पेंशन कक्ष की खुली खिड़की से सरकारी रिकॉर्ड गायब होने का मामला; रिटायर्ड स्वास्थ्य अधिकारियों-कर्मचारियों की पत्रावलियां और सेवा पुस्तिकाएं शामिल, चकेरी थाने में FIR दर्ज, CCTV फुटेज खंगाल रही पुलिस
भारत 19
कानपुर। कानपुर के CMO कार्यालय से सेवानिवृत्त स्वास्थ्य अधिकारियों और कर्मचारियों की करीब 100 पेंशन पत्रावलियां और सेवा पुस्तिकाएं गायब होने का मामला सामने आया है। रामादेवी स्थित कांशीराम अस्पताल के पेंशन कक्ष में रखे सरकारी रिकॉर्ड गायब मिले। जांच के दौरान कमरे की खिड़की खुली मिली, जबकि टेबल पर रखी फाइलें वहां नहीं थीं। मामले में चकेरी थाने में FIR दर्ज कर पुलिस ने जांच शुरू कर दी है।
फाइलें लेने पहुंचे कर्मचारी तो खुला राज
बताया गया कि पेंशन संबंधी पत्रावली लेने पहुंचे कर्मचारी को कक्ष में फाइलें नहीं मिलीं। जांच करने पर पेंशन से जुड़े करीब 100 से अधिक रिकॉर्ड और कुछ सेवा पुस्तिकाएं गायब मिलीं। इनमें सेवानिवृत्त स्वास्थ्य अधिकारियों और कर्मचारियों से संबंधित दस्तावेज शामिल बताए गए हैं। फाइलें गायब मिलने के साथ पेंशन कक्ष की खिड़की खुली मिली। ऐसे में पुलिस इस संभावना की भी जांच कर रही है कि रिकॉर्ड खिड़की के रास्ते बाहर ले जाए गए हों। हालांकि फाइलें कब गायब हुईं और उन्हें किस तरीके से बाहर निकाला गया, यह अभी स्पष्ट नहीं है।
नकदी नहीं, सरकारी रिकॉर्ड ही बने निशाना
मामले में सबसे अहम सवाल यह है कि आखिर इतनी बड़ी संख्या में पेंशन रिकॉर्ड ही क्यों गायब किए गए। शुरुआती जानकारी में किसी नकदी या अन्य सामान के चोरी होने की बात सामने नहीं आई है। इससे पुलिस दस्तावेजों को गायब करने के पीछे के संभावित उद्देश्य और फाइलों के इस्तेमाल की दिशा में भी जांच कर रही है। चकेरी थाने में FIR दर्ज होने के बाद पुलिस ने अस्पताल और आसपास लगे CCTV कैमरों की फुटेज खंगालनी शुरू कर दी है। जांच टीम यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि घटना के समय पेंशन कक्ष के आसपास कौन-कौन मौजूद था और संदिग्ध गतिविधि तो नहीं हुई।
पेंशन रिकॉर्ड की सुरक्षा पर भी सवाल
सेवानिवृत्त कर्मचारियों की पेंशन पत्रावलियों और सेवा पुस्तिकाओं में उनकी सेवा से जुड़े महत्वपूर्ण दस्तावेज होते हैं। ऐसे में करीब 100 फाइलों का गायब होना केवल चोरी की जांच तक सीमित मामला नहीं है, बल्कि सरकारी रिकॉर्ड की सुरक्षा और रखरखाव पर भी सवाल खड़े करता है। फिलहाल पुलिस के सामने फाइलें किसने गायब कीं, उन्हें कैसे बाहर ले जाया गया और इसके पीछे क्या वजह थी, इन सवालों का जवाब तलाशना सबसे बड़ी चुनौती है। जांच और CCTV फुटेज की पड़ताल के बाद ही पूरे मामले की तस्वीर साफ होने की उम्मीद है।
