Hot Topics

कानपुर कपड़ा कमेटी का विवाद डीएम की चौखट तक पहुंचा

  • पूर्व कोषाध्यक्ष ने कथित वित्तीय अनियमितताओं की शिकायत की, बिना बोर्ड मंजूरी धन जुटाने, 12ए-10जी पंजीकरण, बैंक खातों और चंदा वसूली की जांच की मांग

भारत 19

कानपुर। 101 वर्ष पुरानी कानपुर कपड़ा कमेटी से जुड़ा वित्तीय विवाद अब जिलाधिकारी तक पहुंच गया है। संस्था के पूर्व कोषाध्यक्ष ज्योति प्रकाश नवेटिया ने शिकायती पत्र देकर वर्तमान और पूर्व पदाधिकारियों से जुड़े वित्तीय मामलों की विधिक जांच कराने की मांग की है। शिकायत में एमओए, बायलॉज और कंपनी अधिनियम के प्रावधानों के उल्लंघन के साथ संस्था के नाम पर बिना बोर्ड की मंजूरी धन जुटाए जाने का आरोप लगाया गया है।

विकास कार्यों के नाम पर धन जुटाने का आरोप

शिकायत में 20 सितंबर 2025 की जनरल बॉडी मीटिंग का हवाला दिया गया है। आरोप है कि बैठक में वाटर कूलर, शव पेटिका समेत अन्य विकास कार्यों के लिए व्यापारियों से राशि जुटाने की बात कही गई, जबकि इसके लिए बोर्ड की पूर्व स्वीकृति नहीं ली गई थी। शिकायतकर्ता ने कहा है कि संस्था के नियमों के तहत वित्तीय निर्णयों के लिए निर्धारित प्रक्रिया का पालन जरूरी है। इसी आधार पर उन्होंने कथित चंदा वसूली और उसके लिए अपनाई गई प्रक्रिया की जांच कराने का अनुरोध किया है।

निदेशकों की लिखित आपत्तियों का भी उल्लेख

शिकायत में दावा किया गया है कि संस्था के कई निदेशकों ने धन जुटाने की इस प्रक्रिया का लिखित रूप से विरोध किया। इनमें नरेन कुमार गोटिया, सुमित सिंह बागी, अभिषेक पाठक, राकेश राम प्रकाश गुप्ता ‘गुल्ला भैया’ और सुनील अवस्थी समेत अन्य निदेशक शामिल बताए गए हैं। शिकायतकर्ता ने इन आपत्तियों को संस्था के फैसलों की प्रक्रिया की जांच के लिए महत्वपूर्ण बताते हुए संबंधित बैठकों और उनके आधार पर किए गए वित्तीय निर्णयों की पड़ताल की मांग की है।

12ए-10जी पंजीकरण भी जांच के घेरे में

शिकायत में संस्था के 12ए और 10जी पंजीकरण से जुड़े दस्तावेजों की स्थिति स्पष्ट करने की मांग की गई है। आरोप लगाया गया है कि यदि संबंधित पंजीकरण प्रभावी नहीं है और संस्था के नाम पर फिर भी धन एकत्र किया जा रहा है तो उसकी वैधानिकता की जांच जरूरी है। इसके साथ ही शिकायतकर्ता ने बिना बोर्ड की स्वीकृति और पारदर्शी ऑडिट प्रक्रिया के धन संग्रह पर रोक लगाने का अनुरोध किया है।

बैंक खातों की जांच के लिए सीए टीम की मांग

पूर्व कोषाध्यक्ष ने संस्था के बैंक खातों, वित्तीय लेनदेन और धनराशि के इस्तेमाल की स्वतंत्र जांच कराने की मांग की है। इसके लिए प्रशासनिक स्तर पर चार्टर्ड अकाउंटेंट की टीम गठित करने का सुझाव दिया गया है। शिकायत में कहा गया है कि जांच के दौरान यदि वित्तीय अनियमितता सामने आती है तो जिम्मेदार लोगों की भूमिका तय कर नियमानुसार कार्रवाई की जाए।

कई विभागों को भेजी शिकायत

नवेटिया ने जिलाधिकारी के अलावा आयकर विभाग के आयुक्त (छूट), क्षेत्रीय निदेशक, रजिस्ट्रार ऑफ कंपनीज और अन्य संबंधित अधिकारियों को भी शिकायत भेजी है। इसमें संस्था के पंजीकरण, बायलॉज और वित्तीय गतिविधियों की जांच कराने का अनुरोध किया गया है। मामले में अब प्रशासन और संबंधित विभागों की जांच के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि शिकायत में लगाए गए आरोपों में कितनी तथ्यात्मकता है।

Tags :

Bharat 19 News

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Recent News