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चार बेटों में पहले दो गए, अब डॉ. संदीप भी नहीं रहे

  • 70 वर्षीय पिता राज बहादुर सिंह ने चार बेटों में से तीन को खोया, एक बेटे की बीमारी और दूसरे की हादसे में मौत के बाद अब सरकारी डॉक्टर संदीप सिंह की भी मौत, परिवार में सिर्फ एक बेटा बचा

भारत 19/ कानपुर। एक पिता के लिए इससे बड़ा दुख क्या होगा कि उसकी आंखों के सामने उसके बेटे एक-एक कर दुनिया से चले जाएं। कानपुर के 70 वर्षीय राज बहादुर सिंह की कहानी इसी दर्द से गुजर रही है। चार बेटों में पहले दो को खोने के बाद अब उनके तीसरे बेटे सरकारी डॉक्टर डॉ. संदीप सिंह भी नहीं रहे। परिवार में अब सिर्फ एक बेटा बचा है।

चार बेटों में अब सिर्फ एक बेटा बचा

राज बहादुर सिंह के चार बेटे विशाल, विक्रम, संदीप और राहुल थे। परिवार के मुताबिक सबसे बड़े बेटे विशाल की बीमारी के चलते मौत हो गई थी। उसके बाद सबसे छोटे बेटे राहुल की वर्ष 2016 में नोएडा में सड़क हादसे में जान चली गई। अब डॉ. संदीप सिंह की मौत के बाद चार भाइयों में केवल विक्रम ही बचे हैं। विक्रम अपने पिता राज बहादुर सिंह के साथ रहते हैं। एक के बाद एक तीन बेटों को खो चुके पिता के लिए संदीप की मौत ने पुराने जख्म फिर ताजा कर दिए हैं।

सरकारी अस्पताल में सर्जन थे डॉ. संदीप

डॉ. संदीप सिंह सरकारी चिकित्सक थे और कानपुर देहात के एक सरकारी अस्पताल में जनरल सर्जन के पद पर तैनात थे। इससे पहले वह कानपुर के एलएलआर अस्पताल समेत दूसरे संस्थानों में भी सेवाएं दे चुके थे। परिवार के मुताबिक संदीप ने पहली शादी टूटने के बाद दूसरी शादी कंचन से की थी। कंचन भी सरकारी डॉक्टर हैं। संदीप की पहली पत्नी से एक बेटा है, जबकि दूसरी पत्नी से उनके दो बच्चे हैं।

रविवार रात पत्नी से हुआ था विवाद

पुलिस की प्रारंभिक जांच के मुताबिक रविवार देर रात संदीप और उनकी दूसरी पत्नी के बीच विवाद हुआ था। इसके बाद संदीप ने अपने कमरे में लाइसेंसी रिवॉल्वर से खुद को गोली मार ली। घटना के बाद पत्नी उन्हें अस्पताल लेकर पहुंचीं, लेकिन डॉक्टर उन्हें बचा नहीं सके। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और लाइसेंसी रिवॉल्वर को कब्जे में लेकर जांच के लिए भेज दिया। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है।

पिता से रात में हुई थी आखिरी बातचीत

परिवार के मुताबिक राज बहादुर सिंह ने घटना से कुछ घंटे पहले रविवार रात करीब 9:30 बजे संदीप से फोन पर बात की थी। उस वक्त उन्हें अंदाजा नहीं था कि बेटे के साथ कुछ ऐसा होने वाला है। कुछ घंटे बाद संदीप की मौत की खबर ने पूरे परिवार को हिला दिया। जिस बेटे से कुछ घंटे पहले पिता ने फोन पर बात की थी, सुबह उसकी मौत की खबर सामने थी।

पति-पत्नी के विवाद की पुलिस कर रही जांच

पुलिस को शुरुआती जांच में पति-पत्नी के बीच विवाद की जानकारी मिली है। हालांकि संदीप की मौत की पूरी वजह अभी जांच का विषय है। पुलिस पोस्टमार्टम रिपोर्ट, मौके से मिले साक्ष्यों और परिवार के सदस्यों के बयान के आधार पर मामले की पड़ताल कर रही है। परिवार के अनुसार संदीप और उनकी पत्नी के बीच पहले भी छोटी-छोटी बातों को लेकर विवाद होते थे और परिजन कई बार दोनों को समझाकर मामला शांत कराते थे। रविवार रात भी विवाद हुआ था।

एक पिता के हिस्से में बची तीन बेटों की यादें

राज बहादुर सिंह ने पहले बीमारी में एक बेटा खोया, फिर सड़क हादसे में दूसरे बेटे की मौत देखी और अब सरकारी डॉक्टर बेटे संदीप को भी खो दिया। चार बेटों का परिवार अब सिर्फ एक बेटे तक सिमट गया है। संदीप की मौत की परिस्थितियों की पुलिस जांच अपनी जगह है, लेकिन इस घटना का सबसे मार्मिक पहलू यह है कि 70 साल की उम्र में राज बहादुर सिंह के सामने अब तीन बेटों की मौत की यादें हैं और साथ में सिर्फ एक बेटे का सहारा बचा है।

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