- 16 से 30 नवंबर तक स्वगणना का मौका; एक दिसंबर से चार जनवरी तक घर-घर पहुंचेंगे कर्मचारी, 40 सवालों के जवाब देने होंगे, किसी दस्तावेज की जरूरत नहीं
भारत 19
कानपुर। जनगणना 2027 के दूसरे चरण में कानपुर के लोगों को अपनी जानकारी खुद दर्ज कराने का विकल्प मिलेगा। 16 से 30 नवंबर तक स्वगणना की सुविधा उपलब्ध रहेगी। इसके बाद एक दिसंबर 2026 से चार जनवरी 2027 तक प्रगणक घर-घर पहुंचेंगे। इस दौरान प्रत्येक व्यक्ति से 40 सवाल पूछे जाएंगे, लेकिन जानकारी दर्ज कराने के लिए कोई दस्तावेज न तो देना होगा और न ही कर्मचारी मांग सकेंगे।
पहले स्वगणना, फिर घर-घर सत्यापन
दूसरे चरण की प्रक्रिया में नागरिक निर्धारित अवधि के दौरान डिजिटल माध्यम से अपनी जानकारी स्वयं दर्ज कर सकेंगे। इसके बाद प्रगणक घर-घर जाकर निर्धारित प्रक्रिया पूरी करेंगे। इस व्यवस्था से लोगों को अपनी जानकारी पहले से दर्ज करने का अवसर मिलेगा और बाद में घर पर होने वाली प्रक्रिया में भी सहयोग किया जा सकेगा। इस चरण में प्रत्येक व्यक्ति से जनसांख्यिकीय, सामाजिक-आर्थिक, शैक्षणिक और प्रवास समेत अन्य निर्धारित विवरण लिए जाएंगे। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि इसके लिए प्रमाणपत्र या किसी अन्य दस्तावेज की जरूरत नहीं है। यानी लोगों को सवालों के जवाब देने होंगे, लेकिन दस्तावेज दिखाने की बाध्यता नहीं होगी।
डिजिटल माध्यम से होगी पूरी प्रक्रिया
जनगणना का दूसरा चरण डिजिटल माध्यम से कराया जाएगा। स्वगणना की सुविधा के जरिए नागरिक निर्धारित समय में ऑनलाइन अपनी जानकारी दर्ज कर सकेंगे। इसके बाद घर-घर पहुंचने वाले प्रगणक निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार विवरण एकत्र करेंगे। लोगों को इस प्रक्रिया की जानकारी देने के लिए व्यापक प्रचार-प्रसार भी कराया जाएगा।
15 अक्टूबर तक पूरा करना होगा प्रशिक्षण
जिलाधिकारी जितेंद्र प्रताप सिंह की अध्यक्षता में मंगलवार को जनपद स्तरीय जनगणना समन्वय समिति (डीएलसीसीसी) की पहली बैठक हुई। इसमें दूसरे चरण की तैयारियों की समीक्षा की गई। जिलाधिकारी ने ईबी स्प्लिट, फील्ड ट्रेनर और सुपरवाइजरों के प्रशिक्षण समेत सभी तैयारियां समय से पूरी करने के निर्देश दिए। 15 अक्टूबर तक फील्ड ट्रेनर, चार्ज ऑफिसर, अधिकारियों और प्रशिक्षकों का प्रशिक्षण पूरा करने को कहा गया।
सही आंकड़ों से तय होंगी विकास की प्राथमिकताएं
जिलाधिकारी ने कहा कि जनगणना से प्राप्त आंकड़े विकास योजनाओं, संसाधनों के बेहतर नियोजन और भविष्य की नीतियों के लिए महत्वपूर्ण आधार होते हैं। इसलिए हर व्यक्ति की सही जानकारी दर्ज होना जरूरी है। उन्होंने नागरिकों से स्वगणना की सुविधा का अधिक से अधिक इस्तेमाल करने और पूरी प्रक्रिया में सक्रिय भागीदारी की अपील की।
अधिकारियों को दी गई प्रक्रिया की जानकारी
सहायक निदेशक दिनेश कुमार यादव और सहायक जिला प्रभारी हिमांशु शुक्ला ने अधिकारियों को दूसरे चरण की प्रक्रिया, स्वगणना, प्रशिक्षण और अन्य तैयारियों के बारे में जानकारी दी। बैठक में मुख्य विकास अधिकारी अभिनव जे. जैन, अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) डॉ. विवेक चतुर्वेदी, सभी उप जिलाधिकारी, चार्ज अधिकारी, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी, जिला पंचायत राज अधिकारी, खंड शिक्षा अधिकारी, जिला अर्थ एवं संख्या अधिकारी और जिला विद्यालय निरीक्षक समेत समिति के सदस्य मौजूद रहे।
जरूरी तारीखें
16–30 नवंबर 2026: स्वगणना
1 दिसंबर 2026–4 जनवरी 2027: घर-घर जनसंख्या गणना
15 अक्टूबर 2026 तक: संबंधित अधिकारियों और प्रशिक्षकों का प्रशिक्षण
कुल सवाल: 40
दस्तावेज: आवश्यक नहीं


