- 27 या 28 सितंबर को कानपुर आने की चर्चा, सेंट्रल-नौबस्ता सेक्शन के सात स्टेशन उद्घाटन के लिए तैयार; आईआईटी से नौबस्ता तक 23.8 किलोमीटर के पहले कॉरिडोर पर पूरी सेवा शुरू होने का इंतजार
भारत 19
राजीव सक्सेना, नई दिल्ली। कानपुर में मेट्रो के कानपुर सेंट्रल से नौबस्ता तक विस्तार की तैयारियां तेज हो गई हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 27 या 28 सितंबर को कानपुर आने की संभावित जानकारी के बाद उत्तर प्रदेश मेट्रो रेल कॉरपोरेशन (UPMRC) ने सेंट्रल-नौबस्ता सेक्शन और संभावित कार्यक्रम की तैयारियों को अंतिम रूप देना शुरू कर दिया है। प्रधानमंत्री के दौरे की तारीख की अभी आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है। कानपुर के लिए यह सिर्फ सात नए स्टेशन खुलने के बाद आईआईटी कानपुर से नौबस्ता तक पहले कॉरिडोर पर सीधी मेट्रो सेवा उपलब्ध हो जाएगी। UPMRC के आधिकारिक दस्तावेज के अनुसार आईआईटी-नौबस्ता कॉरिडोर की लंबाई 23.785 किलोमीटर है और इसमें कुल 21 स्टेशन हैं।
सेंट्रल से नौबस्ता तक तैयार है आखिरी हिस्सा
कानपुर मेट्रो के पहले कॉरिडोर में अभी आईआईटी कानपुर से कानपुर सेंट्रल तक यात्री सेवा चल रही है। सेंट्रल से नौबस्ता के बीच का शेष हिस्सा पूरा होने के बाद पहला कॉरिडोर अपने निर्धारित आईआईटी-नौबस्ता स्वरूप में आ जाएगा। UPMRC की 2024-25 की वार्षिक रिपोर्ट के अनुसार कॉरिडोर-1 के शेष हिस्से में झकरकटी बस टर्मिनल से नौबस्ता तक दो भूमिगत और पांच एलिवेटेड स्टेशन शामिल हैं। इस सेक्शन पर निर्माण और सिस्टम से जुड़े काम तेजी से पूरे किए गए हैं और अब यात्री सेवा शुरू करने की तैयारियां अंतिम चरण में हैं।
सात नए स्टेशन जुड़ते ही बदलेगा पूरा नेटवर्क
कानपुर सेंट्रल से नौबस्ता के बीच जिन सात स्टेशनों को जोड़ा जाना है, उनमें झकरकटी, ट्रांसपोर्ट नगर, बारादेवी, किदवई नगर, बसंत विहार, बौद्ध नगर और नौबस्ता शामिल हैं। इनमें झकरकटी और ट्रांसपोर्ट नगर भूमिगत स्टेशन हैं, जबकि बारादेवी, किदवई नगर, वसंत विहार, बौद्ध नगर और नौबस्ता एलिवेटेड स्टेशन हैं। UPMRC के आधिकारिक दस्तावेज में भी पहले कॉरिडोर के 21 स्टेशनों में 14 एलिवेटेड और सात भूमिगत स्टेशन होने की पुष्टि है।
आईआईटी से नौबस्ता तक सीधे चलेगी मेट्रो
सेंट्रल-नौबस्ता सेक्शन शुरू होने के बाद यात्रियों को बीच में ट्रेन बदलने की जरूरत नहीं होगी। आईआईटी से नौबस्ता तक एक ही कॉरिडोर पर मेट्रो चल सकेगी। इससे आईआईटी, विश्वविद्यालय क्षेत्र, कानपुर सेंट्रल, झकरकटी बस टर्मिनल, ट्रांसपोर्ट नगर, बारादेवी, किदवई नगर और नौबस्ता जैसे प्रमुख क्षेत्र एक ही मेट्रो कॉरिडोर से जुड़ जाएंगे। केंद्र सरकार के परियोजना विवरण में भी आईआईटी-नौबस्ता कॉरिडोर को शहर के प्रमुख शैक्षणिक संस्थानों, रेलवे और बस टर्मिनल समेत महत्वपूर्ण क्षेत्रों को जोड़ने वाला कॉरिडोर बताया गया है।

पीएम के दौरे को लेकर अभी तारीख पक्की नहीं
मेट्रो अधिकारियों के बीच 27 या 28 सितंबर को प्रधानमंत्री के संभावित कानपुर दौरे की चर्चा है। इसी के मद्देनजर कार्यक्रम से जुड़ी तैयारियां तेज की जा रही हैं। हालांकि पीएम के कार्यक्रम की आधिकारिक पुष्टि होने तक तारीख को संभावित ही माना जाएगा। पितृपक्ष के समय कार्यक्रम होने को लेकर भी अधिकारियों के बीच संशय बताया जा रहा है। ऐसे में कार्यक्रम सितंबर के अंतिम सप्ताह में न होकर कुछ दिन आगे खिसक सकता है। अधिकारियों का मानना है कि नवरात्र के दौरान भी सेंट्रल से नौबस्ता तक मेट्रो को जनता के लिए शुरू किया जा सकता है। यानी मेट्रो की तैयारी किसी एक तारीख पर निर्भर नहीं रखी जा रही है।
सुरक्षा व्यवस्था भी तय करेगी कार्यक्रम की तारीख
प्रधानमंत्री के कार्यक्रम में सुरक्षा व्यवस्था एक अहम पहलू होगी। एसपीजी और स्थानीय प्रशासन को कार्यक्रम स्थल, रूट, सुरक्षा घेरे और अन्य व्यवस्थाओं के लिए पर्याप्त समय चाहिए। इसलिए यदि 27 या 28 सितंबर को कार्यक्रम तय होता है तो सुरक्षा तैयारियां भी उसी हिसाब से तेज करनी होंगी। यदि मुख्य कार्यक्रम लखनऊ में रखा जाता है तो कानपुर और आगरा के कार्यक्रमों को वर्चुअल माध्यम से जोड़े जाने की संभावना भी बन सकती है। इन व्यवस्थाओं का अंतिम स्वरूप प्रधानमंत्री के कार्यक्रम की आधिकारिक घोषणा के बाद ही स्पष्ट होगा।
लखनऊ और आगरा की परियोजनाएं भी कार्यक्रम में
संभावित कार्यक्रम में कानपुर के साथ लखनऊ और आगरा की मेट्रो परियोजनाओं को भी जोड़े जाने की चर्चा है। लखनऊ में मेट्रो के दूसरे कॉरिडोर के निर्माण की शुरुआत और आगरा में प्राथमिक कॉरिडोर के आगे के कार्य से जुड़े कार्यक्रम इसमें शामिल किए जा सकते हैं। माना जा रहा है कि यदि प्रधानमंत्री कानपुर आते हैं तो यहां मुख्य कार्यक्रम रखा जा सकता है और बाकी शहरों की परियोजनाओं को वर्चुअल माध्यम से जोड़ा जा सकता है। हालांकि इसका अंतिम कार्यक्रम अभी सामने नहीं आया है।
कानपुर मेट्रो की शुरुआत 2021 में हुई थी
कानपुर मेट्रो के पहले चरण में आईआईटी कानपुर से मोतीझील तक करीब नौ किलोमीटर लंबे प्राथमिक सेक्शन का उद्घाटन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 28 दिसंबर 2021 को किया था। इसके अगले दिन 29 दिसंबर से यात्रियों के लिए मेट्रो सेवा शुरू हुई थी। इसके बाद मोतीझील से कानपुर सेंट्रल तक भूमिगत सेक्शन को भी परिचालन में लाया गया। अब सेंट्रल से नौबस्ता तक शेष हिस्सा शुरू होने के बाद पहले कॉरिडोर का पूरा निर्धारित मार्ग यात्रियों के लिए उपलब्ध हो जाएगा।
नौबस्ता तक पहुंचने के बाद 21 स्टेशन होंगे
UPMRC के आधिकारिक दस्तावेज के अनुसार आईआईटी कानपुर से नौबस्ता तक पहले कॉरिडोर की कुल लंबाई 23.785 किलोमीटर है। इसमें 14 एलिवेटेड और सात भूमिगत यानी कुल 21 स्टेशन हैं। UPMRC की वार्षिक रिपोर्ट में भी बताया गया है कि आईआईटी-नौबस्ता कॉरिडोर के शेष हिस्से पर काम जारी है और पूरा होने पर यह कानपुर की शहरी कनेक्टिविटी को और मजबूत करेगा।
एक नजर में कानपुर मेट्रो
पहला कॉरिडोर : आईआईटी कानपुर से नौबस्ता
कुल लंबाई : 23.785 किलोमीटर
कुल स्टेशन : 21
एलिवेटेड स्टेशन : 14
भूमिगत स्टेशन : 7
सेंट्रल से नौबस्ता के नए स्टेशन : 7
नए भूमिगत स्टेशन : झकरकटी और ट्रांसपोर्ट नगर
नए एलिवेटेड स्टेशन : बारादेवी, किदवई नगर, वसंत विहार, बौद्ध नगर और नौबस्ता
प्रधानमंत्री का संभावित दौरा : 27 या 28 सितंबर, आधिकारिक पुष्टि बाकी
लक्ष्य : आईआईटी से नौबस्ता तक पूरे पहले कॉरिडोर पर यात्री सेवा


