FSSAI ने डॉ. रेड्डीज, नेस्ले हेल्थ साइंस और अमेजन-फ्लिपकार्ट समेत छह कंपनियों से मांगा जवाब; वजन घटाने की दवाओं के साथ इस्तेमाल और मांसपेशियों को सुरक्षित रखने के दावों पर उठाए सवाल
भारत 19/ नई दिल्ली। प्रोटीन सप्लीमेंट बेचने वाली कंपनियों के स्वास्थ्य संबंधी दावे अब खाद्य सुरक्षा नियामक की जांच के दायरे में हैं। भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (FSSAI) ने ‘सेलेविडा जीएलपी+’ नाम के एक पोषण उत्पाद के प्रचार को लेकर छह कंपनियों को नोटिस जारी किया है। इनमें डॉ. रेड्डीज, नेस्ले हेल्थ साइंस और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म अमेजन, फ्लिपकार्ट व नेटमेड्स शामिल हैं। नियामक को उत्पाद की पैकेजिंग और प्रचार में किए गए कुछ दावों पर आपत्ति है। कंपनियों से पूछा गया है कि इन दावों के आधार पर उनके खिलाफ कार्रवाई क्यों न की जाए।
वजन घटाने के दौरान मांसपेशियां बचाने का दावा
विवाद ‘सेलेविडा जीएलपी+’ के उन दावों को लेकर है, जिनमें इसे वजन घटाने और मधुमेह के इलाज में इस्तेमाल होने वाली GLP-1/GIP थेरेपी के दौरान मांसपेशियों को बनाए रखने में मददगार बताया गया है। उत्पाद के प्रचार में मांसपेशियों को सुरक्षित रखने के लिए हाई-प्रोटीन सपोर्ट देने की बात कही गई थी। FSSAI ने इस तरह के दावों के आधार पर सवाल उठाए हैं। नियामक की चिंता है कि इनसे उपभोक्ताओं को उत्पाद के लाभ और इलाज के साथ उसकी उपयोगिता को लेकर गलत धारणा बन सकती है।
पैकेट पर लिखे दावे भी जांच के घेरे में
नियामक ने मांसपेशियों को बनाए रखने, उनकी ताकत बढ़ाने और वजन घटाने के दौरान मांसपेशियों के नुकसान से बचाने जैसे दावों पर भी सवाल किए हैं। उत्पाद की पैकेजिंग पर ‘100% आरडीए बीसीएए’ और शुद्धता के लिए यूरोप से आयातित होने संबंधी दावों की भाषा भी जांच के दायरे में है। इन दावों के समर्थन में कंपनियों को क्या प्रमाण देने हैं और उनका जवाब क्या होता है, इससे आगे की कार्रवाई तय होगी। फिलहाल नोटिस जारी होने का मतलब यह नहीं है कि कंपनियों को दोषी ठहरा दिया गया है।
छह कंपनियों से मांगा गया जवाब
FSSAI की कार्रवाई में डॉ. रेड्डीज लैबोरेटरीज, नेस्ले हेल्थ साइंस, तिरुपति वेलनेस प्राइवेट लिमिटेड, फ्लिपकार्ट इंडिया, अमेजन सेलर सर्विसेज और नेटमेड्स हेल्थकेयर शामिल हैं। नियामक ने उत्पाद के दावों और प्रचार को लेकर इन कंपनियों से जवाब मांगा है। अमेजन ने कहा है कि उसके मंच पर स्वतंत्र विक्रेता अपने उत्पाद बेचते हैं और उन्हें लागू कानूनों तथा कंपनी की नीतियों का पालन करना होता है। कंपनी के मुताबिक, संबंधित उत्पाद की लिस्टिंग हटा दी गई है। अन्य कंपनियों के जवाब और नियामक की अगली कार्रवाई पर अब नजर रहेगी।
सप्लीमेंट खरीदते समय क्या ध्यान रखें
यह मामला उन उपभोक्ताओं के लिए भी अहम है, जो वजन घटाने या मांसपेशियां बनाए रखने के लिए प्रोटीन सप्लीमेंट लेते हैं। पैकेट पर लिखे स्वास्थ्य लाभों को अंतिम सच मानने के बजाय उत्पाद की सामग्री, पोषण संबंधी जानकारी और इस्तेमाल के निर्देश पढ़ना जरूरी है। वजन घटाने या मधुमेह के इलाज के दौरान किसी सप्लीमेंट को दवा या निर्धारित उपचार का विकल्प नहीं मानना चाहिए।


