- चोरी के शक में अमन को रात में घर से चौकी लाने का आरोप, व्यापार मंडल ने सुबह पुलिस को दिए 17 वीडियो; शरीर पर चोटों के निशान का दावा, कार्रवाई की मांग पर विधायक धरने पर
Bharat 19/ कानपुर। फीलखाना की सिरकी मोहाल पुलिस चौकी में चोरी के शक में युवक अमन अग्रवाल को पूछताछ के लिए लाए जाने के बाद विवाद खड़ा हो गया। परिजनों और व्यापारियों का आरोप है कि पुलिस उसे रात में घर से उठाकर लाई और चौकी में बुरी तरह पीटा। सुबह लाठी मोहाल व्यापार मंडल के पदाधिकारी और दुकानदार 17 वीडियो लेकर पहुंचे और अमन के चोरी की वारदात में शामिल नहीं होने का दावा किया। इसके बाद मारपीट किए जाने और शरीर पर चोटों के निशान होने का आरोप लगाया गया। मामले की जानकारी पर आर्यनगर विधायक अमिताभ बाजपेई चौकी पहुंचे और कार्रवाई की मांग को लेकर धरने पर बैठ गए।
रात में घर से उठाने का आरोप, सुबह पहुंचे व्यापारी
पीड़ित पक्ष के अनुसार चोरी की वारदात की जांच के नाम पर पुलिस अमन को रात में उसके घर से चौकी ले आई। सुबह व्यापार मंडल के पदाधिकारी और स्थानीय दुकानदार वहां पहुंचे। उन्होंने पुलिस को 17 वीडियो सौंपे और दावा किया कि इनसे अमन की घटना में संलिप्तता नहीं होने की बात सामने आती है। व्यापारियों का आरोप है कि वीडियो उपलब्ध कराने के बावजूद अमन के साथ मारपीट की गई। उसके शरीर पर चोटों के निशान होने का दावा किया गया है। पीड़ित पक्ष ने चौकी इंचार्ज सत्येंद्र कुमार के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
विधायक धरने पर, अधिकारी के पहुंचने का इंतजार
अमन से जानकारी लेने और उसके शरीर पर चोटों के निशान देखने के बाद विधायक अमिताभ बाजपेई ने चौकी परिसर में धरना शुरू कर दिया। विधायक ने दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। विधायक पक्ष का दावा है कि करीब दो घंटे से धरना चल रहा है, लेकिन कोई जिम्मेदार अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचा।
पुलिस का दावा-सीसीटीवी में संदिग्ध दिखा था अमन
पुलिस के मुताबिक फीलखाना थाने में मुकदमा अपराध संख्या 58/26, धारा 331(4)/305 बीएनएस में अज्ञात चोर की तलाश की जा रही है। जांच के दौरान घटना वाली रात 00:16 बजे के सीसीटीवी फुटेज में एक व्यक्ति घटनास्थल के आसपास संदिग्ध अवस्था में दिखाई दिया। स्थानीय लोगों से पहचान कराने पर उसकी पहचान अमन अग्रवाल के रूप में हुई। पुलिस के अनुसार सहायक पुलिस आयुक्त कोतवाली को जानकारी देने के बाद 14 सितंबर को अमन के परिजनों को घटना की जानकारी दी गई और उसे पूछताछ के लिए चौकी लाया गया। पुलिस ने मारपीट के आरोप को गलत बताया है।
पुलिस ने विधायक पर जांच में हस्तक्षेप का आरोप लगाया
पुलिस का कहना है कि अमन को चौकी लाए जाने के दौरान विधायक करीब 20-25 लोगों के साथ वहां पहुंचे। पुलिस के अनुसार विधायक ने पुलिसकर्मियों पर मारपीट का आरोप लगाते हुए विवेचनात्मक कार्रवाई में हस्तक्षेप किया और अमन को छुड़ाने का प्रयास किया। पुलिस का दावा है कि तत्काल न छोड़ने पर चौकी में धरना देने की बात कही गई, जिसके बाद विधायक और उनके साथ आए लोग धरने पर बैठ गए।
वीडियो और मेडिकल रिपोर्ट से साफ होगी स्थिति
मामले में व्यापारियों की ओर से दिए गए 17 वीडियो, पुलिस के सीसीटीवी फुटेज और युवक की मेडिकल रिपोर्ट अहम होगी। एक पक्ष अमन को चोरी की घटना से जोड़ना गलत बताते हुए पुलिस पर मारपीट का आरोप लगा रहा है, जबकि पुलिस सीसीटीवी में संदिग्ध गतिविधि के आधार पर पूछताछ के लिए लाने की बात कह रही है। जांच के बाद ही युवक को चौकी लाने और वहां हुई कार्रवाई की वास्तविक स्थिति स्पष्ट होगी।


