- अवकाश में घर आने-जाने वाले पात्र छात्रों को रेलवे रियायत, विश्वविद्यालय पहली बार जारी करेगा कंसेशन प्रमाण पत्र, लंबी दूरी के विद्यार्थियों को मिलेगा सीधा लाभ
भारत 19
कानपुर। छत्रपति शाहू जी महाराज विश्वविद्यालय (CSJMU) के विद्यार्थियों के लिए रेल यात्रा अब कुछ कम खर्चीली होगी। विश्वविद्यालय प्रशासन ने पहली बार विद्यार्थियों को रेलवे रियायत दिलाने की प्रक्रिया शुरू की है। इसके तहत अवकाश में घर आने-जाने के लिए पात्र विद्यार्थियों को विश्वविद्यालय की ओर से रेलवे रियायत प्रमाण पत्र जारी किया जाएगा। दूसरे जिलों और राज्यों से कानपुर आकर पढ़ाई करने वाले छात्रों को इसका लाभ मिलेगा।
लंबी दूरी के विद्यार्थियों को ज्यादा राहत
CSJMU में उत्तर प्रदेश के अलग-अलग जिलों के अलावा देश के विभिन्न हिस्सों से विद्यार्थी पढ़ाई करने आते हैं। छुट्टियों में घर लौटने और फिर विश्वविद्यालय आने के दौरान लंबी दूरी की यात्रा पर उनका खर्च बढ़ जाता है। रेल यात्रा में रियायत मिलने से ऐसे विद्यार्थियों को आने-जाने के खर्च में राहत मिल सकती है। इसका विशेष लाभ उन छात्रों को होगा, जिनका गृह नगर या परिवार कानपुर से काफी दूर है।
पात्र छात्रों को मिलेगा रियायत प्रमाण पत्र
रेलवे रियायत का लाभ लेने के लिए विद्यार्थियों को विश्वविद्यालय की निर्धारित प्रक्रिया के तहत आवेदन करना होगा। विश्वविद्यालय पात्रता, जरूरी दस्तावेज और आवेदन से जुड़े दिशा-निर्देश जारी करेगा। प्रक्रिया पूरी होने के बाद पात्र विद्यार्थियों को रेलवे रियायत प्रमाण पत्र उपलब्ध कराया जाएगा। इसके आधार पर वे रेलवे के लागू नियमों और शर्तों के अनुसार यात्रा में निर्धारित रियायत का लाभ ले सकेंगे।
कई प्रमुख पाठ्यक्रमों में पढ़ते हैं हजारों विद्यार्थी
CSJMU परिसर में बीटेक, एमबीए, एमसीए, हेल्थ साइंस, लाइफ साइंस और होटल एंड टूरिज्म मैनेजमेंट समेत कई पाठ्यक्रम संचालित हैं। विश्वविद्यालय में शोध गतिविधियां भी होती हैं और बड़ी संख्या में विद्यार्थी विभिन्न जिलों तथा राज्यों से यहां अध्ययन के लिए आते हैं। ऐसे विद्यार्थियों के लिए छुट्टियों में घर जाना नियमित जरूरत है। रेलवे रियायत की सुविधा से विश्वविद्यालय और परिवार के बीच उनका आवागमन कम खर्च में हो सकेगा। विश्वविद्यालय प्रशासन का कहना है कि गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के साथ विद्यार्थियों को उनकी व्यावहारिक जरूरतों से जुड़ी सुविधाएं उपलब्ध कराना भी संस्थान की जिम्मेदारी है। रेलवे कंसेशन की पहल इसी दिशा में उठाया गया कदम है।


