– शंभूपुर में महामृत्युंजय जाप के दौरान आधार कार्ड मांगने पर बढ़ा विवाद; पत्नी बबीता और पुजारी महेंद्र पाठक-अखिलेश मिश्रा की गोली मारकर हत्या के बाद तीन बच्चों को बनाया बंधक, करीब आठ घंटे बाद पुलिस ऑपरेशन में अरविंद और उसके बेटे की मौत
भारत 19
आजमगढ़ के अहरौला थाना क्षेत्र के शंभूपुर गांव में मंगलवार शाम पूजा के दौरान शुरू हुआ विवाद कुछ ही देर में खूनी वारदात और बंधक संकट में बदल गया। अरविंद सिंह ने अपनी पत्नी बबीता सिंह और पूजा करा रहे पुजारी महेंद्र पाठक व अखिलेश मिश्रा को गोली मार दी। इसके बाद वह अपने तीन बच्चों को लेकर घर के भीतर बंद हो गया। करीब आठ घंटे तक चले घटनाक्रम के बाद पुलिस ने स्टन ग्रेनेड और टियर गैस का इस्तेमाल कर घर में प्रवेश किया। पुलिस की जवाबी कार्रवाई में अरविंद घायल हुआ और अस्पताल में उसकी मौत हो गई। गोली लगने से घायल उसके बेटे की भी इलाज के दौरान मौत हो गई, जबकि दो अन्य बच्चों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया।
महामृत्युंजय जाप के दौरान बढ़ा विवाद
परिवार के मुताबिक, अरविंद के घर में करीब तीन दिन से महामृत्युंजय जाप चल रहा था। उसकी पत्नी बबीता तीन पुजारियों के साथ अनुष्ठान करा रही थीं। परिवार का कहना है कि अरविंद को लेकर ‘साये’ की आशंका के चलते पूजा कराई जा रही थी। मंगलवार शाम अरविंद घर लौटा तो उसने पूजा करा रहे पुजारियों से सवाल-जवाब शुरू किए। इसी दौरान उसने उनके आधार कार्ड मांगने की बात सामने आई। बातचीत बढ़ने के बाद फायरिंग हुई। इसमें बबीता, महेंद्र पाठक और अखिलेश मिश्रा की मौत हो गई, जबकि पूजा में शामिल एक अन्य पुजारी वहां से निकल गया।
तीन बच्चों के साथ कमरे में बंद हो गया अरविंद
फायरिंग के बाद अरविंद तीनों बच्चों को लेकर घर के एक कमरे में चला गया। पुलिस ने मकान को घेर लिया और बच्चों की सुरक्षित रिहाई के लिए उससे बातचीत शुरू की। करीब सात घंटे तक पुलिस उससे आत्मसमर्पण के लिए बातचीत करती रही। इसी दौरान घर के भीतर से गोली चलने की आवाज आई। पुलिस के मुताबिक, अरविंद ने अपने बेटे को गोली मार दी। इसके बाद बच्चों की जान को तत्काल खतरा देखते हुए पुलिस ने रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया।
स्टन ग्रेनेड और टियर गैस से हुई एंट्री
पुलिस टीम ने स्टन ग्रेनेड और टियर गैस का इस्तेमाल कर कमरे में प्रवेश किया। पुलिस के अनुसार, अंदर अरविंद ने टीम पर भी फायरिंग की, जिसके बाद जवाबी कार्रवाई की गई। गोली लगने से अरविंद और उसका बेटा घायल हुए। दोनों को अस्पताल ले जाया गया, जहां उपचार के दौरान उनकी मौत हो गई। पुलिस ने बाकी दोनों बच्चों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया।
2018 में भाई की हत्या के बाद बदला था व्यवहार
हत्याकांड की पृष्ठभूमि में अरविंद के बड़े भाई सुनील सिंह की हत्या का मामला भी सामने आया है। बचपन के दोस्त आशुतोष सिंह के मुताबिक, 2018 में भाई की हत्या के बाद अरविंद के व्यवहार में बदलाव आया था। वह लोगों से दूरी बनाने लगा था और पूजा-पाठ से भी चिढ़ने लगा था। आशुतोष ने यह भी दावा किया कि अरविंद कई लोगों पर शक करने लगा था। उसके नशे के सेवन को लेकर भी दोस्त ने जानकारी दी है। ये बातें दोस्त के बयान पर आधारित हैं और इन्हें पुलिस या किसी चिकित्सकीय निष्कर्ष के तौर पर नहीं देखा जा सकता।
वारदात में इस्तेमाल रिवॉल्वर भी भाई की थी
परिवार के मुताबिक, मंगलवार की फायरिंग में इस्तेमाल रिवॉल्वर अरविंद के दिवंगत भाई सुनील सिंह की थी। परिवार का कहना है कि सुनील की मौत के बाद यह हथियार अरविंद को मिला था। हथियार के लाइसेंस, स्वामित्व और वारदात में इस्तेमाल से जुड़े पहलुओं की पुष्टि पुलिस जांच और फोरेंसिक साक्ष्यों से होगी।
2018 की घटना से क्या है कनेक्शन
फिलहाल मामले में महामृत्युंजय जाप, पूजा को लेकर अरविंद की आपत्ति, भाई सुनील की पुरानी हत्या और उसके बाद उसके व्यवहार में आए बदलाव की कड़ियां सामने आई हैं। परिवार और दोस्त ने इन घटनाओं को जोड़कर कई बातें बताई हैं, लेकिन पुरानी घटना और मंगलवार के हत्याकांड के बीच सीधा संबंध जांच से ही स्पष्ट होगा। पुलिस अब वारदात के क्रम, इस्तेमाल किए गए हथियार, फायरिंग और बंधक संकट के दौरान हुई घटनाओं के साक्ष्य जुटा रही है।


