- अंतर-परिसर चयन ट्रायल में खिलाड़ियों ने दिखाया दम, इंडियन राउंड के बालक वर्ग में तीन, बालिका वर्ग में चार और कम्पाउंड राउंड में दो खिलाड़ियों का चयन, अब अंतर-महाविद्यालय प्रतियोगिता में करेंगे विश्वविद्यालय का प्रतिनिधित्व
भारत 19/ कानपुर। लक्ष्य पर सटीक निशाना लगाने के साथ एकाग्रता और धैर्य का प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों ने छत्रपति शाहू जी महाराज विश्वविद्यालय (सीएसजेएमयू) की तीरंदाजी टीम में जगह बनाई है। विश्वविद्यालय में आयोजित अंतर-परिसर तीरंदाजी प्रतियोगिता एवं चयन ट्रायल के आधार पर आगामी अंतर-महाविद्यालय तीरंदाजी प्रतियोगिता के लिए टीम का चयन किया गया। प्रतियोगिता में विभिन्न परिसरों और पाठ्यक्रमों के छात्र-छात्राओं ने हिस्सा लिया।
इंडियन राउंड में सात खिलाड़ियों ने बनाई जगह
इंडियन राउंड के बालक वर्ग में हिमांशु, हिरण्य और आयुष मिश्रा का चयन हुआ। बालिका वर्ग में खुशी साहनी, प्रगति शर्मा, अजीमा पाल और वंदना पाण्डेय ने टीम में जगह बनाई। वहीं कम्पाउंड राउंड के बालक वर्ग में वीरेन्द्र कुमार और रॉबिन का चयन किया गया। चयन ट्रायल के दौरान खिलाड़ियों के बीच लक्ष्य पर सटीक निशाना लगाने के साथ एकाग्रता और अनुशासन की भी परीक्षा हुई। खिलाड़ियों ने बेहतर प्रदर्शन करते हुए विश्वविद्यालय की टीम में जगह बनाने के लिए अपनी दावेदारी पेश की।
अब अंतर-महाविद्यालय प्रतियोगिता में दिखेगा दम
चयनित खिलाड़ी आगामी अंतर-महाविद्यालय तीरंदाजी प्रतियोगिता में सीएसजेएमयू का प्रतिनिधित्व करेंगे। विश्वविद्यालय के अधिकारियों और प्रशिक्षक ने चयनित खिलाड़ियों के प्रदर्शन की सराहना करते हुए उन्हें प्रतियोगिता के लिए शुभकामनाएं दीं।
शारीरिक शिक्षा विभाग ने कराया चयन ट्रायल
कुलपति प्रो. विनय कुमार पाठक के प्रेरणा और मार्गदर्शन में शारीरिक शिक्षा विभाग की ओर से अंतर-परिसर तीरंदाजी प्रतियोगिता एवं चयन ट्रायल आयोजित किया गया। प्रतियोगिता का उद्घाटन शारीरिक शिक्षा विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. प्रभाकर पाण्डेय ने किया। इस दौरान स्पोर्ट्स सेक्रेटरी शुभम हजरिया और जॉइंट सेक्रेटरी सौरभ तिवारी मौजूद रहे। प्रतियोगिता का संचालन और तकनीकी पर्यवेक्षण तीरंदाजी प्रशिक्षक प्रभात कुमार की देखरेख में हुआ। समापन अवसर पर चयनित खिलाड़ियों को सम्मानित भी किया गया।
तीरंदाजी से एकाग्रता और आत्मविश्वास मजबूत
विश्वविद्यालय के अधिकारियों और प्रशिक्षक ने कहा कि तीरंदाजी केवल निशानेबाजी का खेल नहीं है, बल्कि यह खिलाड़ियों में एकाग्रता, धैर्य, आत्मविश्वास और मानसिक दृढ़ता को भी मजबूत करता है। चयनित खिलाड़ियों से आगामी अंतर-महाविद्यालय प्रतियोगिता में बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद जताई गई।

