- बुधवार को चांदी 4,300 रुपये उछलकर 2,37,800 रुपये किलो पहुंची; सोना 1,500 रुपये बढ़कर 1,56,000 रुपये प्रति 10 ग्राम हुआ, एक दिन पहले दोनों में आई थी तेज गिरावट
भारत 19
कानपुर। सोने और चांदी की कीमतों में मंगलवार को आई गिरावट के अगले ही दिन बुधवार को फिर तेजी लौट आई। 16 सितंबर को कानपुर के सराफा बाजार में चांदी 2,37,800 रुपये प्रति किलो और सोना 1,56,000 रुपये प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गया। एक दिन पहले 15 सितंबर को चांदी 2,33,500 रुपये और सोना 1,54,500 रुपये प्रति 10 ग्राम था। इस तरह एक दिन में चांदी 4,300 रुपये प्रति किलो और सोना 1,500 रुपये प्रति 10 ग्राम महंगा हुआ।
चांदी में एक दिन में 4,300 रुपये की तेजी
15 सितंबर को चांदी का भाव घटकर 2,33,500 रुपये प्रति किलो रह गया था। यह छह अगस्त को दर्ज 2,32,500 रुपये के न्यूनतम भाव से महज 1,000 रुपये अधिक था। बुधवार को चांदी में 4,300 रुपये की तेजी आई और भाव 2,37,800 रुपये प्रति किलो पहुंच गया। हालांकि, यह जनवरी में दर्ज चांदी के उच्चतम भाव से अभी काफी नीचे है।
सोना फिर 1,56,000 रुपये के स्तर पर पहुंचा
सोने में भी एक दिन बाद तेजी लौट आई। 14 सितंबर को सोना 1,56,000 रुपये प्रति 10 ग्राम था। 15 सितंबर को 1,500 रुपये की गिरावट के बाद भाव 1,54,500 रुपये रह गया था। बुधवार को फिर 1,500 रुपये की तेजी के साथ सोना 1,56,000 रुपये पर पहुंच गया। यानी दो दिन में सोने का भाव फिर उसी स्तर पर लौट आया, जहां 14 सितंबर को था।
अगस्त के न्यूनतम भाव से अभी ऊपर
बुधवार की तेजी के बावजूद सोना और चांदी अपने हालिया निचले स्तरों से बहुत ज्यादा ऊपर नहीं निकल पाए हैं। सात अगस्त को सोना 1,53,500 रुपये प्रति 10 ग्राम और छह अगस्त को चांदी 2,32,500 रुपये प्रति किलो के न्यूनतम स्तर पर थी। 16 सितंबर के भाव के मुकाबले सोना 2,500 रुपये और चांदी 5,300 रुपये ऊपर है।
जनवरी की ऊंचाई से चांदी 1.62 लाख रुपये नीचे
चांदी 29 जनवरी 2026 को 4,00,000 रुपये प्रति किलो के उच्चतम भाव पर पहुंची थी। 16 सितंबर के 2,37,800 रुपये के भाव से तुलना करें तो चांदी जनवरी की ऊंचाई से 1,62,200 रुपये प्रति किलो नीचे है। यानी जनवरी के उच्चतम भाव के मुकाबले इसमें करीब 40.6 प्रतिशत की गिरावट है।
त्योहारी सीजन से पहले कीमतों पर नजर
सोने-चांदी में लगातार हो रहे उतार-चढ़ाव के बीच त्योहारी और शादी के सीजन से पहले सराफा बाजार की गतिविधियों पर नजर बढ़ गई है। 15 सितंबर को करीब 40 दिन के निचले स्तर के आसपास पहुंचने के बाद अगले ही दिन दोनों धातुओं में तेजी लौटने से कीमतों में अस्थिरता का दौर जारी रहने के संकेत मिले हैं। कारोबारियों और ग्राहकों की नजर अब आगामी दिनों में भाव की दिशा पर रहेगी।


