- PWD मंत्री सतीश जारकीहोली और सांसद बेटी प्रियंका से जुड़े परिसरों पर तलाशी; कथित वित्तीय अनियमितताओं, बार लाइसेंस और विदेश भेजे गए धन की कड़ी खंगाल रही एजेंसी
भारत 19 डेस्क
कर्नाटक सरकार के लोक निर्माण विभाग (PWD) मंत्री सतीश जारकीहोली और उनकी बेटी व चिक्कोड़ी से कांग्रेस सांसद प्रियंका जारकीहोली से जुड़े परिसरों पर प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने बुधवार को बड़ी कार्रवाई की। एजेंसी ने बेंगलुरु, बेलगावी और महाराष्ट्र से जुड़े करीब 18 ठिकानों पर एक साथ तलाशी शुरू की। इनमें डॉलर्स कॉलोनी स्थित सतीश जारकीहोली का आवास और प्रियंका जारकीहोली से जुड़े परिसर भी शामिल हैं।
बार लाइसेंस से लेकर मनी ट्रेल तक जांच
ED की कार्रवाई के पीछे कथित वित्तीय अनियमितताओं की जांच अहम कड़ी बताई जा रही है। रिपोर्टों के मुताबिक, एजेंसी 18 बार लाइसेंस जारी किए जाने से जुड़े लेनदेन की भी पड़ताल कर रही है। जांच का मकसद यह पता लगाना है कि लाइसेंस से जुड़े पैसों का लेनदेन किस तरह हुआ और कहीं इस प्रक्रिया में अवैध धन का इस्तेमाल तो नहीं किया गया। जांच सिर्फ लाइसेंस जारी होने तक सीमित नहीं है। ED कथित रकम की आवाजाही का पूरा मनी ट्रेल खंगाल रही है। एजेंसी यह भी देख रही है कि जांच के दायरे में आया पैसा कहीं विदेश तो नहीं भेजा गया और यदि ऐसा हुआ तो उसके पीछे कौन लोग और संस्थाएं थीं।
मंत्री की बेटी और रिश्तेदार भी जांच के दायरे में
तलाशी का दायरा सतीश जारकीहोली के आवास तक सीमित नहीं है। उनकी बेटी प्रियंका जारकीहोली से जुड़े परिसरों के अलावा परिवार से जुड़े कुछ अन्य लोगों के ठिकानों पर भी कार्रवाई हो रही है। इनमें वाई. डी. मंजूनाथ से जुड़े परिसर भी शामिल हैं। मंजूनाथ आबकारी विभाग के अधिकारी हैं और सतीश जारकीहोली के रिश्तेदार बताए जाते हैं। विभिन्न स्थानों पर दस्तावेज, वित्तीय रिकॉर्ड और इलेक्ट्रॉनिक सामग्री की जांच की जा रही है।
पुराने आबकारी केस से अलग है मौजूदा कार्रवाई
ED की इस कार्रवाई को लेकर एक अहम बात यह है कि इसे मंजूनाथ से जुड़े जून के आबकारी मामले से अलग जांच बताया गया है। जून में ED ने मंजूनाथ के बेलगावी स्थित आवास समेत कई परिसरों पर तलाशी ली थी। उस कार्रवाई में आबकारी विभाग में कथित रिश्वतखोरी और शराब लाइसेंस से जुड़े लेनदेन की जांच की गई थी। मौजूदा जांच में मंजूनाथ से जुड़े परिसरों को भी शामिल किया गया है, लेकिन अधिकारियों के मुताबिक यह जारकीहोली से जुड़ी अलग जांच है। यही वजह है कि बुधवार की कार्रवाई को पुराने आबकारी केस की अगली कड़ी मानने के बजाय स्वतंत्र जांच के तौर पर देखा जा रहा है।
विदेश भेजे गए धन की कड़ी पर भी नजर
जांच का एक महत्वपूर्ण पहलू विदेशी लेनदेन से जुड़ा है। ED यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि कथित वित्तीय अनियमितताओं से जुड़ी रकम की कहीं विदेश में आवाजाही तो नहीं हुई। इसी कड़ी में तलाशी के दौरान मिले दस्तावेजों और डिजिटल रिकॉर्ड को खंगाला जा रहा है।
अभी नहीं आया बरामदगी का पूरा ब्यौरा
तलाशी अभियान जारी रहने के दौरान ED की ओर से यह विस्तृत जानकारी सामने नहीं आई है कि किन परिसरों से क्या-क्या दस्तावेज या अन्य सामग्री बरामद हुई। कार्रवाई पूरी होने और रिकॉर्ड की जांच के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि एजेंसी को जांच में कौन से नए तथ्य मिले हैं। फिलहाल यह जांच की कार्रवाई है। ED की तलाशी अपने आप में किसी व्यक्ति के खिलाफ आरोप साबित नहीं करती। सतीश जारकीहोली, प्रियंका जारकीहोली या अन्य संबंधित लोगों की भूमिका जांच आगे बढ़ने के बाद ही स्पष्ट होगी।


