- युवा संवाद में कश्मीरी लाल ने ‘कमाओ और सीखो’ का दिया संदेश; 25 उद्यमियों का सम्मान, स्वावलंबन और उद्यमिता को राष्ट्र निर्माण से जोड़ने पर जोर
भारत 19
कानपुर। डिग्री हासिल करने के बाद सिर्फ नौकरी तलाशने के बजाय युवाओं को रोजगार देने वाला बनने की सोच विकसित करनी होगी। आत्मनिर्भर और समृद्ध भारत के लिए उद्यमिता, स्वरोजगार और स्वावलंबन को जीवन का हिस्सा बनाने की जरूरत है। छत्रपति शाहू जी महाराज विश्वविद्यालय के दीनदयाल सभागार में स्वदेशी जागरण मंच और सीएसजेएमआईएफ की ओर से आयोजित ‘युवा संवाद’ में युवाओं को इसी दिशा में आगे बढ़ने का संदेश दिया गया।
‘कमाओ और सीखो’ से बदलें नौकरी की सोच
स्वदेशी जागरण मंच के अखिल भारतीय संगठक कश्मीरी लाल ने कहा कि युवाओं को ‘कमाओ और सीखो’ की भावना के साथ आगे बढ़ना चाहिए। जीवन का लक्ष्य केवल नौकरी हासिल करना नहीं, बल्कि रोजगार देने वाला बनना होना चाहिए। उन्होंने युवाओं से कहा कि वे विज्ञापन जगत की लोकप्रिय हस्तियों के बजाय उन उद्यमियों को अपना आदर्श बनाएं, जिन्होंने अपने उद्योग खड़े किए और दूसरों के लिए रोजगार के अवसर पैदा किए। उन्होंने कहा कि उद्यमिता और स्वावलंबन की सोच को बढ़ावा देकर युवाओं को देश की आर्थिक मजबूती और आत्मनिर्भरता से जोड़ा जा सकता है।
नौकरी मांगने वाले होंगे तो नौकरी देगा कौन
कार्यक्रम के अध्यक्ष प्रो. विशाल अवस्थी ने युवाओं के सामने रोजगार और उद्यमिता से जुड़ा सवाल रखा कि यदि हर व्यक्ति नौकरी मांगने वाला होगा तो नौकरी देगा कौन। उन्होंने मजबूत अर्थव्यवस्था के लिए युवाओं में स्वावलंबन और उद्यमिता को बढ़ावा देने पर जोर दिया। स्वदेशी जागरण मंच के क्षेत्रीय प्रचार प्रमुख प्रवीण मिश्र ने कहा कि युवाओं में उद्यमिता और स्वावलंबन की भावना विकसित करने के लिए ऐसे संवाद और सम्मेलन जरूरी हैं। उन्होंने युवा शक्ति को राष्ट्र निर्माण से जोड़ने की आवश्यकता बताई।
‘साधारण नहीं, उदाहरण बनना है’
विशिष्ट अतिथि भवानी भीख तिवारी ने संघ के शताब्दी वर्ष के संदर्भ में ‘पांच परिवर्तन’ और ‘स्व’ के बोध की बात रखी। उन्होंने युवाओं से स्वभूषा, स्वभाषा, स्वभोजन, स्वभ्रमण और स्वभवन को दैनिक जीवन का हिस्सा बनाने का आह्वान किया। उन्होंने युवाओं से कहा कि उन्हें साधारण बनने के बजाय समाज के सामने उदाहरण प्रस्तुत करने की दिशा में आगे बढ़ना चाहिए। सफल स्टार्टअप और उद्यम स्थापित करने वाले 25 उद्यमियों को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में सम्मानित उद्यमियों को युवाओं के लिए प्रेरणादायी बताते हुए स्वरोजगार और उद्यमिता को आगे बढ़ाने का संदेश दिया गया। मंच संचालन प्रभाकर सिंह ने किया। उन्होंने सम्मानित उद्यमियों को समाज के लिए प्रेरणास्रोत बताते हुए ‘गांव-शहर की एक पुकार, उद्यमिता और स्वरोजगार’ का संदेश दिया।
युवा शक्ति को उद्यमिता से जोड़ने की कवायद
कार्यक्रम में सीएसजेएमआईएफ के मुख्य कार्यकारी अधिकारी डॉ. दिव्यांश शुक्ला, प्रांत सह समन्वयक उपेंद्र त्रिपाठी, प्रांत सांस्कृतिक विभाग प्रमुख रश्मि सविता, विभाग संयोजक अमरदीप मिश्रा, कन्नौज युवा प्रमुख नितेश कुमार, संघर्षवाहिनी प्रमुख रमेश यादव, महानगर समन्वयक सीए सिद्धार्थ अग्रवाल, सह समन्वयक अक्षय मिश्रा, शोभित मिश्रा और उत्तर जिला संयोजक अमोल मिश्रा समेत बड़ी संख्या में युवा और कार्यकर्ता मौजूद रहे। धन्यवाद ज्ञापन प्रांत सह संयोजक केशव बाजपेई ने किया।

