तेमाल करने के बजाय संतुलित पोषण प्रबंधन अपनाने से मिट्टी की सेहत बनाए रखने में मदद मिल सकती है। जैविक खाद के उचित उपयोग को भी खेती की लागत और मिट्टी की उर्वरता से जोड़कर समझाया गया।

मिट्टी की सेहत से बेहतर पैदावार तक

मृदा वैज्ञानिक डॉ. खलील खान ने मिट्टी की उर्वरता बनाए रखने में किण्वित जैविक खाद की भूमिका समझाई। पादप प्रजनन वैज्ञानिक डॉ. दीपक मिश्रा ने स्वस्थ फसल और बेहतर उत्पादन के लिए गुणवत्तापूर्ण जैविक पोषण तथा अच्छी कृषि पद्धतियों के महत्व पर प्रकाश डाला। पशुपालन वैज्ञानिक डॉ. शशिकांत ने खेती और पशुपालन को एकीकृत करने के फायदे बताए। उन्होंने समझाया कि दोनों गतिविधियों के समन्वय से किसान अपने उपलब्ध संसाधनों का बेहतर इस्तेमाल कर सकते हैं। चंद्रशेखर आजाद कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के सहायक प्राध्यापक डॉ. संजीव कुमार सिंह ने सब्जी फसलों में जैविक खाद के उपयोग और बेहतर उत्पादन से जुड़े पहलुओं की जानकारी दी।

कृषि वैज्ञानिकों ने दिया प्रशिक्षण

कार्यक्रम आईसीएआर-आईएआरआई के सस्य विज्ञान संभाग के अध्यक्ष एवं परियोजना समन्वयक डॉ. एसएस राठौर और उद्यान विज्ञान संभाग के डॉ. जय प्रकाश के मार्गदर्शन में आयोजित किया गया। आयोजन में परियोजना टीम के डॉ. राजीव कुमार सिंह, डॉ. कपिला शेखावत, डॉ. आंचल, डॉ. सुभाष, डॉ. प्रवीण कुमार उपाध्याय, डॉ. विशाल त्यागी, डॉ. मोना, डॉ. अर्जुन सिंह और डॉ. स्मृति रंजन प्रधान ने योगदान दिया। किसानों के साथ समन्वय और मंच संचालन की जिम्मेदारी यंग प्रोफेशनल दीपांशु यादव, मयंक प्रताप सिंह और निर्मल कमल ने निभाई। प्रशिक्षण का उद्देश्य किसानों को जैविक खाद, मिट्टी की सेहत और संतुलित पोषण प्रबंधन के वैज्ञानिक तरीकों से परिचित कराना था, ताकि वे अपनी खेती की परिस्थितियों के अनुसार इन तकनीकों को अपना सकें।

Tags :

Bharat 19 News

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Recent News