- ओमान एयर में 2024 में हमाम अल-हमामी को चरमपंथी सामग्री मिलने के बाद फ्लाइंग से रोके जाने की रिपोर्ट; बाद में रॉयल एयर मैरोक और फ्लाईदुबई में काम किया, अब भारतीय कप्तान पर कॉकपिट हमले के बाद उसकी पूरी पृष्ठभूमि और एयरलाइन वेटिंग प्रक्रिया जांच के घेरे में
भारत 19 डेस्क / फ्लाईदुबई की दुबई-तेल अवीव उड़ान में भारतीय कप्तान स्मित मच्छार पर हुए कॉकपिट हमले की जांच अब केवल 30 सितंबर की घटना तक सीमित नहीं है। जांच में को-पायलट हमाम अल-हमामी की पिछली सुरक्षा पृष्ठभूमि, अलग-अलग एयरलाइनों में उसका रोजगार रिकॉर्ड और पायलटों की वेटिंग प्रक्रिया भी अहम हो गई है। सबसे अहम कड़ी 2024 की है, जब वह ओमान एयर में प्रशिक्षण ले रहा था। वरिष्ठ अमेरिकी खुफिया और कानून-प्रवर्तन अधिकारियों के हवाले से रिपोर्ट है कि उसके पास चरमपंथी सामग्री मिलने पर उसे उड़ान संबंधी जिम्मेदारियों से हटा दिया गया था। बाद में उसका विमानन करियर दूसरे रास्ते से आगे बढ़ा और अंततः वह फ्लाईदुबई के कॉकपिट तक पहुंचा।
ओमान एयर में 2024 में क्या हुआ था
एबीसी न्यूज ने अधिकारियों के हवाले से बताया कि हमाम जब ओमान एयर में को-पायलट प्रशिक्षु था, तब उसके पास चरमपंथी सामग्री मिली थी। इसके बाद उसे करीब एक साल के लिए फ्लाइंग से रोककर प्रशासनिक भूमिका में रखने की जानकारी सामने आई है। यह कार्रवाई इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि इससे उसके पुराने रोजगार रिकॉर्ड में एक सुरक्षा संबंधी घटना दर्ज होने का संकेत मिलता है। हालांकि, उस समय की आंतरिक जांच में क्या निष्कर्ष निकला था और किस स्तर पर यह जानकारी साझा की गई थी, इसका पूरा रिकॉर्ड सार्वजनिक नहीं है।
सात साल ओमान एयर, फिर बदला करियर
रिपोर्टों के मुताबिक हमाम ने ओमान एयर में करीब सात साल काम किया और फरवरी 2025 में वहां से अलग हुआ। इसके बाद वह रॉयल एयर मैरोक से जुड़ा। उपलब्ध रोजगार जानकारी के अनुसार वहां उसका कार्यकाल 2025 के मध्य से 2026 की शुरुआत तक रहा। इसके बाद वह फ्लाईदुबई में शामिल हुआ। यही क्रम अब जांचकर्ताओं के लिए महत्वपूर्ण है—खासकर यह पता लगाने के लिए कि पिछली सुरक्षा संबंधी कार्रवाई की जानकारी उसकी बाद की नियुक्तियों के दौरान किस-किस स्तर तक उपलब्ध थी।
30 सितंबर की उड़ान में कप्तान पर हमला
फ्लाईदुबई की उड़ान एफजेड1073 दुबई से तेल अवीव जा रही थी। उड़ान के दौरान हमाम ने कॉकपिट में कप्तान स्मित मच्छार पर हमला किया। संयुक्त अरब अमीरात के अधिकारियों के अनुसार हमले में कॉकपिट का क्रैश एक्स इस्तेमाल किया गया और को-पायलट ने विमान का नियंत्रण लेने की कोशिश की। हमले के दौरान विमान की ऊंचाई तेजी से कम हुई। कप्तान ने कॉकपिट का दरवाजा खोला, जिसके बाद यात्रियों और चालक दल के सदस्यों ने हमाम को काबू करने में मदद की। दूसरे पायलटों ने नियंत्रण संभाला और विमान को सऊदी अरब के तबूक में आपात स्थिति में उतारा गया। विमान में 182 लोग सवार थे।
आतंकवादी हमला या व्यक्तिगत कार्रवाई, जांच जारी
संयुक्त अरब अमीरात के अधिकारियों ने घटना को आतंकवादी कृत्य बताया है। लेकिन जांच अभी यह निर्धारित करने की कोशिश कर रही है कि हमले के पीछे वास्तविक मकसद क्या था और क्या हमाम का किसी संगठन से कोई संबंध था। इस स्तर पर 2024 की सुरक्षा घटना और 30 सितंबर के हमले के बीच सीधा कारणात्मक संबंध स्थापित नहीं हुआ है। इसलिए पुराने रिकॉर्ड को मौजूदा हमले का प्रमाण मानने के बजाय जांच की एक महत्वपूर्ण कड़ी के रूप में देखा जा रहा है।
सोशल मीडिया और डिजिटल रिकॉर्ड भी खंगाले जा रहे
जांच में हमाम की पुरानी सोशल मीडिया गतिविधियां भी सामने आई हैं। विभिन्न रिपोर्टों में उसके अकाउंट से विमानन और चरमपंथ से संबंधित सामग्री के उल्लेख किए गए हैं। कुछ पोस्ट हटाए जाने की जानकारी भी सामने आई है। जांचकर्ता अब इन डिजिटल सामग्री की प्रामाणिकता, उनके समय और संदर्भ तथा हमले से संभावित संबंध की पड़ताल कर रहे हैं। केवल सोशल मीडिया गतिविधियों के आधार पर हमले का मकसद तय नहीं किया गया है।
जांच का बड़ा सवाल एयरलाइन वेटिंग पर
मामले का एक अहम पहलू अब एयरलाइन वेटिंग और सुरक्षा सूचना साझा करने की व्यवस्था बन गया है। जांचकर्ताओं के सामने यह सवाल है कि ओमान एयर में हुई कार्रवाई से जुड़ी जानकारी बाद की नियुक्तियों के दौरान उपलब्ध थी या नहीं और यदि थी तो उसका इस्तेमाल किस स्तर पर हुआ। इसी के साथ यह भी देखा जा रहा है कि अलग-अलग देशों की विमानन कंपनियों के बीच किसी पायलट के सुरक्षा रिकॉर्ड से जुड़ी सूचनाएं साझा करने की क्या व्यवस्था है। इन सवालों के जवाब जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होंगे।


