Hot Topics

IIT कानपुर में निखरेंगे गांवों के सरकारी स्कूलों के शिक्षक

  • 100 से अधिक स्कूलों के शिक्षकों को तीन दिवसीय प्रशिक्षण; पाठ योजना, गतिविधि आधारित शिक्षण और विद्यार्थी-केंद्रित कक्षा संचालन के गुर सीखेंगे, स्मार्ट कक्षाओं से ग्रामीण विद्यार्थियों तक पहुंचेगी IIT की पढ़ाई

भारत 19/ कानपुर। गांवों के सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों की पढ़ाई को बेहतर बनाने के लिए अब शिक्षकों के प्रशिक्षण पर भी जोर दिया जा रहा है। भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान कानपुर (IIT कानपुर) के रंजीत सिंह रोजी शिक्षा केंद्र (RSK) में ऑनलाइन रूरल एजुकेशन इनिशिएटिव (OREI) से जुड़े सरकारी माध्यमिक विद्यालयों के शिक्षकों के लिए तीन दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। इसमें 100 से अधिक विद्यालयों के शिक्षक, शिक्षा विभाग के अधिकारी और IIT कानपुर के छात्र स्वयंसेवक शामिल हुए।

स्मार्ट कक्षाओं से गांवों तक पहुंचेगी IIT की पढ़ाई

प्रशिक्षण में शिक्षकों को सिर्फ विषय पढ़ाने के तरीके ही नहीं बताए गए, बल्कि पाठ को बच्चों के लिए आसान और रुचिकर बनाने पर भी जोर रहा। पाठ योजना तैयार करने, गतिविधि आधारित शिक्षण और विद्यार्थी-केंद्रित कक्षा संचालन के तरीकों पर शिक्षकों को प्रशिक्षित किया गया। OREI के तहत ग्रामीण क्षेत्रों के विद्यालयों को स्मार्ट कक्षाओं से जोड़कर विज्ञान और गणित की लाइव कक्षाएं उपलब्ध कराई जाती हैं। IIT कानपुर के स्नातकोत्तर और पीएचडी विद्यार्थी स्वयंसेवक के रूप में इन कक्षाओं में शिक्षण कार्य करते हैं। इस पहल का मकसद ग्रामीण विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षणिक संसाधनों और गुणवत्तापूर्ण शिक्षण से जोड़ना है। IIT के छात्र स्वयंसेवक स्कूल के विद्यार्थियों के साथ सीधे शिक्षण गतिविधियों में शामिल होते हैं।

शिक्षक और IIT छात्र मिलकर बना रहे पाठ योजना

रंजीत सिंह रोजी शिक्षा केंद्र की प्रोजेक्ट एग्जीक्यूटिव ऑफिसर रीता सिंह ने बताया कि प्रत्येक शैक्षणिक सत्र में दो शिक्षक प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं। इनमें स्कूल शिक्षक और IIT के छात्र स्वयंसेवक मिलकर पाठ की योजना बनाते हैं और कक्षा में पढ़ाने के अनुभव साझा करते हैं। इस दौरान शिक्षकों को यह समझाने पर जोर दिया गया कि किसी विषय को बच्चों के सामने किस तरह सरल तरीके से रखा जाए और उन्हें पढ़ाई में सक्रिय रूप से कैसे जोड़ा जाए।

प्रयोग और गतिविधियों से कठिन विषय होंगे आसान

OREI परियोजना पिछले पांच वर्षों से प्रो. सुधांशु एस. सिंह के मार्गदर्शन में संचालित हो रही है। प्रशिक्षण के दौरान प्रो. आदित्य केलकर ने अपने शिक्षण तरीकों का प्रदर्शन किया। उन्होंने प्रयोगों और गतिविधियों के माध्यम से कठिन विषयों को सरल बनाने पर जोर दिया। विनीता अग्रवाल ने प्रभावी पाठ योजना और गतिविधि आधारित शिक्षण के बारे में प्रशिक्षण दिया। श्री राम जानकी इंटर कॉलेज, बिठूर के विद्यार्थियों ने रीडिंग गतिविधि के जरिए पिनकोड की अवधारणा समझी। गतिविधि के माध्यम से सीखने के इस तरीके ने विद्यार्थियों की सक्रिय भागीदारी को भी सामने रखा।

कक्षा को बच्चों के लिए आसान बनाने पर जोर

समग्र शिक्षा माध्यमिक के संयुक्त निदेशक विवेक नौटियाल ने शिक्षण पद्धतियों को मजबूत बनाने और विद्यार्थियों के लिए बेहतर सीखने के अवसर तैयार करने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों को विषय आसानी से समझ आए, इसके लिए शिक्षकों को भी कक्षा में पढ़ाने के तरीकों को लगातार बेहतर बनाने की जरूरत है। प्रशिक्षण के दौरान शिक्षकों और IIT के छात्र स्वयंसेवकों के बीच फीडबैक और अनुभव भी साझा किए गए। इससे कक्षा में आने वाली व्यावहारिक चुनौतियों और उन्हें बेहतर शिक्षण गतिविधियों के जरिए दूर करने के तरीकों पर चर्चा हुई।

Tags :

Bharat 19 News

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Recent News