चंद्रनगर के आरोग्य क्लीनिक में लगा शिविर; टीबी जागरूकता के साथ ब्लड टेस्ट, एक्स-रे, ईसीजी, आंख, शुगर और बीपी की जांच हुई
भारत 19/ कानपुर। छत्रपति शाहूजी महाराज विश्वविद्यालय (CSJMU) के सहयोग और राष्ट्रीय क्षय उन्मूलन कार्यक्रम, कानपुर नगर के तहत चंद्रनगर स्थित आरोग्य क्लीनिक में बुधवार को निःशुल्क स्वास्थ्य जांच एवं दवा वितरण शिविर लगाया गया। इसमें करीब 120 लोगों का स्वास्थ्य परीक्षण किया गया। जांच के बाद जरूरतमंदों को दवाएं और चिकित्सकीय सलाह भी दी गई।
टीबी के लक्षणों को लेकर किया जागरूक
शिविर में लोगों को टीबी के लक्षण, बचाव, जांच और उपचार की जानकारी दी गई। चिकित्सकों ने लंबे समय तक खांसी, बुखार, वजन कम होने और रात में पसीना आने जैसे संकेतों को नजरअंदाज नहीं करने की सलाह दी। समय पर जांच और पूरा उपचार लेने पर टीबी के इलाज की जानकारी भी दी गई।
एक ही शिविर में कई जरूरी जांचें
स्वास्थ्य परीक्षण के दौरान सीबीसी, हीमोग्लोबिन, छाती का एक्स-रे, ईसीजी, रक्तचाप और मधुमेह की जांच की गई। इसके अलावा लंबाई-वजन और पोषण स्थिति का आकलन किया गया। नेत्र परीक्षण में निकट और दूर की दृष्टि जांचने के साथ जरूरत के अनुसार चश्मे की पावर भी निर्धारित की गई। फिजियोथेरेपी परीक्षण के दौरान बढ़ती उम्र में होने वाली शारीरिक समस्याओं से बचाव के तरीके बताए गए। विशेषज्ञों ने नियमित व्यायाम और शरीर को सक्रिय रखने की सलाह दी, ताकि दैनिक गतिविधियों में परेशानी कम हो।
कुलपति ने व्यवस्थाओं का लिया जायजा
सीएसजेएमयू के कुलपति प्रो. विनय कुमार पाठक ने शिविर का निरीक्षण कर जांच और चिकित्सा व्यवस्थाओं की जानकारी ली। उन्होंने चिकित्सकों, स्वास्थ्यकर्मियों, विद्यार्थियों और आयोजन से जुड़े लोगों का उत्साहवर्धन किया। उन्होंने कहा कि टीबी उन्मूलन के लिए समाज के हर वर्ग की भागीदारी जरूरी है।
वरिष्ठ आयुर्वेदाचार्य एवं नीमा फोरम, कानपुर नगर की सचिव डॉ. वंदना पाठक ने कहा कि टीबी गंभीर बीमारी है, लेकिन समय पर जांच और चिकित्सकीय सलाह के अनुसार पूरा उपचार लेने से इससे निपटा जा सकता है। उन्होंने लक्षण दिखाई देने पर जांच कराने और दवा बीच में न छोड़ने की अपील की। शिविर में स्कूल ऑफ हेल्थ साइंसेज के निदेशक प्रो. डॉ. मुनीश रस्तोगी, जिला क्षय अधिकारी डॉ. सुबोध प्रकाश समेत चिकित्सक, स्वास्थ्यकर्मी और विद्यार्थी मौजूद रहे।


