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आईआईटी कानपुर ने बनाया हर उपकरण का स्मार्ट प्लग

  • IoT आधारित प्लग से रियल-टाइम बिजली खपत, रिमोट कंट्रोल और शेड्यूलिंग; 3.3 किलोवाट तक लोड, 0.5 प्रतिशत से कम मापन त्रुटि

भारत 19

कानपुर। बिजली की खपत अब पूरे घर, दफ्तर या उद्योग के स्तर पर ही नहीं, बल्कि हर उपकरण के हिसाब से भी देखी और नियंत्रित की जा सकेगी। आईआईटी कानपुर के इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग विभाग के डॉ. अंकुश शर्मा और रितिक राजपूत ने IoT आधारित स्मार्ट पावर प्लग विकसित किया है। यह किसी विद्युत उपकरण की रियल-टाइम बिजली खपत की निगरानी के साथ उसके ऑन-ऑफ संचालन, टाइमर, शेड्यूलिंग, लोड मैनेजमेंट और जरूरत के अनुसार रिमोट कंट्रोल की सुविधा देता है। इस तकनीक का पेटेंट भी कराया जा चुका है और जल्द ही आम लोगों तक इसके पहुंचने की संभावना है।

स्मार्ट प्लग सामान्य स्मार्ट प्लग से आगे बढ़कर ऊर्जा निगरानी, डेटा एक्विजिशन, शेड्यूलिंग और उपकरण नियंत्रण को एक ही कम-ऊर्जा प्लेटफॉर्म पर जोड़ता है। 230 वोल्ट एसी सिंगल-फेज सप्लाई पर इससे 3.3 किलोवाट तक के उपकरण नियंत्रित किए जा सकते हैं। इसकी अपनी बिजली खपत 1 वाट से कम है। वायरलेस कनेक्टिविटी और तेज डेटा अधिग्रहण के साथ इसकी मापन त्रुटि 0.5 प्रतिशत से कम बताई गई है।

स्मार्ट प्लग की खासियतप्लग का उपयोग करने वाला किसी उपकरण की बिजली खपत को रियल-टाइम में देख सकता है और जरूरत के मुताबिक उसे ऑन या ऑफ कर सकता है। इसमें टाइमर, शेड्यूलिंग और लोड मैनेजमेंट की सुविधा है। HVAC जैसे उपकरणों के लिए तापमान आधारित नियंत्रण भी दिया गया है। जरूरत के अनुसार वॉयस कंट्रोल, एकीकृत संचार और बाईपास जैसी सुविधाएं भी उपलब्ध हैं। यानी 230 वोल्ट एसी सिंगल-फेज सप्लाई, 3.3 किलोवाट तक नियंत्रित लोड, 1 वाट से कम स्वयं की खपत, 0.5 प्रतिशत से कम मापन त्रुटि, वायरलेस कनेक्टिविटी और रियल-टाइम मॉनिटरिंग इसे उपकरण-स्तरीय ऊर्जा प्रबंधन का प्लेटफॉर्म बनाते हैं।

घर से उद्योग तक इस्तेमाल की संभावना

घरों में इसका इस्तेमाल उपकरण-स्तरीय ऊर्जा निगरानी, बिजली बिल ऑडिट, पीक लोड शेड्यूलिंग और स्मार्ट उपकरण नियंत्रण में किया जा सकता है। वाणिज्यिक क्षेत्र में कार्यालयों, भवनों, वेयरहाउस और HVAC सिस्टम के संचालन तथा पीक डिमांड घटाने में इसका उपयोग प्रस्तावित है। औद्योगिक स्तर पर यह लो-टू-मीडियम पावर ऑक्सिलरी लोड की निगरानी, उपकरण संचालन, ऊर्जा दक्षता सुधार और ऑपरेशनल शेड्यूलिंग में उपयोगी हो सकता है। लगातार मिलने वाले उपकरणों के डेटा का इस्तेमाल असामान्य खपत की पहचान और प्रेडिक्टिव मेंटेनेंस के लिए भी किया जा सकता है।

बिजली बचत और स्मार्ट ग्रिड में उपयोग

उपकरण-स्तरीय डेटा से यह पता लगाने में मदद मिल सकती है कि घर, कार्यालय या उद्योग में किस उपकरण की बिजली खपत कितनी है। अधिक मांग वाले समय में कुछ उपकरणों का संचालन शेड्यूल कर पीक लोड को नियंत्रित करने में भी यह तकनीक उपयोगी हो सकती है। पुराने विद्युत उपकरणों को भी IoT आधारित नियंत्रण से जोड़ने की संभावना है। डिमांड रिस्पांस जैसी व्यवस्था में भी स्मार्ट प्लग का इस्तेमाल किया जा सकता है, जिसमें बिजली की मांग के अनुसार उपकरणों के संचालन को नियंत्रित किया जाता है।

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