- बेंगलुरु में होगा हैंडओवर समारोह, वायुसेना को दो LCA तेजस FOC ट्विन-सीटर और तीन HTT-40 ट्रेनर मिलेंगे; पवन हंस को चार ध्रुव NG हेलिकॉप्टर सौंपे जाएंगे
भारत 19
नई दिल्ली। हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड यानी HAL 18 सितंबर को बेंगलुरु में भारतीय वायुसेना को दो LCA तेजस Mk-1 FOC ट्विन-सीटर ट्रेनर और तीन HTT-40 बेसिक ट्रेनर विमान सौंपेगी। इसी समारोह में चार ध्रुव NG हेलिकॉप्टर पवन हंस लिमिटेड को भी दिए जाएंगे। कार्यक्रम में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, नागरिक उड्डयन मंत्री के. राममोहन नायडू और वायुसेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल एपी सिंह की मौजूदगी प्रस्तावित है।
तेजस के दो ट्रेनर से पूरा होगा पहला ऑर्डर
HAL की ओर से सौंपे जाने वाले दोनों LCA तेजस Mk-1 FOC ट्विन-सीटर ट्रेनर भारतीय वायुसेना के शुरुआती 40 तेजस विमानों के ऑर्डर की अंतिम दो इकाइयां हैं। इस मूल ऑर्डर में 20 IOC और 20 FOC कॉन्फिगरेशन वाले विमान शामिल थे। FOC कॉन्फिगरेशन में 16 लड़ाकू विमान और चार ट्रेनर शामिल थे। ट्विन-सीटर तेजस का इस्तेमाल लड़ाकू पायलटों के उन्नत प्रशिक्षण के लिए किया जाता है। इसमें प्रशिक्षु और प्रशिक्षक दोनों के लिए सीट होती है। HAL के अनुसार तेजस एक 4.5 पीढ़ी का बहुउद्देश्यीय लड़ाकू विमान है और इसके वायुसेना संस्करण में ट्विन-सीटर ट्रेनर भी शामिल है।
HTT-40 की पहली खेप में तीन विमान मिलेंगे
भारतीय वायुसेना को HTT-40 बेसिक ट्रेनर विमानों की पहली खेप के तीन विमान भी सौंपे जाएंगे। ये विमान शुरुआती यानी अब-इनिशियो पायलट प्रशिक्षण के लिए डिजाइन किए गए हैं। HAL के मुताबिक HTT-40 में ग्लास कॉकपिट, आधुनिक एवियोनिक्स, टैंडम सीटिंग और जीरो-जीरो इजेक्शन सीट जैसी सुविधाएं हैं। इसकी अधिकतम गति करीब 450 किलोमीटर प्रति घंटा है। केंद्र सरकार ने मार्च 2023 में वायुसेना के लिए 70 HTT-40 विमानों की खरीद को 6,828.36 करोड़ रुपये की लागत से मंजूरी दी थी। इनकी आपूर्ति छह साल में की जानी है। सरकार के अनुसार विमान में करीब 56 प्रतिशत स्वदेशी सामग्री है, जिसे आगे 60 प्रतिशत से अधिक करने का लक्ष्य रखा गया है।
ध्रुव NG वायुसेना नहीं, पवन हंस को मिलेगा
इस हैंडओवर में एक अहम बात यह है कि चार ध्रुव NG हेलिकॉप्टर भारतीय वायुसेना को नहीं, बल्कि पवन हंस लिमिटेड को सौंपे जाएंगे। पवन हंस ने HAL से कुल 10 ध्रुव NG हेलिकॉप्टरों का ऑर्डर दिया है और मौजूदा खेप में चार हेलिकॉप्टर मिलने हैं। ध्रुव NG नागरिक उपयोग के लिए विकसित संस्करण है। इसे ऑफशोर ऑपरेशन, यात्री परिवहन, एयर एंबुलेंस और अन्य नागरिक भूमिकाओं में इस्तेमाल किया जा सकता है। पवन हंस इन हेलिकॉप्टरों का इस्तेमाल ऑफशोर ऑपरेशन में भी कर सकता है।
एक समारोह में प्रशिक्षण से नागरिक उड़ान तक
18 सितंबर का समारोह HAL के तीन अलग-अलग एयरोस्पेस प्लेटफॉर्म को सामने लाएगा। HTT-40 शुरुआती पायलट प्रशिक्षण, तेजस ट्विन-सीटर उन्नत लड़ाकू प्रशिक्षण और ध्रुव NG नागरिक हेलिकॉप्टर संचालन से जुड़ा है। इस लिहाज से एक ही कार्यक्रम में सैन्य प्रशिक्षण और नागरिक विमानन, दोनों क्षेत्रों में स्वदेशी प्लेटफॉर्म की डिलीवरी होगी।
तेजस Mk-1 के बाद Mk-1A पर नजर
पहले 40 तेजस विमानों के ऑर्डर के बाद HAL का बड़ा फोकस तेजस Mk-1A कार्यक्रम पर है। जनवरी 2021 में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने 73 LCA Mk-1A लड़ाकू विमानों और 10 LCA Mk-1 ट्रेनर विमानों समेत कुल 83 विमानों की खरीद को मंजूरी दी थी। इस कार्यक्रम की कुल स्वीकृत लागत 45,696 करोड़ रुपये थी, जबकि डिजाइन और बुनियादी ढांचे के लिए 1,202 करोड़ रुपये का अतिरिक्त प्रावधान था। Mk-1A में AESA रडार, बियॉन्ड विजुअल रेंज मिसाइल क्षमता, इलेक्ट्रॉनिक वारफेयर सूट और एयर-टू-एयर रिफ्यूलिंग जैसी क्षमताएं शामिल हैं।
HTT-40 से स्वदेशी प्रशिक्षण क्षमता को बढ़ावा
HTT-40 को शुरुआती उड़ान प्रशिक्षण के लिए विकसित किया गया है। HAL के अनुसार इसका इस्तेमाल बेसिक फ्लाइंग ट्रेनिंग के अलावा एयरोबैटिक्स, इंस्ट्रूमेंट फ्लाइंग, नेविगेशन, नाइट फ्लाइंग और क्लोज फॉर्मेशन ट्रेनिंग में किया जा सकता है। इस तरह 18 सितंबर की डिलीवरी में HAL एक साथ तेजस के उन्नत ट्रेनर, HTT-40 के बेसिक ट्रेनर और ध्रुव NG के नागरिक हेलिकॉप्टर को सेवा क्षेत्र में पहुंचाएगी। इससे कंपनी के सैन्य और नागरिक, दोनों एयरोस्पेस कारोबार की तस्वीर एक साथ सामने आएगी।


