- कानपुर में दबिश, साक्ष्य संकलन से मूट कोर्ट तक हुआ व्यावहारिक प्रशिक्षण; जांच की कमजोर कड़ियां पहचानने पर जोर
भारत 19
कानपुर। वन्यजीव अपराधियों को पकड़ने के साथ उनके खिलाफ मजबूत मुकदमा तैयार करने की बारीकियां सिखाने के लिए वन कर्मियों व अधिकारियों को प्रशिक्षित करने के लिए वानिकी प्रशिक्षण संस्थान में दो दिवसीय प्रशिक्षण लगा। प्रशिक्षण में अधिकारियों को दबिश, घटनास्थल की जांच और साक्ष्य जुटाने से लेकर गिरफ्तारी, दस्तावेज तैयार करने और न्यायालय में मुकदमा पेश करने तक की पूरी प्रक्रिया का व्यावहारिक अभ्यास कराया गया।
वन्यजीव अपराध नियंत्रण ब्यूरो और भारतीय वन्यजीव संस्थान के संयुक्त प्रशिक्षण कार्यक्रम का शनिवार को समापन हुआ। प्रशिक्षण का फोकस उस पूरी जांच प्रक्रिया पर रहा, जहां घटनास्थल पर हुई छोटी चूक भी बाद में अदालत में मामले को कमजोर कर सकती है। दूसरे दिन प्रतिभागियों को अलग-अलग टीमों में बांटकर वन्यजीव अपराध की काल्पनिक घटना दी गई। इसके बाद टीमों ने घटनास्थल की छानबीन की, साक्ष्य जुटाए और कार्रवाई से जुड़े दस्तावेज तैयार किए। फर्द बरामदगी, गिरफ्तारी मेमो और मुकदमा पंजीकरण की प्रक्रिया का भी अभ्यास कराया गया। विशेषज्ञों ने जोर दिया कि बरामदगी जितनी महत्वपूर्ण है, उसे कानूनी प्रक्रिया के अनुसार दर्ज और सुरक्षित रखना भी उतना ही जरूरी है।
दबिश से पहले और बाद की सावधानियां
वन्यजीव अपराध नियंत्रण ब्यूरो के विशेषज्ञों ने दबिश के दौरान बरती जाने वाली सावधानियों, घटनास्थल को सुरक्षित रखने और साक्ष्यों से छेड़छाड़ रोकने के तरीकों की जानकारी दी। देश के विभिन्न हिस्सों में हुई कार्रवाई की केस स्टडी के जरिए जांच के दौरान आने वाली चुनौतियों को भी समझाया गया। मकसद साफ था, कार्रवाई केवल गिरफ्तारी तक सीमित न रहे, बल्कि जांच की हर कड़ी ऐसी हो, जिसे अदालत में चुनौती मिलने पर भी मजबूती से रखा जा सके।
मूट कोर्ट में हुई जांच की परीक्षा
प्रशिक्षण का सबसे महत्वपूर्ण चरण मूट कोर्ट रहा। प्रतिभागियों को उसी मामले को न्यायालय की प्रक्रिया में आगे बढ़ाते हुए साक्ष्य प्रस्तुत करने, सवालों के जवाब देने और कानूनी बहस का अभ्यास कराया गया। इस तरह प्रशिक्षण में एक ही मामले की पूरी यात्रा कराई गई, घटनास्थल से जांच तक और जांच से अदालत तक। समापन पर वन्यजीव अपराध नियंत्रण ब्यूरो के उपनिदेशक नायर विष्णुराज और प्रभागीय निदेशक, कानपुर नगर आकांक्षा जैन ने प्रतिभागियों को प्रमाणपत्र वितरित किए।


